हनुमान बेनीवाल ने CM गहलोत को बताया खरीद फरोख्त का स्क्रिप्ट राइटर, कहा- पायलट को बना रहे खलनायक

हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए प्रदेश सरकार पर जुबानी हमला किया, तो वहीं गहलोत के बयान को आधार बनाकर इसे गहलोत और पूर्व सीएम राजे के आपसी तालमेल का हिस्सा तक बता दिया.
Hanuman Beniwal told CM Gehlot the script writer, हनुमान बेनीवाल ने CM गहलोत को बताया खरीद फरोख्त का स्क्रिप्ट राइटर, कहा- पायलट को बना रहे खलनायक

राजस्थान (Rajasthan) में विधायकों की खरीद-फरोख्त के कथित मामले में टेप रिकॉर्डिंग के आधार पर हुई गिरफ्तारी को लेकर सियासत गर्म हो गई है. अब नागौर सांसद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) पर हमलावर हो गए हैं.

इस मामले में मुख्यमंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों को RLSP संयोजक और सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने मनगढ़ंत कहानी करार दिया है. हनुमान बेनीवाल ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए प्रदेश सरकार पर जुबानी हमला किया, तो वहीं गहलोत के बयान को आधार बनाकर इसे गहलोत और पूर्व सीएम राजे (Vasundhara Raje) के आपसी तालमेल का हिस्सा तक बता दिया.

बेनीवाल ने किया जुबानी हमला

बेनीवाल ने ट्वीट के जरिए कहा पिछली वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल के आखिरी महीने में तत्कालिक मुख्यमंत्री के भरोसेमंद अफसरों, जो SOG के मुखिया थे, उन्हें वर्तमान मुख्यमंत्री ने भी एसओजी की कमान दे दी है. जो अपने आप में गहलोत वसुंधरा राजे के गठजोड़ की कहानी को बयां करते हैं.

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बेनीवाल ने अपने ट्वीट में लोकायुक्त की एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि जब वैधानिक संस्था की सिफारिश पर मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता, तो निजी व्यक्तियों की बातचीत को आधार बनाकर सीएम और डिप्टी सीएम का नाम उल्लेखित करके कैसे मुकदमा दर्ज किया जा सकता है? बेनीवाल ने जनप्रतिनिधियों के फोन रिकॉर्डिंग की भी निंदा की.

ACB ने तीन विधायकों पर दर्ज किया मुकदमा

राजस्थान में कांग्रेस सरकार (Congress Government) को अस्थिर करने के मामले में जहां खरीद फरोख्त के आरोप में एसओजी ने दो कॉल रिकार्ड्स के आधार पर गिरफ्तार करके जांच शुरू कर दी है, तो वहीं एसीबी ने भी खरीद फरोख्त के मामले में तीन निर्दलीय विधायकों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिसका खुलासा शनिवार को हुआ. एसीबी ने महवा, जिला दौसा से विधायक ओमप्रकाश हुड़ला, किशनगढ़, जिला अजमेर से विधायक सुरेश टांक और पाली जिले में मारवाड़ जंक्शन से विधायक खुशवीर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरु कर दी है.

विधायकों से होगी पूछताछ

आरोप है कि इन तीनों विधायकों ने राज्यसभा चुनाव से पहले बांसवाड़ा में विधायकों से संपर्क किया था. उन्हें खरीद फरोख्त के लिए करोड़ों रुपए की रकम देने का प्रलोभन दिया था. अब एसीबी पीसी एक्ट के तहत इन विधायकों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए कभी भी बुला सकती है. हालांकि, तीनों विधायक इस बात से इनकार कर रहे हैं.

बिना पास के राजस्थान से नहीं आ सकते बाहर

उधर एक बार फिर से सरकार ने राजस्थान के सभी बॉर्डर को सील तो नहीं किया है, लेकिन अब लोग बिना पास के प्रदेश से बाहर नहीं जा सकेंगे. साथ ही सभी बॉर्डर पर तत्काल चेक पोस्ट बनाये जाने के आदेश भी दे दिए गए हैं. हालांकि, सरकार के ऑडर के मुताबिक कोरोना के बढ़ते मामलों को देख कर यह फैसला लिया गया, लेकिन सियासी जानकारों की मानें तो इस आदेश को भी सियासी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है.

क्या है पूरे सियासी घटनाक्रम की असल वजह?

दरअसल इस पुरे सियासी घटनाक्रम की असल वजह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) की आपसी लड़ाई को बताया जा रहा है. राजस्थान में आने वाले समय के अंदर राजनीतिक नियुक्ति और मंत्री मंडल विस्तार को लेकर गहलोत गुट और पायलट गुट आमने-सामने हो गए हैं.

पायलट खेमे के 10 विधायक पहुंचे दिल्ली

सूत्रों मुताबिक, पायलट गुट के करीब 10 से 12 विधायक दिल्ली भी पहुंच गए हैं. सूत्रों के अनुसार सभी विधायक रविवार को कांग्रेस आलाकमान से भी मिल सकते हैं. वहीं कांग्रेस के विधायक जितेंद्र सिंह ने बतया की शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निवास पर, जो बैठक हुई उसमें हमने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में आस्था जताते हुए समर्थन पत्र सौंपा है. हालांकि, गुड़गांव में बाड़े बंदी के सवाल पर जितेंद्र सिंह ने कहा कि करीब 10 विधायकों के दिल्ली में होने की जानकारी मिल रही है.

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