राजस्थान: जयपुर का रामगंज बना कोरोना वायरस का नया हॉटस्पॉट, जानें कब-कहां हुई चूक

जयपुर (Jaipur) के रामगंज के अंदर कोरोना (Coronavirus) का सबसे पहला मामला ओमान से आए शख्स में ​मिला था. पहले स्वास्थ्य विभाग ने उसकी जांच की थी तब उसमें कोरोना के लक्षण नहीं नजर आए थे. उसके बाद उसे घर के अन्दर ही क्वारंटीन रहने की लिए कहा गया था लेकिन वो माना नहीं.
Jaipur capital Rajasthan, राजस्थान: जयपुर का रामगंज बना कोरोना वायरस का नया हॉटस्पॉट, जानें कब-कहां हुई चूक

राजस्थान (Rajasthan) की राजधानी जयपुर (Jaipur) का रामगंज इलाका अब कोरोना (Coronavirus) के मरीजों का एपिसेंटर बनता जा रहा है. पूरे राजस्थान में जहां अब तक कोरोना के 413 मामले सामने आ चुके हैं, तो वहीं अकेले जयपुर के अन्दर 131 मरीज कोरोना पॉजिटिव मिले हैं.

अकेले जयपुर के रामगंज इलाके में 106 करोना पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं. पहले कर्फ्यू और कम्युनिटी संक्रमण की तरफ बढ़ता देख शहर में महाकर्फ्यू लगा दिया गया है.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

लगातार कोरोना मरीज आ रहे सामने

कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के चलते देश की पिंकसिंटी पर इन दिनों बुरी नजर लग गयी है. दरअसल, शहर में लागतार कोरोना संक्रमण के मरीज सामने आ रहे हैं. जयपुर शहर के पूरे परकोटे सहित आस-पास के कई थानों, क्षेत्रों में महाकर्फ्यू लगा दिया गया है.

वहीं, आज जयपुर में आज कोई मामला सामने नहीं आया लेकिन एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. दरअसल, बाड़मेर के धोरीमन्ना में कोरोना का मरीज सामने आया जो 6 अप्रैल को जयपुर के रामगंज इलाके से 600 किलोमीटर चलकर बाड़मेर पहुंच गया था.

इतना ​ही नहीं बल्कि अपने तीन साथियों के साथ ये प्रधानाचार्य बाड़मेर पहुंच जाता है. वहां जाकर उसकी जॉच रिपोर्ट के अन्दर कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट आती है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर किसने दी प्रधानचार्य को जयपुर से जाने की अनुमति? अगर अनुमति नहीं मिली तो फिर इतने किलोमिटर तक पुलिस दल क्या कर रहा था?

जयपुर में यहां मिला था पहला केस

जयपुर के रामगंज के अन्दर कोरोना का सबसे पहला मामला ओमान से आए शख्स में ​मिला था. पहले स्वास्थ्य विभाग ने उसकी जांच की थी तब उसमें कोरोना के लक्षण नहीं नजर आए थे. उसके बाद उसे घर के अन्दर ही क्वारंटीन रहने की लिए कहा गया था लेकिन वो माना नहीं.

ना ही पुलिस और प्रशासन ने उस पर ध्यान दिया तो वो बहार निकलता गया और संक्रमण फैलाता रहा. इस शख्स की वजह से करीब 80 से 90 लोग जिसमें उसके रिश्तेदार, मुहल्ले वाले और मिलने-जुलने वालों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है.

वहीं, रामगंज इलाके में 90 के बाद जो संख्या 106 से ऊपर आ रही है, वो सब जमाती हैं. पूरे रामगंज इलाके की जनंसख्या करीब 2 लाख 60 हजार से ज्यादा है. ऐसे इस सघन इलाके के अन्दर कौन किस-किस से मिला, इसके बारे चिकित्सा विभाग को पता लगाने में समस्या आ रही है. पूरे रामगंज इलाके में करीब 100 अतिरिक्त मेडिकल टीम घर-घर जाकर सर्वे कर रही है.

धीरे-धीरे बढ़ता ही गया आंकड़ा

गुलाबी नगरी में सबसे पहले 25 मार्च को ओमान से आए युवक को कोरोना पॉजिटिव पाया गया. इसके बाद तुरंत ​ही प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया.

इसके बाद 27 मार्च को जब आंकड़े ज्यादा बढ़ गये तो शहर के परकोटे सात थाना इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया. साथ ही किसी भी बहारी शख्स को परकोटे आने का रास्ता बंद कर दिया.

6 अप्रैल को परकोटे के साथ-साथ आर्दशनगर, लालकोठी और भट्टा बस्ती इलाके में भी कर्फ्यू लगा दिया गया. 7 अप्रैल को परकोटे में महाकर्फ्यू लगा दिया गया, जिसके बाद यहां जारी कई पास कैंसिल किए गए. सिर्फ अति आवश्यक सुविधाएं ही चालू रहेंगी.

बता दें कि निर्भया स्क्वायड की 40 टीमें कर्फ्यू क्षेत्र में रोजाना 12 घंटे लगातार अलग-अलग थाना इलाके में फ्लैग मार्च करके लोगों को घरों में रहने की अपील कर रही है. इसके अलावा कुछ टीमें शहर में वृद्वा आश्रम जाकर बुजुर्गों से हालचाल पूछ रही हैं, उनको किसी जरूरी चीज की जरूरत हो तो तुरंत व्यवस्था करवा रहे हैं.

देखिये परवाह देश की सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 10 बजे

Related Posts