बचेगी गहलोत सरकार या भारी पड़ेगा पायलट का दांव? पढ़ें- राजस्थान का नंबर गेम और ये 3 संभावनाएं!

हाई कोर्ट (High Court) का फैसला चाहें कुछ भी हो, लेकिन ऐसे में कुछ समीकरण हैं जो राजस्थान की राजनीति (Rajasthan Political Crisis) में संभावित तौर पर बनते हुए दिखाई दे रहे हैं. नंबर गेम की मानें तो तीन संभावित समीकरण बनते हुए नज़र आ रहे हैं.

राजस्थान की उठापटक (Rajasthan Political Crisis) की राजनीति के लिए आज बड़ा दिन है. हाई कोर्ट (High Court) में बागी विधायकों की याचिका पर आज फैसला आने की भी उम्मीद है. कल राजस्थान हाई कोर्ट में सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों को नोटिस देने के मामले में चल रही सुनवाई को एक बार फिर टाल दिया गया था, आज फिर इस मामले पर सुनवाई होनी है.

कोर्ट का फैसला चाहें कुछ भी हो, लेकिन ऐसे में कुछ समीकरण हैं जो राजस्थान की राजनीति में संभावित तौर पर बनते हुए दिखाई दे रहे हैं. नंबर गेम कुछ ऐसा है कि इससे तीन संभावित समीकरण बनते हुए नज़र आ रहे हैं. पार्टी के अनुरोध के बाद, स्पीकर सीपी जोशी ने संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्यवाही शुरू की, जिसे दलबदल विरोधी कानून के रूप में भी जाना जाता है. इसके तहत पायलट गुट के 19 विधायकों को नोटिस भेजा गया. जिसके विरोध में गुट के विधायक हाईकोर्ट चले गए.

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पहला समीकरण

सिर्फ एक समीकरण ऐसा है जो गहलोत सरकार (Gehlot Government) को राज्य में बहुमत के आकंड़े की सही स्थिति में रखेगा. अगर हाईकोर्ट पायलट गुट (Pilot Group) के विधायकों को अयोग्य ठहराता है तो कांग्रेस (Congress) के लिए ये बेहतर खबर होगी. ऐसी स्थिति में गहलोत ( Ashok Gehlot ) बहुमत सिद्ध करने की स्थिति में होंगे. पायलट गुट के विधायकों के अयोग्य साबित होने पर 200 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत साबित करने का आंकड़ा नीचे आकर 91 रह जाएगा. ऐसे में अशोक गहलोत के लिए बहुमत साबित करना आसान हो जाएगा.

दूसरा समीकरण

फैसला अगर पायलट गुट के पक्ष में आता है तो अशोक गहलोत का गुट के पास बिल्कुल अंतिम लाइन पर बहुमत होगा. ऐसी स्थिति में अशोक गहलोत को बहुमत साबित करने के लिए पूरे 101 विधायकों का समर्थन प्राप्त होना जरूरी है. वहीं इस स्थिति में दूसरे पक्ष की बात करें तो 75 विधायक बीजेपी के हैं वहीं पायलट के पास 19 अपने 3 अन्य विधायकों का समर्थन है, वहीं 2 बीटीपी (भारतीय ट्राइबल पार्टी) के विधायक हैं, जिन्हें इस स्थिति में पायलट गुट को समर्थन मिल सकता है. बीटीपी पहले भी खुद को किंगमेकर कह चुका है. हालांकि इस स्थिति में भी इन गठजोड़ में एक विधायक की कमी होगी. हालांकि इस स्थिति में कांग्रेस की स्थिति बेहद कमज़ोर हो जाएगी. अगर एक विधायक भी कांग्रेस का टूटा तो सरकार गिर जाएगी.

तीसरा समीकरण

वहीं अगर स्थिति 100-100 विधायकों के आकंड़े पर रह जाती है तो कोई भी सरकार बनाने की स्थिति में नहीं होगा. बीजेपी के लिए पूर्व सीएम मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के चलते पायलट को सीएम पद का ऑफर देने की स्थिति में नहीं होगी, जिसके लिए सचिन पायलट ने कांग्रेस से बगावत की है. वसुधंरा राजे को करीब 45 से ज्यादा विधायकों का समर्थन है.

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