जिसके घर के सामने रुकी गाय, उसी को बताया मालिक: कोर्ट का अनोखा फैसला

गाय को दोनों ही पक्षों के घर से करीब 1 किलोमीटर दूर छोड़ दिया. गाय पर निगरानी करने के लिए एक अधिकारी को भी लगाया गया.

जयपुर: राजस्थान की जोधपुर अदालत में महानगर मजिस्ट्रेट ने शनिवार को एक गाय के मालिकाना हक को लेकर फैसला सुनाया. जज ने कॉन्स्टेबल ओमप्रकाश को गाय का मालिक माना. हालांकि, दूसरा पक्ष फैसले से काफी असहमत दिखा. दूसरे पक्षकार ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि वो इस मामले को ऊपरी अदालत में लेकर जाएंगे.

मजिस्ट्रेट ने इस मामले को सुलझाने के लिए जिस तरीके का इस्तेमाल किया, उसकी खूब चर्चा हो रही है. दरअसल, गाय को दोनों ही पक्षों के घर से करीब 1 किलोमीटर दूर छोड़ दिया. गाय पर निगरानी करने के लिए एक अधिकारी को भी लगाया गया. गाय वहां से घूमते-घूमते ओमप्रकाश के घर के पास जाकर रुक गई.

इसकी रिपोर्ट बनाकर कोर्ट में पेश की गई. कोर्ट ने इसी आधार पर ओमप्रकाश को गाय का असली मालिक माना और गाय सुपुर्द करने का आदेश दिया. इस फैसले से दोनों पक्षों में गर्मा-गर्मी शुरू हो गई. इस पर अधिकारी ने गाय को गौशाला भेज दिया.

ओमप्रकाश गाय को घर ले जाने के लिए गौशाला पहुंचे. श्याम सिंह परिहार भी गौशाला पहुंच गए. दोनों पक्षों के बीच बहस शूरू हो गई. श्याम गाय को ओमप्रकाश को ले जाने नहीं दे रहे थे. दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई. श्याम ने कोर्ट के आदेश को फाड़ दिया और कहा कि मैं इस आदेश को नहीं मानता हूं. पुलिस श्याम को हिरासत में लेकर थाने चली गई.

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