ये हैं दुनिया के वो बेहतरीन खिलाड़ी जिन्हें नहीं मिला इंटरनेशनल क्रिकेट में मौका, अब हैं कोच

अमोल मजूमदार की तरह ही दुनिया में कई ऐसे क्रिकेटर हुए हैं जिन्हे कभी अपने देश की तरफ से अंतराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका नहीं मिला. इन सब के बावजूद भी उन्होंने विश्व स्तर पर अपने कौशल को न सिर्फ पहचान दिलाई बल्कि अपनी प्रतिभा की बदौलत उन्होंने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं भी निभाई.

नई दिल्ली: अक्टूबर में भारत के खिलाफ होने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने (सीएसए) ने मुंबई के पूर्व बल्लेबाज अमोल मजूमदार को दक्षिण अफ्रीकी टीम का अंतरिम बल्लेबाजी कोच बनाया है.

घरेलू क्रिकेट में जबरदस्त रिकॉर्ड रखने वाले मजूमदार ने एक भी अंतर्राष्ट्रीय मैच नहीं खेला है. अपने 20 साल लंबे करियर में उन्होंने 171 फर्स्ट क्लास मैचों में 48 से ज्यादा की औसत से 11167 रन बनाए हैं. वे रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं लेकिन फिर भी उन्हें कभी भारत की तरफ से खेलने का मौका नहीं मिला.

घरेलू क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ जैसे बल्लेबाज़ों से ज्यादा बेहतर रिकॉर्ड रखने वाले मजूमदार का साउथ अफ्रीकन टीम के कोच के रूप में चुना जाना उनकी बेहतरीन प्रतिभा और दमदार बल्लेबाज़ी कौशल को दिखाता है.

अमोल मजूमदार की तरह ही दुनिया में कई ऐसे क्रिकेटर हुए हैं जिन्हे कभी अपने देश की तरफ से अंतराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका नहीं मिला. इन सब के बावजूद भी उन्होंने विश्व स्तर पर अपने कौशल को न सिर्फ पहचान दिलाई बल्कि अपनी प्रतिभा की बदौलत उन्होंने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं भी निभाई और सफलता भी हासिल की.  ऐसे ही कुछ क्रिकेटर्स के बारे में हम आपको बातएंगे जिन्होंने नेशनल टीम से नहीं खेलने के बाद भी अपने टैलेंट की वजह से दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा.

इंटरनेशनल क्रिकेट, ये हैं दुनिया के वो बेहतरीन खिलाड़ी जिन्हें नहीं मिला इंटरनेशनल क्रिकेट में मौका, अब हैं कोच

बेनेट किंग
वेस्टइंडीज के कोच की भूमिका निभाने वाले किंग ने कभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला. वेस्ट इंडीज की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कोच की भूमिका निभाने से पहले बेनेट किंग क्वींसलैंड बुल्स के पहले टीम कोच थे. बेनेट को 1999-2000 के ऑस्ट्रेलियाई घरेलू सत्र में मुख्य कोच के रूप में नियुक्त किया गया था. अपने पहले सीज़न में उन्होंने होनी टीम बुल्स को टूर्नामेंट में जीत दिलाई थी. लगातार दो साल तक अपनी टीम को चैंपियन बनाने के बाद उन्हें ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट अकादमी में मुख्य कोच के रूप में नियुक्त किया गया. जिसके बाद उन्हें वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में नियुक्त किया गया. क्रिकेट कोच बनने से पहले किंग पेशेवर रग्बी लीग फुटबॉलर भी थे.

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ट्रेवोर बेयलेस
ट्रेवोर बेयलेस इंग्लैंड क्रिकेट टीम के मौजूदा कोच हैं. ट्रेवोर ने अपने क्रिकेट करियर में सिर्फ लिस्ट A और फर्स्ट क्लास क्रिकेट ही खेला है. ट्रेवोर ने साल 2007 से 2011 के बीच श्रीलंका क्रिकेट टीम के कोच का भी पद संभाला. बेयलेस के कोच रहते हुए ही श्रीलंकाई टीम टीम में साल 2011 विश्व कप में फाइनल तक का सफर तय किया था. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में होने वाली बिग बैश लीग में सिडनी सिक्सर्स और IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स के कोच का पद भी संभाला चुके हैं. कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम ने ट्रेवोर बेयलेस के कार्यकाल में ही साल 2012 और 2014 में, दो बार आईपीएल जीता इसके अलावा उन्होंने सिडनी सिक्सर्स को 2011-12 सीज़न में बीबीएल खिताब भी दिलवाया.
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रसेल क्रेग डोमिंगो
डोमिंगो एक दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट कोच हैं जो मौजूद वक़्त में बांग्लादेश नेशनल क्रिकेट टीम के मुख्य कोच भी हैं. उन्होंने 2012 में T-20 इंटरनेशनल के लिए अफ्रीकन टीम की कमान संभाली और 2013 में गैरी कर्स्टन की जगह टेस्ट और वनडे में भी टीम के मुख्य कोच का पद संभाला. डोमिंगो ने कुछ महीनों पहले ही बांग्लादेश राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच का पद संभाला है.

डोमिंगो ने 22 साल की उम्र में अपनी पहली कोचिंग योग्यता हासिल की और 25 साल की उम्र में युवा कोच के रूप में काम किया उन्हें 2004 के अंडर -19 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीकी टीम का कोच नियुक्त किया गया था. डोमिंगो ने चैंपियंस लीग 20-20 में 2010-11 में वॉरियर्स को फाइनल तक भी पहुंचाया था.
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माइक हेसन
माइक हेसन न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच हैं. हेसन न्यूजीलैंड के इतिहास में सबसे सफल कोच रहे हैं. हेसन ने भी कभी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट नहीं खेला. साल 2012 में न्यूजीलैंड के मुख्य कोच के रूप में नियुक्त होने के बाद उन्होंने न्यूजीलैंड के सबसे सफल कप्तान ब्रेंडन मैकुलम के साथ मिल कर टीम को 2015 के फाइनल तक पहुंचाया था. हेसन ने ही मैकुलम को कप्तानी देने की बात सबसे पहले की थी. हेसन को ब्लैककैप्स के पुनरुद्धार के पीछे की असली वजह माना जाता है. न्यूजीलैंड के कोच बनने से पहले उन्होंने केन्या के कोच के रूप में काम किया था. हेसन न्यूजीलैंड के सबसे लंबे समय तक क्रिकेट कोच थे. हेसन ने आईपीएल फ्रेंचाइजी किंग्स इलेवन पंजाब के मुख्य कोच के रूप में भी काम किया है.

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डंकन फ्लेचर
डंकन फ्लेचर एक जिम्बाब्वे क्रिकेट कोच हैं जिन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच की भूमिका भी निभाई थी. फ्लेचर 1999-2007 तक इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कोच थे और 2000 की शुरुआत में टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड टीम के पुनरुत्थान का श्रेया भी उन्हें ही जाता है. फ्लेचर ने सिर्फ 6 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले जिसमे उन्होंने कभी टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है. फ्लेचर की सबसे बड़ी उपलब्धि इंग्लिश टीम को 18 साल बाद एशेज श्रृंखला जितना थी. फ्लेचर को 2011 में भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का कोच नियुक्त किया गया था.