1981 में गेंद से तूफान मचाने वाले बॉब विलिस नहीं रहे

बॉब की घातक गेंदबाजी ने इंग्लैंड को मैच में जीत दिलवाई थी. उस सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में बॉब ने तूफानी गेंदबाजी करते हुए 43 रन देकर आठ विकेट लिए थे. 10 साल के करियर में उन्होंने 64 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले. बॉब ने 1984 में संन्‍यास ले लिया था.

नई दिल्‍ली: इंग्लैंड टीम के पूर्व कैप्‍टन और एशेज सीरीज के हीरो रहे बॉब विलिस का बुधवार को निधन हो गया. वह 70 साल के थे. बॉब लंबे समय से बीमार चल रहे थे.

घातक तेज गेंदबाज रहे बॉब विलिस ने इंग्‍लैंड के लिए 90 टेस्ट मैच खेले हैं और 325 विकेट लिए. 1981 में एशेज सीरीज के दौरान उन्‍होंने मैच पलटने वाली गेंदबाजी की थी, जिसके बाद उनका नाम क्रिकेट इतिहास में स्‍वर्णिम अक्षरों के साथ दर्ज हो गया.

बॉब की घातक गेंदबाजी ने इंग्लैंड को मैच में जीत दिलवाई थी. उस सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में बॉब ने तूफानी गेंदबाजी करते हुए 43 रन देकर आठ विकेट लिए थे. 10 साल के करियर में उन्होंने 64 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले. बॉब ने 1984 में संन्‍यास ले लिया था.

बॉब विलिस ने 1971 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में इंटरनेशनल डेब्‍यू किया था. उन्‍होंने पहला वन डे 1973 में वेस्टइंडीज के खिलाफ में खेला था. उन्‍होंने कुल 64 वन डे मैच खेले और 80 विकेट लिए.

बॉब विलिस ने 1984 में संन्यास लिया था, उस जमाने में वह इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले और दुनिया के दूसरे सबसे कामयाब गेंदबाज थे. उस वक्‍त ऑस्ट्रेलिया के डेनिस लिलि नंबर एक गेंदबाज थे, जिनके बाद बॉब विलिस का ही नंबर आता था. बाद में इयान बॉथम ने विलिस का रिकॉर्ड तोड़ा.

बॉब ने सरे और वारविकशायर काउंटी क्‍लब से भी क्रिकेट खेला और रिटायरमेंट के बाद उन्‍होंने बीबीसी और स्‍काई स्‍पोर्ट्स पर कॉमेंट्री भी की.