सोहराबुद्दीन को शूट किया फिर उसके नतीजे भुगतने पड़े, हैदराबाद एनकाउंटर पर बोले राजस्थान के मंत्री

हैदराबाद एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए राजस्थान के यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि आरोपी भाग रहे तो आप क्या कर रहे थे. आप खड़े थे...

हैदराबाद में दिशा केस के चारों आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को मुठभेड़ में मार गिराया. कुछ लोग इस एनकाउंटर से खुश हैं तो कुछ लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं. वहीं राजस्थान सरकार में मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, ”न्याय देना तो न्यायपालिका का काम है. शूट में तो जैसे सोहराबुद्दीन को शूट किया फिर उसके नतीजे भुगतने पड़े.”

शांति धारीवाल ने कहा, ”उनको गिरफ्तार कर न्यापालिका के सामने प्रस्तुत करना चाहिए था. पुलिस यही कहेगी मुल्जिम भाग रहा था. आरोपी भाग रहे तो आप क्या कर रहे थे. आप खड़े थे. मुल्जिम को पकड़कर उसकी ट्रायल होगी. जिसके बाद सजा मिलेगी. दुष्कर्म के आरोप पर फांसी की सजा है.”

साल 2005 का सोहराबुद्दीन एनकाउंटर

26 मार्च 2003 को गुजरात के गृहमंत्री हरेन पंड्या की गोली मारकर हत्या हुई थी. हत्या और उसकी साजिश रचने का आरोप सोहराबुद्दीन शेख पर था. घटना के बाद से वह फरार था. जबकि, उसका साथी तुलसी प्रजापति पकड़ा गया था. 2005 में अहमदाबाद में राजस्थान और गुजरात पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन करके सोहराबुद्दीन शेख को मार गिराया था. यह मामला बहुत चर्चाओं में रहा था.

वहीं उसके बाद उसके साथी तुलसी प्रजापति का भी एनकाउंटर कर दिया गया. 2007 में अहमदाबाद कोर्ट में पेशी पर ले जाते समय तुलसी को उसके साथी छुड़ाकर ले जाने आए थे. इसी दौरान हुई मुठभेड़ में तुलसी मारा गया था.

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