नहीं रहा रणथंभोर का मशहूर बाघ वीरू बजरंग सिंह, 35 से ज्यादा घावों ने ली जान

वीरू की पिछले सप्ताह टैरेटरी को लेकर टी 42 फतेह से फाइट हो गई थी. आपसी लड़ाई में वीरू बुरी तरह से घायल हो गया था.

रणथंभोर का वीरू आखिरकार आज जिंदगी की जंग हार ही गया. आज के बाद रणथंभोर के जंगलों में वीरू की दहाड़ कभी सुनाई नही देगी. क्योंकि वीरू हमेशा के लिए शांत हो गया. वीरू मर चुका है. आज उसकी मौत हो गई.

वीरू की मौत की खबर के बाद रणथंभोर में मातम परसा हुवा है. वन अधिकारियों सहित वन्यजीव प्रेमी दुखी है. दरसल रणथंभोर के टाईगर टी 109 को वन्यजीव प्रेमी और वनाधिकारी वीरू के नाम से जानते है. वीरू की पिछले सप्ताह टैरेटरी को लेकर टी 42 फतेह से फाइट हो गई थी. आपसी लड़ाई में वीरू बुरी तरह से घायल हो गया था.

Rajsthani tiger veeru bajrang singh died, नहीं रहा रणथंभोर का मशहूर बाघ वीरू बजरंग सिंह, 35 से ज्यादा घावों ने ली जान

वीरू के शरीर पर 35 से भी अधिक घाव थे. वीरू के घायल होने पर वन विभाग द्वारा उसे ट्रंकुलाइज किया गया और उसका उपचार किया जा रहा था. मगर वीरू के घाव अधिक गहरे होने के कारण उनमें कीड़े पड़ गए और मवाद पड़ गई. चिकित्सको की लाख कोशिशों के बावजूद वीरू के घाव ठीक नही हो पा रहे थे और आखिरकार आज वीरू जिंदगी की जंग हार ही गया और उसकी मौत हो गई.

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वन विभाग और पशु चिकित्सको ने वीरू को बचाने की जी-तोड़ कोशिश की मगर वीरू नहीं बच सका. वीरू की मौत के साथ ही रणथंभोर में मातम छा गया. वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों में शोक की लहर फेल गई. लाडली का लाडला वीरू हमेशा के लिये इस दुनिया से चला गया. वीरू की मौत की खबर सुनने के साथ ही वन विभाग में हड़कंप सा मच गया और वन अधिकारी मौके पर पहुंचे गये. वीरू का अब पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जायेगा.