पाकिस्तान से बैरंग लौटी बारात, दूल्हे ने सरकार से की दुल्हन के लिए ये गुहार

तीनों दूल्हे सरकार से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द तीनों दुल्हनों को वीजा मिले जिससे दुल्हनें अपने ससुराल आ सकें.

जयपुर: भारत और पाकिस्तान के बीच तल्ख रिश्ते बाड़मेर-जैसलमेर की तीन दूल्हों पर भारी पड़े. तीनों दूल्हों की बारात बड़े उत्साह के साथ पाकिस्तान अमरकोट गई थी और वहां पर दूल्हे और दुल्हन जन्म जन्मांतर साथ रहने की कसमों के साथ विवाह सूत्र में बंध गए लेकिन जब बारात वापस भारत लौटी तो दुल्हनें पाकिस्तान में ही रह गईं.

ऐसे में इन नवविवाहितों का अपने सुहाग के साथ भारत लौटना वीजा नहीं मिलने के कारण सपना रह गया है. दूल्हे के रिश्तेदार दूल्हे और दुल्हन के आने की खुषी में स्वागत की तैयारियां कर रखीं थी. दुल्हन के नहीं आने से वो निराश हो गए हैं और सरकार से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द तीनों दुल्हनों को वीजा मिले जिससे दुल्हने अपने ससुराल आ सकें.

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बाड़मेर जिले के गडरारोड़ तहसील निवासी नवविवाहित महेन्द्रसिंह ने बताया, ‘मैं अपने रिश्तेदारों के साथ बारात लेकर थार एक्सप्रेस से गया और 16 अप्रैल को मेरी शादी छगनकंवर के साथ हिन्दू-रितिरिवाज से सम्पन्न हुई उसके बाद मेरे रिश्तेदारों ने मेरी पत्नी के वीजा के लिए आवेदन किया था लेकिन वीजा नहीं मिला.

वीजा के इंतजार में मैंने अपना दो बार वीजा भी बढ़ाया लेकिन वीजा नहीं मिलने के कारण मुझे मेरी पत्नी को छोड़कर भारत लौटना पड़ा. महेन्द्रसिंह के रिश्तेदार तखतसिंह के मुताबिक पाकिस्तान में सोढ़ा गौत्र के हिंदू रीति रिवाज के हिसाब से सोढा जाति की बेटियों को अपनी जाति में नहीं दे सकते लिहाजा यह परिवार अपनी बेटियों की शादी हिंदुस्तान में करते हैं.

महेंद्र सिंह के रिश्तेदार के अनुसार इस बात को लेकर बड़ा इंतजार था कि महेंद्र सिंह अपनी दुल्हन को लेकर आएगा लेकिन हमारे सारे अरमान धरे रह गए. सोढा जाति के लोगों को मजबूरन यहां पर शादी करनी पड़ती है क्योंकि वहां पर कोई और दूसरी जाति के लोग परिवार नहीं है.

पुलवामा आतंकी हमले के कारण टल चुकी शादी

महेंद्रसिंह और उसके परिजनों ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत-पाक के बीच तनाव के कारण 16 मार्च को होने वाली शादी स्थगित कर दी थी और 16 अप्रैल को पाकिस्तान को अमरकोट में महेंद्रसिंह की शादी छगनकंवर के साथ हिन्दू रिति-रिवाज से शादी संपन्न हुई उसके बाद अपनी दुल्हन को भारत ले जाने के लिए वीजा लगाया लेकिन वीजा नही मिला जिसके चलते महेंद्रसिंह ने अपनी दो बार वीजा भी बढ़ाई लेकिन अपनी पत्नी छगनकंवर को वीजा नहीं मिलने के कारण भारत साथ लेकर नहीं लौटा.

एक साथ तीन दुल्हने अटकी पाकिस्तान

बाड़मेर जिले के गडरा तहसील का एक दूल्हा और जैसलमेर जिले के बईया गांव के दो दूल्हे बारात लेकर थार एक्सप्रेस ट्रेन से पाकिस्तान के अमरकोट गये वहां पर तीनों दूल्हों ने पाकिस्तान की दुल्हनों के साथ शादी रचाई लेकिन वीजा नहीं मिलने के चक्कर में तीनों दूल्हों को बिना दुल्हन भारत वापस लौटाना पड़ा.

मोदी सरकार से कर रहे है मांग

महेंद्रसिंह के भाई नरपतसिंह के मुताबिक वीजा के लिए हम लोग दिल्ली गये वहां पर केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत से भी मिले उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द वीजा मिल जाएगा. नरपतसिंह ने बताया कि महेन्द्रसिंह अपने पत्नी छगनकंवर के साथ आने वाले थे और घर में खुशी का माहौल था जबसे पता चला है कि वीजा के कारण छगनकंवर आ नहीं सकती है तब से रिश्तेदारों को मायूस कर दिया है कि वीजा के कारण छगनकंवर अपने पति महेंद्रसिंह के साथ भारत लौट नहीं सकी. अब मोदी सरकार से एक ही मांग है की जल्द से जल्द वीजा दे जिससे दुल्हन को घर ला सके.