मोदी लहर के सामने क्या CM अशोक गहलोत बचा पाएंगे अपना ‘वैभव’ ?

जोधपुर सीट पर उम्मीदवारों के बीच सीधे मुकाबले की बजाय PM नरेंद्र मोदी और सीएम अशोक गहलोत के बीच मुकाबला माना जा रहा है.

जोधपुर: प्रदेश की सबसे हॉट सीट बन चुकी जोधपुर लोकसभा सीट (Jodhpur Loksabha seat) पर कांग्रेस (Congress) और BJP के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. BJP से PM मोदी के नजदीकी माने जाने वाले केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एक बार फिर चुनावी मैदान में है तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने प्रदेश के सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के बेटे वैभव गहलोत को मैदान में उतारा है. ऐसे में इस सीट पर सीधा मुकाबला प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) बनाम सीएम अशोक गहलोत के बीच माना जा रहा है.

मोदी लहर और मोदी की सभाओं के बाद यहां का माहौल मोदी के पक्ष में बना है तो वहीं सीएम गहलोत अपने ‘वैभव’ को बचाने और उसकी नैया पार लगाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं.

गहलोत ने झोंकी पूरी ताकत

लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी वैभव गहलोत के लिए पिता अशोक गहलोत ने पूरी ताकत झोंक दी है. वैभव के लिए खुद गहलोत ने करीब एक दर्जन से अधिक सभाएं की हैं. सीएम गहलोत ने लगातार जोधपुर लोकसभा क्षेत्र में रहकर चुनाव प्रचार की कमान संभाल रखी है. सीएम गहलोत के अलावा प्रदेश संगठन के पदाधिकारी, कैबिनेट मंत्री भी लगातार यहां डेरा डाले हुए हैं.

PM नरेंद्र मोदी ने की सभा

BJP प्रत्याशी के समर्थन में प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने जोधपुर के रावण का चबूतरा मैदान में सभा की. यही नहीं मोदी ने सभा के माध्यम से केवल उम्मीदवार के लिए नहीं बल्कि खुद के लिए (देश के लिए) मोदी को वोट देने की अपील की. इससे यह साफ जाहिर है कि इस सीट पर सीधा मुकाबला उम्मीदवारों के बीच नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम अशोक गहलोत के बीच है.

SC-ST वोट पर भरोसा

सूत्रों की मानें तो इस सीट पर सबसे ज्यादा वोट राजपूत समाज के है. ऐसे में यह राजपूत मतदाता बाहुल्य सीट है. यहां करीब साढ़े 3 लाख राजपूत मतदाता, करीब ढाई लाख मुस्लिम, 3 लाख एससी-एसटी,ओबीसी के करीब 2 लाख, जाट समाज के करीब 1 लाख, विश्नोई समाज के करीब डेढ़ लाख तो अन्य के करीब 3 लाख. ब्राह्मण और जैन समाज के भी बहुतायत में मतदाता हैं.

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