भारतीय सेना की ‘सुदर्शन चक्र’ के रणबांकुरों ने पराक्रम से दहला दिया थार

पाकिस्तान से मिल रही नित नई चुनौतियां और सीमा पार से बढ़ रही उसकी नापाक हरकतो को देखते हुए इसका कड़ा जवाब देने और दुष्मन के हिस्से को केप्चर करने के लिए भारतीय सेना तैयार है.

पाकिस्तान से मिल रही नित नई चुनौतियां और सीमा पार से बढ़ रही उसकी नापाक हरकतो को देखते हुए इसका कड़ा जवाब देने और दुष्मन के हिस्से को केप्चर करने के लिए भारतीय सेना तैयार है. भारतीय सेना ने अपनी मारक क्षमता और अन्य युद्ध संबंधी तैयारियों की परिकल्पना और अन्य योजनाओं का खाका जैसलमेर की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में सिन्धू सुरक्षा युद्धाभ्यास के अन्तर्गत सोमवार को तैयार किया.

भारतीय सेना के दक्षिणी कमान के अन्तर्गत भोपाल स्थित स्ट्राइक कोर सुदर्शन चक्र कॉर्प के साथ-साथ अन्य कई डिवीजन और भारतीय वायुसेना के साथ शुरू हुए इस युद्धाभ्यास में करीब 40,000 सैनिक और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं. यह युद्धाभ्यास अलग-अलग चरणों में 5 दिसंबर तक चलेगा.

महज 48 घंटे में दुश्मन के ठिकानों को फतह करने के लक्ष्य से थल सेना की 21 स्ट्राइक कोर ने सुदर्शन चक्र के शुरू हुए युद्धाभ्यास सिन्धू सुदर्शन में सोमवार को पोकरण फायरिंग रेंज में पूरे युद्ध जैसा नजारा प्रस्तुत किया. चारों तरफ जोरदार धमाकों की गूंज, टैंकों, बंदूकों, राॅकेट लाॅन्चर से निकले हुए बमों ने पूरी रेंज में एक ऐसा जीवन्त जलजला प्रस्तुत किया कि उसके धमाको की गूंज सीमा पार बैठे पाकिस्तान तक भी पहुंच गई.

चारों तरफ धूल के गुब्बारों के साथ दहल उठा आसमान

चारों तरफ धूल का गुब्बार और लगातार एक के बाद एक धमाके, अटैकिंग हेलिकॉप्टर ध्रुव से फायरिंग, बोफोर्स, मल्टीपल राॅकेट लॉन्चर, टी-90 टैंक, बी.एम.पी पिनाका राॅकेट लॉन्चर, साॅल्टम गन, 105 एम.एम गन, ग्रेड राॅकेट लाॅन्चर के जरिए सेना ने पोकरण फायरिंग रेंज में एक के बाद एक दुष्मन के छद्म ठिकानों पर हमले कर पूरे रेंज में युद्ध सा नजारा प्रस्तुत किया.

पोकरण में आज हुए इस युद्धाभ्यास प्रदर्शन में सेना के दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल एस.के.सैन्नी, सुदर्शन क्राॅप के कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र ढिमरी, कोरणाक कॉर्प्स के कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वी.एस.श्रीनिवासन, अग्निबाज डिवीजन के जी.ओ.सी मेजर जनरल अरदोष कुमार, शहाबाज डिवीजन के जी.ओ.सी मेजर जनरल कासिद, बैटल एक्स डिवीजन के जी.ओ.सी मेजर जनरल राकेश कपूर, वाइट टाइगर डिवीजन के जी.ओ.सी मेजर जनरल विजय सिंह और बाइसन डिवीजन के जी.ओ.सी मनजीत सिंह सहित सेना और वायुसेना के उच्च अधिकारी मौजूद थे.

दक्षिणी कमान की भोपाल स्थित स्ट्राइक कोर सुदर्शन चक्र कॉर्प का सिंधू सुदर्शन युद्ध अभ्यास हालांकि 20 अक्टूबर से शुरु हुआ लेकिन इसकी विधिवत शुरुआत पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में शुरु हुई.

इस युद्धाभ्यास के जरिए भारतीय सेना बदली परिस्थितियों को ध्यान में रख तैयार किए गए किसी भी युद्ध के अपने नए डॉक्ट्रीन को परख रही है. इस दौरान इंटीग्रेटेड फायर पावर की जोरदार नुमाइश की जा रही है. इस युद्धाभ्यास में आसमान से लेकर जमीनी हमले करने में सक्षम खास हथियारों के माध्यम से भारतीय सेना ने अपनी फायर पावर का प्रदर्शन किया.

इस युद्धाभ्यास में सेना ने दिखाया कि उसने टी-90 टैंकों, बी.एम.पी के साथ पहली बार युद्धाभ्यास में शामिल हो रही अत्याधुनिक के-9 वर्जा गन, जिसे भारत में तैयार किया गया है के साथ 130 एम.एम गन, 105 एम.एम गन, बोफोर्स आदि ने माध्यम से जबरदस्त मारक क्षमता के साथ दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों  पर जमीनी हमला बोला गया.

वहीं जोधपुर से उड़ान भर पहुंचे जगुआर और बाड़मेर के उत्तरलाई से पहुंचे मिग-21 फाइटर्स ने आसमान से हमला बोल दुश्मन की कमर तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी. रही-सही कसर अटैक हैलिकॉप्टर ध्रुव और मानव रहित विमान से किए गए हमलों ने पूरी कर दी. वहीं मानव रहित विमान की रैकी से मिली जानकारी के आधार पर मल्टीपल राॅकेट लाॅन्चर स्मर्च, ग्रेड आदि के माध्यम से क्लस्टर बमों से किए गए सटीक हमलों ने दुश्मन को चैंका दिया.

देखते ही देखते चारों तरफ से हुए जबरदस्त प्रहार से दुश्मन बौखला गया और उसे पीछे हटना पड़ा. देखते ही देखते भारतीय सेना ने बड़े भूभाग पर अपना कब्जा जमा लेने का प्रदर्षन किया. पूरी रेंज भारत माता के जय जयकारो स कालिका माता की जय, बोले सो निहाल आदि से गूंजायमान हो उठी. सैनिको में जोश देखने को बन रहा था.

सेना आजमा रही है युद्ध की नई रणनीति

समय-समय पर भारतीय सेना अपनी युद्ध रणनीति में बदलाव करती रहती है. वर्तमान में तैयार की गई नई रणनीति के तहत महज 48 घंटों ने जबरदस्त प्रहार के साथ आगे बढ़ते हुए दुश्मन के बड़े भूभाग पर कब्जा जमाने की नई रणनीति तैयार की गई है. इसे परखने के लिए भारतीय सेना की 21 स्ट्राइक कोर के चालीस हजार से अधिक जवान और अधिकारी थार के रेगिस्तान में कई दिन से पसीना बहा रहे हैं.

दिसम्बर के अंत तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास की आज पोकरण में औपचारिक शुरुआत की गई. सेना के साथ वायुसेना भी संयुक्त रूप से युद्धाभ्यास में अपनी क्षमताओं का एकीकृत प्रदर्शन कर रही है. इंटीग्रेटेड फायर पावर के तहत आसमान से लेकर जमीनी हमले करने में सक्षम खास हथियार अपनी ताकत दिखाई जा रही है.

इस अभ्यास में ऑर्टिलरी, आर्म्ड और मैकेनाइज्ड फोर्सेज, आर्मी एयर डिफेंस, आर्मी एविएशन के अटैक हेलिकॉटर रुद्र एयरफोर्स संसाधनों के साथ स्पेशल फोर्सेस के बीच सहज तालमेल का प्रदर्शन किया जा रहा है. इस युद्धाभ्यास में चालीस हजार से अधिक जवान व अधिकारी करीब दो माह तक अभ्यास कर अपनी क्षमता को आकलन करेंगे.

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