48 साल के हुए क्रिकेट के किंग सौरव गांगुली, टीम इंडिया ने दी दादा को बधाई

टीम इंडिया के दादा यानी सौरव गांगुली (Saurav Ganguly) अपना 48वां जन्मदिन (Birthday) मना रहे हैं. सोशल मीडिया पर सचिन तेंडुलकर, वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, विराट कोहली से लेकर उनके तमाम फैंस उन्हें जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं.

खिलाड़ी, कप्तान और अब बीसीसीआई (BCCI) अध्यक्ष, ये हैं सौरव गांगुली (Sourav Ganguly). जो हर रोल में ऐसा काम करते हैं कि लोग उनके मुरीद हो जाते हैं. आज का दिन सौरव गांगुली और उनके चाहने वालों के लिए बेहद खास है. आज टीम इंडिया के दादा यानी गांगुली अपना 48वां जन्मदिन (Birthday) मना रहे हैं. क्रिकेट के किंग सौरव गांगुली के रोल बेशक बदलते रहे लेकिन उनके चाहने वाले कभी कम नहीं हुए हैं.

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हार को हराने का नाम है सौरव गांगुली

सौरव गांगुली एक ऐसे इंसान का नाम है जिसने हर हार को हराया है. वो आज उस मुकाम पर है जहां तक बहुत कम ही लोग पहुंच पाते हैं. उन्होंने करीब 17 साल के अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखें हैं. लेकिन गांगुली ने कभी हार नहीं मानी. 1992 में अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज करने वाले सौरव गांगुली को पहले मैच में फ्लॉप होने के बाद टीम से बाहर कर दिए गए थे. उसके बाद 1996 में उनका क्रिकेट में कमबैक हुआ. वो भी टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ.

दादा ने अपने डेब्यू टेस्ट (Debut Test) में ही इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स मैदान पर शतक जड़ दिया था. उस पारी के दम पर भारत ने लॉर्ड्स टेस्ट ड्रॉ कराया था. इसके बाद अगले टेस्ट मैच में भी गांगुली ने शतक लगाया था. फिर साल 2000 में टीम इंडिया मैच फिक्सिंग में फंसी. इस विवाद के बाद सौरव गांगुली वो नाम था जिसे कप्तानी के लिए चुना गया. सौरव ने इस मुश्किल समय से भारतीय क्रिकेट को बाहर निकाला. इसके बाद गांगुली ने टीम इंडिया को विदेशों में जीत दिलाई. लेकिन फिर 2005 में टीम इंडिया के कोच बने ग्रेग चैपल से गांगुली का विवाद हुआ. ये विवाद काफी सुर्खियों में रहा.

गांगुली की कप्तानी में छाई टीम इंडिया

सौरव गांगुली के लिए कहा जाता है कि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने विदेशी पिचों पर भी जीत का परचम लहराना शुरू कर दिया था. गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने कुल 49 टेस्ट मैच खेले जिसमें 21 में भारत जीता और 13 में हारा, जबकि 15 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे. वहीं 146 वनडे मैच में दादा की कप्तानी में भारतीय टीम ने 76 मैच में जीत हासिल की, 65 में हार झेली और 5 मैच बेनतीजा रहे.

दादा की कप्तानी में ही भारत ने 2002 में नेटवेस्ट ट्रॉफी पर भी कब्जा किया था. साथ ही 2002 में भारत को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भी गांगुली की कप्तानी में मिला था. उनकी कप्तानी में ही भारतीय टीम 1983 के बाद 2003 विश्व कप के फाइनल में पहली बार पहुंची थी. हालांकि भारत को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था. सौरव गांगुली इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने लगातार चार मैन ऑफ द मैच का खिताब अपने नाम किया. उनके प्रदर्शन की बात करें तो टेस्ट में गांगुली ने 113 टेस्ट मैच में 7212 रन बनाए हैं. इसमें 16 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं. वहीं वनडे में उन्होंने 311 मैच में 22 शतक और 72 अर्धशतक लगाते हुए 11363 रन बनाए हैं.

जन्मदिन की शुभकामनाओं का सैलाब

सौरव गांगुली बेशक आज बीसीसीआई अध्यक्ष हैं. लेकिन उनकी कप्तानी में खेले खिलाड़ी उन्हें आज भी अपना बड़ा भाई और एक दोस्त की तरह मानते हैं. साथ ही टीम इंडिया उन्हें अपना पूर्व कप्तान के तौर पर ही देखती है. खुद गांगुली कहते हैं कि वो खिलाड़ियों के लिए खास हैं. सोशल मीडिया पर सचिन तेंडुलकर, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, विराट कोहली से लेकर उनके तमाम फैंस उन्हें जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं.

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