आकाश चोपड़ा ने किया खुलासा- जॉन बुकानन नहीं चाहते थे 2009 में सौरव बनें कोलकाता के कप्तान

तमाम चैंपियन खिलाड़ियों के बावजूद IPL के शुरुआती सीजन में कोलकाता का प्रदर्शन बहुत खराब रहा था. पहले सीजन में टीम छठे, दूसरे में आठवें पायदान पर रही थी.
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भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने खुलासा किया है कि IPL के 2009 सीजन से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स के कोच जॉन बुकानन सौरव गांगुली की कप्तानी को जारी रखने के फैसले से सहमत नहीं थे. आकाश चोपड़ा IPL के पहले दो सीजन में कोलकाता की टीम का हिस्सा थे. आपको याद दिला दें कि IPL का दूसरा सीजन दक्षिण अफ्रीका में खेला गया था. ऐसा इसलिए हुआ था क्योंकि भारत सरकार ने IPL मैचों को सुरक्षा मुहैया कराने में आम चुनावों की वजह से असमर्थता जताई थी.

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आकाश चोपड़ा ने एक वीडियो में कहा कि – “IPL के पहले सीजन में जॉन बुकानन कोच थे. रिकी पॉन्टिंग भी टीम के साथ थे. सौरव भी थे. तब तक सब कुछ अच्छा था. बाद में बीतते समय के साथ-साथ ये रिश्ता खराब होना शुरू हुआ.”

शुरूआती सीजन में खराब था KKR का प्रदर्शन

तमाम चैंपियन खिलाड़ियों के बावजूद शुरुआती सीजन में कोलकाता का प्रदर्शन बहुत खराब रहा था. पहले सीजन में टीम छठे, दूसरे में आठवें पायदान पर रही थी. स्टार खिलाड़ियों के साथ-साथ टीम के कोच जॉन बुकानन थे. जिन्हें ऑस्ट्रेलिया को विश्व चैंपियन बनाने का श्रेय दिया जाता था. IPL में बाद में जॉन बुकानन ने ही ‘मल्टीपल कैप्टेंसी’ का फॉर्मूला दिया था. लेकिन ये फॉर्मूला सौरव को नामंजूर था.

उस समय सौरव ने कहा था कि एक टीम में कई कप्तान को लेकर उनसे सलाह नहीं ली गई थी. लेकिन बुकानन ने कई साल बाद इस पूरे मामले में कहा था कि सौरव वहां थे. आकाश चोपड़ा ने वीडियो में कहा है कि बुकानन का काम करने का तरीका अलग था. जबकि सौरव अपने अलग तरीके के लिए जाने जाते थे.

2009 में ब्रैंडन मैक्कुलम को दी गई थी कमान

कोलकाता नाइट राइडर्स की कमान 2009 में ब्रैंडन मैक्कुलम को सौंपी गई. लेकिन 2009 में टीम का प्रदर्शन और खराब हुआ. KKR छठी से आठवें पायदान पर आ गई. इसके बाद जॉन बुकानन की छुट्टी कर दी गई. 2010 में सौरव को फिर से टीम की कमान सौंपी गई. इस बदलाव के बाद भी कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम छठे पायदान पर ही थी.

अलबत्ता ये जरूर होता था कि तमाम बड़े नामों के टीम में रहने के बाद भी शुरूआती सीजन में कोलकाता की टीम में हर बार कोई न कोई विवाद सामने आता था. आखिरकार 2012 में गौतम गंभीर की कप्तानी में कोलकाता की टीम को खिताबी जीत मिली थी.

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