बांग्लादेशी क्रिकेटरों को याद रहेगी वो 7 मिनट की देरी

लेट-लतीफी के कारण अक्सर काम बिगड़ जाते हैं, पर इसी लेट-लतीफी के चलते बांग्लादेश क्रिकेट टीम के 17 सदस्यों की जान बच गई.
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क्राइस्टचर्च,न्यूजीलैंड. अगर देरी न होती तो क्या होता. अनहोनी? न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में शुक्रवार को दो मस्जिदों में नमाजियों पर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलियों की बरसात कर दी. गोलीबारी में 49 लोगों की जान चली गई. जब अल-नूर मस्जिद में आतंक का ये मंजर चल रहा था, उसी वक्त बांग्लादेशी क्रिकेट टीम बाहर बस में बैठी थी. टीम वहां जुम्मे की नमाज अदा करने के लिए गई थी. बांग्लादेशी खिलाड़ियों में मस्जिद पहुंचने की जल्दी थी, पर कुछ देरी हुई और इन खिलाड़ियों की जान बच गई.

बांग्लादेश क्रिकेट टीम के वीडियो एनालिस्ट श्रीनिवास सी. चंद्रशेखरन ने बताया कि टीम मस्जिद 7  मिनट की देरी के साथ पहुंची. अगर ये देरी नहीं होती तो टीम आतंक के वक्त मस्जिद के भीतर होती और अनहोनी हो जाती.

इस कारण हुई देरी 
बांग्लादेश टेस्ट टीम के कप्तान महमुदुल्लाह को तीसरे टेस्ट के लिए प्रेस कांफ्रेंस करनी थी. ये कांफ्रेंस 7 मिनट की देरी से शुरू हुई. ये देरी कोच स्टीव रोड्स के कारण हुई, क्योंकि उन्होंने कप्तान को एक मीटिंग के लिए बुला लिया था. इसके बाद जब महमुदुल्लाह प्रेस कांफ्रेंस में पहुंचे तो मालूम चला कि वह अपनी कैप भूल गए हैं. प्रेस कांफ्रेंस में कैप पहनना अनिवार्य होता है. इसके कारण 2 मिनट की देरी और हुई. इसके बाद महमुदुल्लाह ने 9 मिनट तक प्रेस कांफ्रेंस की. इसी कारण टीम बस में 7 मीनट की देरी से चढ़ी.

इसके बाद टीम के 17 सदस्य मस्जिद जाने के लिए बस में चढ़े. वह दिन के खाने से पहले नमाज अदा कर लेना चाहते थे. खाने के कुछ समय बाद टीम को दोबारा प्रैक्टिस सत्र में हिस्सा लेना था. इसलिए टीम के खिलाड़ियों को जल्दी थी. अगले दिन शनिवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल मैदान पर तीसरा टेस्ट खेला जाना था. अल-नूर मस्जिद स्टेडियम के पास ही है.

बांग्लादेश टीम के साथ दो भारतीय
चंद्रशेखरन, मुंबई के सॉफ्टवेर इंजिनियर हैं और उनको बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने टीम के साथ वीडियो एनालिस्ट के तौर पर रखा है. जब टीम के सदस्य नमाज पढ़ने के लिए रवाना हुए तो वह टीम के साथ ही थे. नमाज के बाद टीम मैदान पर जाने वाली थी इसलिए चंद्रशेखरन और भारत के पूर्व स्पिन गेंदबाज सुनील जोशी, जोकि बांग्लादेश के स्पिन बोलिंग कोच हैं बस में ही थे. कोचिंग टीम के कुछ सदस्य टीम का मैदान पर इन्तजार कर रहे थे.

मस्जिद में आतंक बाहर बस में टीम
जब मस्जिद में गोलियां चल रही थी, उस समय 50 यार्ड की दूरी पर टीम बस में दुबक के बैठी थी. कुछ देर बस में छुपे रहने के बाद टीम के सदस्यों ने वहां से निकलने का निर्णय लिया. इसके बाद टीम के सदस्य हेगले पार्क होते हुए स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम पहुंचे. यहां से उन्हें सुरक्षित होटल पहुंचा दिया गया. टीम मैनेजर खलील मसूद ने भयावह घटना की व्याख्या करते हुए कहा “ये किसी मूवी की तरह था. खून से सने लोग बिल्डिंग से बाहर निकल रहे थे. हम बस की सतह पर 10 मिनट तक लेटे रहे.” हमले के बाद बांग्लादेश का न्यूजीलैंड दौरा रद्द कर दिया गया और बांग्लादेश की टीम शनिवार को वापस स्वदेश लौट आई.

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