राजस्थान विधानसभा में पत्रकारों पर लगी पाबंदी, मीडियाकर्मी बोले ‘आपातकाल जैसे हालात’

राजस्थान में पत्रकार विधानसभा के अंदर किसी मंत्री से नहीं मिल पाएंगे और प्रतिपक्ष सहित विपक्ष के किसी भी नेता से नहीं मिल पाएंगे. विधानसभा के अंदर बनने वाले पास की संख्या भी कम कर दी है.

जयपुर: राजस्थान में कांग्रेस की सरकार आए महज कुछ ही महीने हुए हैं, लेकिन राजस्थान की 15 वीं विधाानसभा के दूसरे सत्र के पहले दिन पत्रकारों ने सरकार के खिलाफ विधानसभा में धरना दे दिया.

दरअसल विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने पत्रकारों पर पांबदी लगा दी है कि अब पत्रकार विधानसभा के अंदर न मंत्री से मिल पाएंगे न ही प्रतिपक्ष सहित विपक्ष के किसी भी नेता से मिल पाएंगे.

इतना ही नहीं अब विधानसभा के अंदर बनने वाले पास की संख्या में कमी कर दी है. वहीं इस मसले पर शुक्रवार को विधानसभा के अंदर पत्रकारों ने विरोध किया लेकिन सीपी जोशी ने साफ मना कर दिया और कहा अगर पत्रकार आते हैं तो उनका स्वागत है और अगर नहीं आते तो भी उनका स्वागत है.

पहले क्या था नियम

वहीं पहले पत्रकारों को नेता प्रतिपक्ष, मंत्रियों के कैमरे में न्यूज के लिये मिलने जाने पर कोई रोक नहीं थी, वही अब ये रोक लगा दी है. साथ ही पहले सभी मीडिया हाउस के 5 से 7 पास बनते थे. लेकिन अब कुछ चुनिंदा पत्रकारों के पास बनाये गए हैं.

वरिष्ठ पत्रकारों का क्या कहना है

वरिष्ठ पत्रकार सत्य पारीक ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी मनमानी कर रहे हैं. अपने आप को पार्टी से उपर समझ रहे हैं. पत्रकार सड़क पर आंदोलन करने को मजबूर हैं. हम अपना अधिकार लेकर रहेंगे.

विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. शुक्रवार को विधानसभा में जिक्र करते सत्य पारीक ने कहा लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार घटना है कि जब सत्ता पक्ष के संसदीय कार्य मंत्री से बहस करके विधानसभा अध्यक्ष खुद विरोध में सदन छोड़कर गये हो.

वहीं वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र राजे ने कहा सीपी जोशी ने आज बयान दिया है, पत्रकार विधानसभा आए तो स्वागत ,नहीं आए तो भी स्वागत इस बयान से लगता है कि सीपी जोशी लोकतंत्र के चौथे पिलर का कोई सम्मान नहीं करते हैं. उनका ये बयान बताता है कि उसी पार्टी की नीति को आगे बढ़ा रहे हैं जो उनकी पार्टी की नेता इंदिरा गांधी के कार्यकाल में 1975 में आपातकाल लगाया गया. तब भी मीडिया पर पांबदी लगा दी थी. ये उसी दिशा की ओर एक कदम है.