no fire act, राजस्थान में नहीं फायर एक्ट, दिल्ली जैसा कोई हादसा हो गया तो कौन होगा जिम्मेदार?
no fire act, राजस्थान में नहीं फायर एक्ट, दिल्ली जैसा कोई हादसा हो गया तो कौन होगा जिम्मेदार?

राजस्थान में नहीं फायर एक्ट, दिल्ली जैसा कोई हादसा हो गया तो कौन होगा जिम्मेदार?

राजस्थान में फायर एक्ट नहीं है, इस कारण एनबीसी के नियमों की पालना नहीं हो रही है,पूरे प्रदेश में अधिकतर फैक्ट्रियों के पास फायर की एनओसी नहीं है.
no fire act, राजस्थान में नहीं फायर एक्ट, दिल्ली जैसा कोई हादसा हो गया तो कौन होगा जिम्मेदार?

जयपुर: दिल्ली की रानी झांसी रोड पर हुए अग्निकांड में अब तक 43 लोगों की जान जा चुकी है. 15 से ज्यादा लोग घायल बताये जा रहे हैं. लेकिन दिल्ली के उपहार कांड जैसा हादसा राजस्थान में भी हो सकता है, क्योंकि राजस्थान में सरकार ने 1 साल से ज्यादा समय से फायर एक्ट लागू नहीं किया है. पूरे राजस्थान में कई हजार फैक्टियों के पास फायर एनओसी नहीं है, न ही फैक्ट्री में कोई फायर उपकरण लगे हैं. कोई हादसा हो गया तो जिम्मेदार कौन होगा?

बिना फायर एनओसी चल रही राजस्थान में कई फैक्ट्रियां

राजस्थान में फायर एक्ट नहीं होने के कारण कई हजारों की तादात में ऐसी फैक्ट्रियां और अन्य व्यवसायिक संस्थान है जिनके पास फायर की एनओसी नहीं है. अकेले जयपुर और उसके आस-पास करीब 5 हजार फैक्ट्रियां हैं जिनमें से करीब 200 से 250 फैक्ट्रियों के पास ही फायर की एनओसी है. जयपुर के आस-पास कई फैक्ट्रियां ऐसी हैं जिसके पास फायर उपकरण तक नहीं है.

सरकार ने अब तक क्यों दबा रखा है फायर एक्ट प्रस्ताव

राजस्थान में स्थानीय निकाय ने कई बार राजस्थान सरकार को फायर एक्ट बनाने के लिये पत्र लिख चुकी है लेकिन अब तक 1 साल से भी ज्यादा समय हो गया है राजस्थान में फायर एक्ट धरातल पर नहीं उतरा है. राजस्थान म्यूनिसिपल में नगर-निगम सहित किसी भी निकाय की फायर शाखा को सख्त एक्शन लेने के कोई अधिकार नहीं हैं. इसलिये राजस्थान में अधिकतर फैक्ट्रयों में फायर एनओसी नहीं है. अगर किसी फैक्ट्री फायर के उपकरण नहीं हो तो फैक्ट्री को सीज करना तो दूर, बिल्डिंग और भवन की जांच करने तक का नियम नहीं है.

सरकार जल्द लागू करेगी एनबीसी के तहत फायर की गाइडलाइन

राजस्थान सरकार के डीलबी निर्देशक उज्जवल राठौड़ ने बताया कि अभी राजस्थान सरकार कोई एक्ट तो नहीं बना रही है लेकिन सोमावार तक राजस्थान में फायर सेफ्टी के तहत नयी गाइड़लान जारी होगी.

राजस्थान सरकार गाइड़लान तो तैयार कर रही है लेकिन अब तक कोई फायर एक्ट नहीं बनाया गया है. जानकारों की मानें तो गाइड़लाइन इतनी प्रभावी नहीं होगी, जबकि पूरे देश के अधिकतर राज्यों का अपना फायर एक्ट है. राजस्थान में भी फायर एक्ट 2006 के अन्दर तैयार करके राज्य सरकार को भेजा दिया गया था लेकिन अब तक कई कैबिनेट बैठक होने बावजूद फायर एक्ट वैसा ही पड़ा है.

2013 के दौरान तत्कालीन गहलोत सरकार के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घोषणा की थी कि राजस्थान में एकीकृत फायर सर्विस लागू की जायेगी लेकिन आज तक इस पर क्रियान्वती नहीं हो सकती है.

दरअसल यूडीएच मंत्री धारिवाल ने उस समय इसका विरोध किया था, वो नहीं चाहते थे फायर का डिपार्टमेंट गृह मंत्री के डिपार्टमेंट में आ जाये. इस वजह से उस समय फायर एक्ट लागू नहीं हुआ. वहीं अब भी राजस्थान सरकार फायर के सेफ्टी गाइडलाइन तो तैयार कर रही है लेकिन फायर एक्ट नहीं. ऐसे में अगर कोई बड़ी घटना हो गयी तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?

no fire act, राजस्थान में नहीं फायर एक्ट, दिल्ली जैसा कोई हादसा हो गया तो कौन होगा जिम्मेदार?
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