क्यों चर्चा में है #Mankading, जानें वीनू मांकड से लेकर आर अश्विन तक की कहानी

IPL 2019 के चौथे मुकाबले में किंग्स XI पंजाब के कप्तान रविचंद्रन अश्विन का जोस बटलर को मांकडिंग करना बड़े विवाद का कारण बन गया. उनके इस फैसले को लेकर क्रिकेट जगत दो भागों में बट गया है. कोई अश्विन के साथ तो कोई विरोध कर रहा है.

इंडियन प्रीमियर लीग(IPL) के 12वें सीजन के चौथे मुकाबले में किंग्स XI पंजाब के कप्तान रविचंद्रन अश्विन ने राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज जोस बटलर को मांकडिंग आउट कर दिया. इसके बाद से कुछ लोग अश्विन की जमकर आलोचना कर रहे हैं. हालांकि कुछ अश्विन के पक्ष में भी हैं. इस बवाल के बीच कई सवाल हैं. जिन्हें लोग जानना चाहते हैं. जैसे- ये मांकडिंग है क्या? इसका इतिहास क्या है? कब-कब ये हुआ है? हम इन सभी सवालों का जवाब आपको इस लेख में दिए देते हैं.

क्या है मांकडिंग
मांकडिंग एक तरीके से आउट होने को कहते हैं. जैसे कैच आउट, बोल्ड, स्टंपिंग और रन आउट. हालांकि मांकडिंग के नियम के तहत आउट होने वाले खिलाड़ी को रन आउट ही माना जाता है. मांकडिंग नाम भारतीय गेंदबाज वीनू माकंड से आया है. वीनू इस तरह से बल्लेबाज को आउट करने वाले पहले खिलाड़ी थे.
क्या होता है कि बल्लेबाज अक्सर ही गेंदबाज द्वारा गेंद फेंके जाने से पहले ही क्रीज छोड़ देते हैं. क्रिकेट चलाने वाल लोगों ने इसे रोकने के लिए एक नियम बनाया. इसके तहत अगर बल्लेबाज नॉन- स्ट्राइकर एंड पर गेंदबाज द्वारा एक्शन लिए जाने से पहले क्रीज छोड़ देता है तो गेंदबाज उसकी गिल्लियां बिखेरकर उसे आउट करने का अधिकार रखता है. इसमें गेंद को डेड करार दे दिया जाता है और  बल्लेबाज को रन आउट होकर पवेलियन लौटना पड़ता है. हां, ध्यान रखने वाली बात ये है कि गेंदबाज ऐसा गेंदबाजी एक्शन लेने से पहले ही कर सकता है.

अश्विन ने ऐसा ही किया, फिर बवाल क्यों
क्रिकेट के जानकार और प्रशंसक इसे ‘स्प्रिट ऑफ द गेम’ के खिलाफ मानते हैं यानी ये करना अच्छा नहीं माना जाता. साथ ही कई इस पक्ष में हैं कि इस तरह से आउट करने से पहले कम से कम एक चेतावनी दे दी जाए. नियम के तहत अश्विन ने कोई गलती नहीं की. तो अगर कहीं गलती है तो वो नियम में है. अश्विन के बटलर को आउट करने में नहीं.

इतिहास में मांकडिंग के 8 मामले

1. वीनू मांकड ने बिल ब्राउन को आउट किया
मांकड ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज बिल ब्राउन को नॉन स्ट्राइक एंड पर अपनी गेंदबाजी पर रन आउट कर दिया था. तब भी ऐसा ही हुआ था कि गेंद फेंकने से पहले बल्लेबाज क्रीज से बाहर निकल गया था और गेंदबाज ने उसे रन आउट कर दिया था. हालांकि मांकड ने ब्राउन को पहले वार्निंग दी थी. ये घटना 13 दिसंबर 1947 में घटी थी और ये मैच ऑस्ट्रेलिया XI के खिलाफ खेला गया था. इस घटना में मीडिया ने मांकड पर जमकर हल्ला बोला था.

2. चार्ली ग्रिफिथ ने इयान रेडपथ को आउट किया
1969 में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच एडिलेड में चौथे टेस्ट खेला जा रहा था. रन चेज़ के दौरान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ इयान रेडपथ को चार्ली ग्रिफ़िथ ने मांकडिंग आउट किया. ऑस्ट्रेलिया को 360 का लक्ष्य मिला था और उसने नौ विकेट के नुकसान पर 339 रन बना लिए थे. इस रन आउट की वजह से वे टेस्ट हार गए थे.

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3. ग्रेग चैपल ने ब्रायन लकहर्स्ट को आउट किया
ये पहली बार था जब ये वन-डे अंतर्राष्ट्रीय (ODI) में हुआ. ग्रेग चैपल ने 1975 में नए साल के दिन ब्रायन लकहर्स्ट को मांकडिंग नियम से रन आउट किया. ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने बाद में दावा किया कि उन्होंने बल्लेबाज को मांकडिंग से पहले दो बार चेतावनी दी थी. इंग्लैंड ने फिर भी तीन विकेट से मैच जीत लिया.

4. ईवेन चैटफील्ड ने डेरेक रान्डेल को आउट किया
इस टेस्ट मैच को कई कारणों से याद किया जाएगा, उनमे से एक घटना मांकडिंग की भी थी. दूसरी पारी में इंग्लैंड तेज रनों की तलाश में थी ताकि वह न्यूजीलैंड के समाने क्राइस्टचर्च टेस्ट में मजबूत लक्ष्य खड़ा कर सके. कई लोग इस पारी को इयान बॉथम द्वारा ज्योफ बॉयकॉट को जानबूझकर आउट कराने को लेकर याद करते हैं. लेकिन, हंगामा डेरेक रान्डेल के रन आउट से मचा क्योंकि वो इवेन चैटफील्ड द्वारा मांकडिंग का शिकार हुए थे. अंत में इंग्लैंड ने टेस्ट 174 रन से जीत लिया था.

5. एलन हर्स्ट ने सिकंदर बख्त को आउट किया
क्राइस्टचर्च की घटना के एक साल बाद, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच दूसरा टेस्ट पर्थ के वाका में खेला जा रहा था. एलन हर्स्ट ने पुछल्ले बल्लेबाज सिकंदर बख्त को मांकडिंग का शिकार बनाया था. ऑस्ट्रेलिया ने ये टेस्ट 7 विकेट से जीत लिया था.
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6.दीपक पटेल ने ग्रांट फ्लावर को आउट किया
1992-93 की श्रृंखला में जिम्बाब्वे के सलामी बल्लेबाज ग्रांट फ्लावर को दीपक पटेल ने मांकडिंग नियम के तहत आउट किया था. जिम्बाब्वे के बल्लेबाज क्रीज छोड़कर आगे चले गए थे. उन्होंने उस मैच में अर्धशतक जड़ा था. लेकिन वो न्यूजीलैंड की टीम को 4 विकेट से जीतने से रोक नहीं पाए थे.

7.कपिल देव ने पीटर कर्स्टन को बनाया था शिकार
23 लंबे वर्षों के बाद, दक्षिण अफ्रीका ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी. भारत के साथ श्रृंखला में पोर्ट एलिजाबेथ में दूसरा वनडे खेला जा रहा था. जब कपिल देव ने देखा कि पीटर कर्स्टन क्रीज से कुछ कदम आगे चले गए हैं तो उन्होंने पहले उन्हें चेतावनी दी. इसके बाद कपिल ने उन्हें दोबारा ऐसा करने पर मांकडिंग कर पवेलियन भेज दिया था.

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8. एस. सेनानायके ने जोस बटलर को आउट किया
सबसे हालिया घटना 2014 की है. जब इंग्लैंड के विकेटकीपर जोस बटलर को श्रीलंका के एस सेनानायके ने बर्मिंघम में खेले जा रहे फाइनल एकदिवसीय मैच में मांकडिंग कर आउट किया था. बटलर को पहले चेतावनी दी गई थी लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया. श्रीलंका ने इस मैच के साथ सीरीज भी जीत ली थी.

कई बार ऐसा भी हुआ है कि खिलाड़ियों ने मांकडिंग की अपील वापस ले ली. 1987 में, कोर्टनी वाल्श ने विश्व कप के एक मैच में पाकिस्तानी बल्लेबाज सलीम जाफर को मांकडिंग नहीं करने का फैसला किया था. वेस्टइंडीज ये मैच हार गया और टूर्नामेंट से बाहर हो गया.

2012 में, भारतीय ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने श्रीलंका के बल्लेबाज लाहिरू थिरिमाने को चेतावनी देने के बाद उन्हें मांकडिंग किया था. लेकिन भारतीय कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने अपील वापस ले ली थी.