सचिन पायलट का दावा: राजस्थान ने Lockdown में 26 लाख से ज्यादा मजदूरों को दिया रोजगार

राजस्थान (Rajasthan) के बाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में करीब 23 लाख से ज्यादा श्रमिकों (Workers) को रोजगार मिला. वहीं, तीसरे नंबर पर छतीसगढ़ (Chhattisgarh) को बताया जा रहा है.
Workers employed under MNREGA, सचिन पायलट का दावा: राजस्थान ने Lockdown में 26 लाख से ज्यादा मजदूरों को दिया रोजगार

कोरोना महामारी के समय में ग्रामीण इलाकों में मनरेगा (MNREGA) योजना के तहत राजस्थान ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं. राजस्थान ने पिछले 22 दिनों में 26 लाख मजदूरों को लॉकडाउन (Lockdown) के बीच रोजगार दिया है. 13 मई तक राजस्थान ने 26 लाख बेरोजगार मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार दे दिया है.

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राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने टीवी 9 भारतवर्ष (TV9 Bharatvarsha) से खास बातचीत में कहा कि किसी भी मजदूरों को हम बेरोजगार नहीं रहने देगें, चाहे वह प्रवासी हो या फिर राजस्थान का रहने वाला.

अप्रैल में पहले लॉकडाउन से शुरू किया था कार्य

सचिन पायलट ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से अप्रैल महीने से हमनें इस विषय पर काम करना शुरू कर दिया था. लॉकडाउन 2.0 में राजस्थान में मनरेगा योजना के तहत केवल 68 हजार मजदूरों को रोजगार मिल रहा था, लेकिन 22 दिनों के अंदर हमने 26 लाख लोगों को रोजगार दिए हैं.

राजस्थान लौट रहे श्रमिकों को मिलेगा मनरेगा में रोजगार

उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि कोरोनावायरस (Coronavirus) के चलते अब अलग-अलग राज्योंं से राजस्थान के रहने वाले श्रमिक लौट रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों (Rural Areas) में उनकी ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत रोजगार उपलबध कराने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. पायलट ने बताया कि इसके लिये राज्य भर में विशेष अभियान चलाकर काम करने के इच्छुक प्रवासी श्रमिकों (Migrants) से रोजगार के लिए मांगपत्र भरवाकर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा. इसी के साथ जरूरत के अनुसार प्रवासी श्रमिकों के नए जॉब कार्ड भी जारी किए जाएंगे.

अन्य राज्यों में भी मजदूरों को मिला मनरेगा में रोजगार

जानकारी के अनुसार, मनरेगा के तहत इस लॉकडाउन के अंदर काम मांगने वालों में सबसे नंबर वन जिला भीलवाड़ा है, जहां पर देश का सबसे पहले कर्फ्यू लगा था. यहां लगभग तीन लाख मजदूरों ने मनरेगा योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया है.

राजस्थान के बाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में करीब 23 लाख से ज्यादा श्रमिकों को रोजगार मिला. वहीं, तीसरे नंबर पर छतीसगढ़ (Chhattisgarh) को बताया जा रहा है, जहां करीब 17 लाख श्रमिकों को रोजगार मिला है. मध्यप्रदेश (Uttar Pradesh) चौथे स्थान पर है, जहां करीब 14 लाख से ज्यादा श्रमिकों को रोजगार मिला है.

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