नहीं आ सका परिवार तो पड़ोसी मुसलमानों ने दिया अर्थी को कंधा, हिंदू रीति-रिवाज से किया अंतिम संस्कार

Lockdown के चलते राजेंद्र का परिवार गुजरात (Gujarat) से नहीं आ सका था. वहीं जयपुर (Jaipur) में उसके परिवार में मौसी के अलावा कोई पुरुष नहीं था तो आस-पास के अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े लोगों ने गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए उसका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से किया.
neighboring Muslims shouldered the bier of hindu man and performed the last rites, नहीं आ सका परिवार तो पड़ोसी मुसलमानों ने दिया अर्थी को कंधा, हिंदू रीति-रिवाज से किया अंतिम संस्कार

राजस्थान की राजधानी जयपुर इन दिनों कोरोनावायरस का हॉटस्पॉट बन गई है. अकेले जयपुर में अब तक वायरस से संक्रमित 370 से ज्यादा मामले सामने चुके हैं. ऐसे में जयपुर भट्टा बस्ती जो कोरोना का सेंटर बनी हुई है, वहां पर सोमवार को दिल छू लेने वाली तस्वीर सामने आई.

दरअसल बट्टा बस्ती इलाके में 22 वर्ष युवक राजेंद्र, जो गुजरात का रहने वाला है उसकी कैंसर के चलते मौत हो गई. आस-पास कोई हिंदू परिवार नहीं था, लिहाज मुस्लिम लोगों ने उसका अंतिम संस्कार किया.

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मुसलमानों ने पूरे हिंदू रीति रिवाज से राजेंद्र की अर्थी को कंधा दिया और ‘राम नाम सत्य’ बोलते हुए उसे श्मशान तक ले गए, जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया. गुजरात का रहने वाला राजेंद्र बागड़ी भट्टा बस्ती क्षेत्र में बजरंग नगर में रहता था. राजेंद्र अजमेर के पास पुराने कपड़े बेचने का काम करता था. कैंसर के इलाज के चलते उसकी आर्थिक हालात भी खराब हो गई थी.

लॉकडाउन के चलते राजेंद्र का परिवार गुजरात से नहीं आ सका था. वहीं जयपुर में उसके परिवार में मौसी के अलावा कोई पुरुष नहीं था तो आस-पास के अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े लोगों ने गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए उसका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से किया.

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