‘आपका गृह मंत्रालय क्या राज्यपाल की रक्षा नहीं कर सकता?’ कलराज मिश्र का सीएम गहलोत को पत्र

राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) ने कहा है कि संवैधानिक मर्यादा से ऊपर कोई नहीं होता है. किसी भी प्रकार की दबाव की राजनीति प्रदेश में नहीं होनी चाहिए.
Kalraj Mishra letter to CM Ashok Gehlot, ‘आपका गृह मंत्रालय क्या राज्यपाल की रक्षा नहीं कर सकता?’ कलराज मिश्र का सीएम गहलोत को पत्र

राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) ने सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को एक पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने कहा, “इससे पहले की मैं विधानसभा सत्र बुलाने पर विशेषज्ञों से चर्चा कर पाऊं, उससे पहले ही आपने सार्वजनिक रूप से कह दिया कि यदि आज राजभवन का घेराव होता है, तो आप की जिम्मेदारी नहीं है.

उन्होंने कहा, “आप और आपका गृह मंत्रालय राज्यपाल की रक्षा भी नहीं कर सकता है तो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति के संबंध में आपका क्या मंतव्य है?”

राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि संवैधानिक मर्यादा से ऊपर कोई नहीं होता है. किसी भी प्रकार की दबाव की राजनीति प्रदेश में नहीं होनी चाहिए. पढ़ें ये पूरा पत्र-

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Kalraj Mishra letter to CM Ashok Gehlot, ‘आपका गृह मंत्रालय क्या राज्यपाल की रक्षा नहीं कर सकता?’ कलराज मिश्र का सीएम गहलोत को पत्र

CM गहलोत ने राज्यपाल पर लगाया था ये आरोप

इससे पहले सीएम अशोक गहलोत कहा था, “उन्हें किसी के दबाव में नहीं आना चाहिए. नहीं तो अगर जनता राजभवन को घेरने के लिए आती है, तो हम जिम्मेदार नहीं होंगे.”

गहलोत ने आरोप लगाते हुए कहा था, “हमने गुरुवार को राज्यपाल को एक पत्र भेजा था जिसमें उनसे विधानसभा सत्र (Assembly Session) बुलाने की अपील की गई थी. हमें उम्मीद थी कि वे रात में आदेश जारी करेंगे, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है. वह केंद्र नेताओं के दबाव में यह आदेश नहीं दे रहे हैं.”

राज्यपाल सचिवालय ने जारी किया ये बयान

”राज्य सरकार के जरिए 23 जुलाई की रात को विधानसभा के सत्र को काफी कम नोटिस के साथ बुलाए जाने की पत्रावली पेश की गई. पत्रावली का एनालिसिस किया गया और कानून विशेषज्ञों से परामर्श लिया गया.

शॉर्ट नोटिस पर सत्र बुलाए जाने के लिए न तो कोई जस्टिफिकेशन दिया गया है और न ही कोई अजेंडा प्रस्तावित किया गया है. सामान्य प्रक्रिया में सत्र बुलाए जाने के लिए 21 दिन का नोटिस दिया जाना जरूरी होता है. राज्य सरकार को सभी विधायकों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करनी चाहिए.”

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