पायलट गुट के विधायक विश्वेंद्र सिंह की CM गहलोत को नसीहत, “वक्त पर देते ध्यान तो अल्पमत में न होती सरकार”

विश्वेंद्र सिंह (Vishwendra Singh) ने ट्वीट कर कहा, "मुख्यमंत्री जी अगर आप पिछले 18 माह में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं, प्रदेश की जनता के काम करते, तो न प्रदेश की जनता विरोध करती, न हम दिल्ली आते."
Sachin Pilot group MLA Vishwendra Singh, पायलट गुट के विधायक विश्वेंद्र सिंह की CM गहलोत को नसीहत, “वक्त पर देते ध्यान तो अल्पमत में न होती सरकार”

राजस्थान के सियासी घमासान (Rajasthan Political Crisis) के बीच सचिन पायलट (Sachin Pilot) गुट के विधायक विश्वेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को नसीहत दी है. उन्होंने कहा, “अगर वक्त पर ध्यान दे दिया होता तो आज सरकार अल्पमत में नहीं होती.”

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दरसअल विधायक विश्वेंद्र सिंह ने लगातार कई ट्वीट कर अशोक गहलोत पर बेहद ही तीखा जुबानी हमला बोला है.

“CM गहलोत ने 18 महीनों में नहीं ली कार्यक्रताओं की सुध”

विश्वेंद्र सिंह ने पहला ट्वीट करते हुए लिखा, “मुख्यमंत्री जी यदि आप पिछले 18 माह में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं, प्रदेश की जनता के काम करते, जो आज आप 5 स्टार होटल में बैठकर कर रहे हो, तो न प्रदेश की जनता विरोध करती, न सरकार अल्पमत में होती, न हम दिल्ली आते. हमें जनता ने चुना है. हम जनता की सुनेंगे. जनता ही हमारेलिए सर्वोपरि है.”

“काश आप पहले ध्यान देते तो हमें दिल्ली न आना पड़ता”

विश्वेंद्र सिंह ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, “आज जब सरकार अल्पमत में है, तब आपने पर्यटन विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान दिया. काश यह काम आप थोड़ा पहले कर देते गहलोत जी, तो ना यह सरकार अल्पमत में होती न हमें दिल्ली आना पड़ता. खैर…”

“हम भी जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं सीएम साहब”

विश्वेंद्र सिंह ने आगे लिखा, “हम भी जनता के द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं सीएम साहब! पिछले 18 माह से मैंने आपसे मिलकर व्यक्तिगत रूप से प्रदेश के लोगों और मेरे विभाग की समस्याओं के बारे में बार-बार अवगत कराया, लेकिन आपने इस और कोई ध्यान नहीं दिया, आखिर क्यों?”

सीएम बोले- BJP ने रचा षड्यंत्र

वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके विधायक भी पायलट खेमें पर लगातार हमलावर हो रहे हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बीजेपी ने हमारी पार्टी के हमारे साथियों को षड्यंत्र करके मानेसर में गुड़गांव में होटलों में रिसॉर्ट में रखा है. वहीं उन्होनें गुरुवार को कहा था कि अनफॉर्च्युनेटली हमारे जो साथी कुछ बैठे हैं गुड़गांव-मानेसर के अंदर, वो आते नहीं हैं, जबकि सबको मालूम है कि राजस्थान के अदंर किस प्रकार का राजनीतिक माहौल बना हुआ है.

“कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने वाले ही अलग जा बैठे”

गहलोत ने कहा कि ऐसे वक्त में जो कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर चुनाव जीतकर आए हैं. वो ही लोग अलग जाकर बैठ गए. अगर कोई नाराजगी है तो एआईसीसी में जाकर बैठते 24 अकबर रोड, पता है. पीसीसी में आकर बात करते, पर इतने दिनों से वो वहां बैठे हुए हैं.

इतना ही नहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री को नाकारा और निक्कमा तक कह चुके हैं. मंत्री प्रताप सिंह खचारियआवास तो यह तक कह चुके हैं, “जब मैं विश्वविद्यालय का अध्यक्ष था उस समय सचिन पायलट नेकर में घूमते थे.”

“जनता अस्पताल ढूंढ रही सरकार नए होटल ढूंढ रही”

राजस्थान के सियासी संकट में इन बयानों को देखकर एक बात तो साफ नजर आ रही है, बीजेपी पर आरोप लगाने वाली कांग्रेस पार्टी का आलाकमान अगर पहले जागता तो शायद पिछले 22 दिनों से राजस्थान की सरकार होटलों में न होती. साथ ही लोग सोशल मीडिया पर ये भी लिखने को मजबूर न होते कि जनता अस्पताल ढूंढ रही है और सरकार नित नए होटल ढूढ रही है. क्या यह है राजस्थान सरकार का कोरोना के खिलाफ लड़ाई का मॉडल?

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