एल्युमीनियम, मोंगूज और अब राशिद खान का कैमल बैट…

क्रिकेट में बैट और बॉल दो मुख्य चीजें हैं. बिना इसके खेल संभव नहीं है. इस खेल में गेंदों के रंग आपने हर फॉर्मेट में बदलते देखे होंगे, लेकिन अनिश्चितताओं के इस खेल में बैट भी कई अलग-अलग आकार के इस्तेमाल हुए हैं.
Rashid Khan Camel Bat, एल्युमीनियम, मोंगूज और अब राशिद खान का कैमल बैट…

अफगानिस्तान के ऑलराउंडर राशिद खान ने रविवार को एक अलग डिजाइन के बल्ले से बल्लेबाजी की, जिसको क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने नाम दिया “कैमल बैट.” राशिद ने बिग बैश लीग में एडिलेड स्ट्राइकर्स बनाम मेलबर्न रेनेगेड्स के मुकाबले में इस बल्ले से बल्लेबाजी की. खान के इस बल्ले में ऊंट की तरह दो कूबड़ बनी हुई हैं. ऐसी कूबड़ एक तरह के खास ऊंटों की होती है.

कैमल बैट

इस बल्ले को देख कर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इसे कैमल बैट नाम दिया. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद की और से कहा गया कि ‘इस बल्ले से आईपीएल 2020 में भी बल्लेबाजी करें.’ मालूम हो कि बिग बैश के मैच में राशिद ने इस कैमल बैट से 16 गेंदों में 25 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली. इस पारी में उन्होंने चार चौके और दो छक्के जड़े.

Rashid Khan Camel Bat, एल्युमीनियम, मोंगूज और अब राशिद खान का कैमल बैट…

राशिद की पारी के बाद कैमल बैट सुर्खियों में आ गया और सोशल मीडिया पर जमकर इसको लेकर पोस्ट किए गए. मालूम हो कि पहले भी कई बल्लेबाज अलग-अलग डिजाइन के बल्ले आजमा चुके हैं. उन्हीं में से कुछ के बारे में बताते हैं आपको इस रिपोर्ट में-

मोंगूज बैट

आईपीएल 2010 में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर मैथ्यू हेडन ने इस बल्ले का इस्तेमाल किया था. तब यह धाकड़ बल्लेबाज चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा थे. इस बल्ले का हैंडल और निचला हिस्सा लंबाई में एक समान होता है. कई लोग तो इस बैट को सामान्य क्रिकेट बैट का मिनिएचर वर्जन बताते हैं.

मोंगूज बैट को बनाने का मुख्य उद्देश्य है कि इससे बल्लेबाजी करने वाला गेंद पर ज्यादा ताकत से प्रहार कर सके और ज्यादा दूरी तक उसे पहुंचा सके. पहली बार इस बल्ले को लेकर मैथ्यू हेडन 19 मार्च 2010 को दिल्ली डेयर डेविल्स के खिलाफ फिरोजशाह कोटला के मैदान पर उतरे थे. इस मैच में हेडन ने 43 गेंदों में ताबड़तोड़ 93 रन बनाए थे. इस पारी में उन्होंने 9 चौके और 7 छक्के जड़े.

Rashid Khan Camel Bat, एल्युमीनियम, मोंगूज और अब राशिद खान का कैमल बैट…

हेडन के अलावा कई अन्य क्रिकेटर्स ने भी मोंगूज बैट की तारीफ की. हालांकि मोंगूज बैट इतना ज्यादा सफल नहीं हो सका. इसका मुख्य कारण रहा उसकी काबिलियत. दरअसल यह बैट सिर्फ हिटिंग के लिए ही अच्छा था, डिफेंस के लिए ये बल्ला सही नहीं है और बल्लेबाज हर गेंद पर हिट नहीं करते.

काबूम बैट

ये बैट काफी हल्का और काफी चौड़ा होता है. इसका उपयोग ऑस्ट्रेलियाई ओपनर डेविड वॉर्नर ने किया था. यह बल्ला इतना सफल तो नहीं हो सका. यह बैट किनारों से मोटा था लेकिन हल्का होने के कारण इसका फ्लो काफी जल्दी हो जाता है.

एल्युमीनियम बैट

दिसंबर 1979 में इंग्लैंड के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज डेनिस लिली पहली बार एल्युमीनियम का बैट लेकर मैदान पर उतरे थे. यह पहली बार था जब लकड़ी की जगह कोई एल्युमीनियम के बल्ले से बल्लेबाजी करने मैदान में उतरा था. हालांकि ज्यादा देर तक वह इस बल्ले से नहीं खेल सके. दरअसल यह बल्ला गेंद को खराब कर रहा था. ऐसे में उन्हें मैच में उस बल्ले को छोड़कर लकड़ी के बल्ले से ही बल्लेबाजी करनी पड़ी.

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