PoK ही नहीं पूरे पाकिस्तान में इमरजेंसी जैसे हालात: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने टीवी9 भारतवर्ष से खास बातचीत की. पढ़िए बातचीत की मुख्य बातें.

कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद टीम मोदी के सदस्य लगातार देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर धारा 370 के विषय की जानकारी रखने वालों लोगों से बातचीत कर रहे हैं. इस विषय पर जयपुर में हाईकोर्ट के रिटायर्ट जज पानाचंद जैन के घर पहुंचकर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने चर्चा की.

बाद में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने टीवी9 भारतवर्ष से खास बातचीत की. पढ़िए बातचीत की मुख्य बातें.

‘पीओके में नहीं पूरे पाकिस्तान में इमरजेंसी जैसे हालात हैं’

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि केवल विषय पीओके का नहीं है. पूरे पाकिस्तान में जिस तरह के हालात है, जिस तरह से पाकिस्तान में पाकिस्तान की आम आवाम को दबाया जा रहा है, जिस तरह से पाकिस्तान में पत्रकारिता का गला घोटा जा रहा है, जिस तरह पाकिस्तान में बलूच के लोग की हत्या और उनको गायब किया जा रहा है, जिस तरह से जिये सिंध मूवमेंट को कुचला गया है. ये सब पाकिस्तान के हालात को बयां करता है, और एक ऐसा देश जो अपनी गिरेबान में झाँकने के बजाये जो एक आतंक की फैक्ट्री बनकर पूरे विश्व में कुख्यात हुआ है. निश्चत रूप से वहां की आवाम को विरोध के रास्ते पर आना पड़ेगा.

इमरान क्यों करते हैं आरएसएस का विरोध?

मुझे आज तक समझ नहीं आया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आरएसएस का विरोध क्यों करते है?

पीओके भारत का अभिन्न अंग है, हम इसे लेकर रहेगें

गजेंद्र शेखावत ने कहा कि पाक के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) भारत का अभिन्न अंग है. भारत की संसद में ऐसा प्रस्ताव पारित किया जा चुका है.धारा 370 हटाने के समय में लोकसभा और राज्यसभा में डिबेट के टाइम पर भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने जिस तरह की प्रतिब्धता देश के सामने इस विषय पर दिखाई है, उससे स्पष्ट है पाक अधिकृत कश्मीर हमारा था, हमारा है, हमारा रहेगा और हम इसे लेकर रहेंगे.

विस्थापितों को समस्या हो रही है

वहीं जब जोधपुर के सांसद और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह से जब पूछा गया कि आपके संसदीय क्षेत्र में बड़ी संख्या में विस्थापित हिंदू परिवार रहते है और पाक विस्थापित हिंदू को हर वर्ष भारत में रहने के लिये पाकिस्तान दूतावास से पासपोर्ट रिन्यू करवाना होता है. इसके लिये हर वर्ष प्रतिव्यक्ति 5 हजार रूपये देने होते हैं. हमारा पैसा पाकिस्तान जा रहा है और विस्थापितों को समस्या हो रही है. इस पर उन्होनें कहा ये मसला भारत सरकार के गृह मंत्रालय में विचाराधीन है जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा.

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