भीड़ के हाथों मारे गए पहलू खान के खिलाफ गौ तस्‍करी की चार्जशीट, बेटे ने कांग्रेस सरकार को कोसा

कांग्रेस के सत्‍ता में आने के कुछ दिन बाद ही, पिछले साल 30 दिसंबर को यह चार्जशीट तैयार की गई थी.

नई दिल्‍ली: दो साल पहले अलवर में लिंचिंग के जिस मामले ने पूरे देश को हिला दिया था, उस पहलू खान के खिलाफ राजस्‍थान सरकार ने चार्जशीट दाखिल की है. खान पर गो-तस्‍करी का आरोप लगाया गया है. डेरी चलाने वाले पहलू खान को 1 अप्रैल 2017 को बहरोड़ के पास गो-रक्षकों की एक भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था. चार्जशीट में उस पिक-अप ट्रक के मालिक का नाम भी दर्ज है, जिन्‍हें पशुओं को लाने-ले जाने के लिए इस्‍तेमाल किया गया.

कांग्रेस के सत्‍ता में आने के कुछ दिन बाद ही, पिछले साल 30 दिसंबर को यह चार्जशीट तैयार की गई थी. 29 मई 2019 को बहरोड़ के एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्‍ट्रेट की अदालत में चार्जशीट पेश की गई. इस चार्जशीट में पहलू खान और उनके बेटों पर राजस्थान गोवंशीय पशु (वध और अस्थायी प्रवासन या निर्यात पर प्रतिबंध) अधिनियम, 1995 और नियम, 1995 की धारा 5, 8 और 9 लगाई गई है.

खान के सबसे बड़े बेटे इरशाद (25) का नाम भी चार्जशीट में है. उसने द इंडियन एक्‍सप्रेस से बातचीत में कहा, “हमने गो-रक्षकों के हमले में अपने पिता को खो दिया और अब हमें गो-तस्‍कर बताया गया है. हमें उम्‍मीद थी कि राजस्‍थान की नई कांग्रेस सरकार हमारे खिलाफ दर्ज मुकदमे की समीक्षा कर उसे वापस ले लेगी मगर अब हमारे खिलाफ चार्जशीट फाइल कर दी गई है. हमने सरकार बदलने के बाद न्‍याय की उम्‍मीद लगाई थी पर ऐसा हुआ नहीं.”

इरशाद के छोटे भाई आरिफ को भी चार्जशीट में आरोपी बनाया गया है. पिछले साल, राज्‍य की तत्‍कालीन बीजेपी सरकार ने भी ऐसी ही चार्जशीट खान के सहयोगियों अज़मत और रफीक़ के खिलाफ दाखिल की थी. इन दोनों पर उसी भीड़ ने हमला किया था जिसने ट्रक ड्राइवर अर्जुन को निशाना बनाया.

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