गहलोत सरकार के ‘अबै घूंघट नी’ अभियान का विरोध, करणी सेना ने कहा- पहले बुर्का बंद कराओ

करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामड़ी ने कहा कि घूंघट एक प्रथा है हम महिलाओं से जबरदस्ती नहीं करवाते हैं.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने समाज में व्याप्त घूंघट प्रथा के खिलाफ मोर्चा खोला रखा है. कई जिलों में जिला कलेक्टर की ओर से अभियान चलाया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर राजपूत करणी सेना सरकार की इस मुहिम का विरोध कर रही है. करणी सेना की महिला विंग जल्द घूंघट में जिला स्तर पर जाकर कलेक्टर को इस अभियान के विरोध में ज्ञापन देंगी.

गहलोत को बंद करवाना है तो पहले बुर्का बंद करवाएं- सुखदेव गोगामड़ी

करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामड़ी ने कहा कि, ‘घूंघट एक प्रथा है हम महिलाओं से जबरदस्ती नहीं करवाते हैं. वो सिर्फ आखों की शर्म के लिए घूंघट लगाती हैं. जेठ, ससुर जहां होते है वहां पर महिलाएं घूंघट करती हैं.’

सुखदेव ने कहा, अशोक गहलोत को पर्दा हटाना है तो पहले मुस्लिम महिलाओं का बुर्का हटाओ. घूंघट लगाकर आज तक एक भी वारदात नहीं हुई है जबकि बुर्का पहनकर तो आतंकवादी गतिविधियां हुई हैं. इस देश में मुख्यमंत्री जी पहले बुर्का के खिलाफ अभियान चलाएं. सुखदेव गोगामड़ी ने गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि अशोक गहलोत आपको एक जननेता समझकर जनता ने वोट दिया है. इसका मतलब ये नहीं कि आप जब चाहो किसी भी महिला का घूंघट हटा दो. घूंघट हमारी आंखों की शर्म है. हमारे यहां सास-ससुर, जेठ के सामने महिलाएं घूंघट रखती हैं. इस घूंघट और हमारी संस्कृति को देखने के लिए विदेशी पर्यटक दूर-दूर से आते हैं.

करणी सेना का चैलेंज, पहले बुर्का हटाओ

करणी सेना चैलेंज करती है कि, किसी भी हालत में घूंघट प्रथा नहीं हटेगी. हटाना है तो पहले बुर्का हटाओ. सरकार जो मुहिम पूरे राजस्थान में चला रही है करणी सेना उसके विरोध में अभियान चलाएगी. करणी सेना महिला विंग की महिलाएं खुद घूंघट में जाकर पूरे राजस्थान के कलेक्टरों को ज्ञापन देंगी. कांग्रेस हम से हुई है हम कांग्रेस से नहीं हुए हैं. सर्वसमाज की महिलाओं को साथ लेकर में घूंघट के अंदर महिलाएं जल्द ज्ञापन देंगी हम देखते हैं कौन रोकता है हमें…

बता दें कि पिछले दिनों 7 जनवरी को बीकानेर जिले के अंदर जिला प्रशासन और महिला अधिकारिता विभाग द्वारा एक प्रेस नोट जारी किया गया, जिसके अंदर बीकानेर जिले को घूंघट मुक्त करने हेतु ‘अबै घूंघट नी’ अभियान का पोस्टर विमोचन जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम द्वारा किया गया. साथ ही कलेक्टर ने बैठक भी ली. इस बैठक के दौरान कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधी शामिल रहे.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले दिनों जिला कलेक्टर की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की थी, जिसके बाद उन्होंने करीब 22 दिशा-निर्देश जारी किए थे. जिसमें ये भी था कि कलेक्टर अपने क्षेत्रों में जाकर घूंघट प्रथा के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएंगे. अब कई जिला कलेक्टर इस तरह के जनजागरण अभियान चलाने की रूपरेखा बना रहे हैं लेकिन दूसरी ओर करणी सेना विरोध में खड़ी हो गयी है. राज्य सरकार इसे सामाजिक बुराई मानकर समाप्त करना चाहती है, तो करणी सेना इसे संस्कृति की पहचान बता रही है.