एमएस धोनी ने खुद के बारे में खोला सबसे बड़ा राज

एमएस धोनी ने कहा कि मैच के दौरान जो करने की जरूरत है, वह किसी भी भावना से अधिक महत्वपूर्ण है.

पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को ‘मिस्टर कूल’ कहा जाता है. धोनी अपनी भावनाओं को काबू में रखने के लिए जाने जाते हैं. वो मुश्किल से मुश्किल परिस्थितियों में भी अपना आपा नहीं खोते हैं. धोनी ने बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा कि वह भी आम इंसान की तरह ही सोचते हैं लेकिन बस नकारात्मक विचारों पर नियंत्रण रखने के मामले में वह किसी अन्य की तुलना में बेहतर हैं.

‘मुझे भी होती है निराशा’ 
धोनी ने कहा, “मैं भी आम इंसान हूं लेकिन मैं किसी अन्य व्यक्ति की तुलना में अपनी भावनाओं को बेहतर तरीके से काबू में रखता हूं. हर किसी की तरह मुझे भी निराशा होती है. कई बार मुझे भी गुस्सा आता है. लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि इनमें से कोई भी भावना रचनात्मक नहीं है.”

उन्होंने कहा कि ‘अभी (मैच के दौरान) जो करने की जरूरत है, वह किसी भी भावना से अधिक महत्वपूर्ण है. मैं क्या योजना बना सकता हूं? अगला व्यक्ति कौन है, जिसका मैं उपयोग कर सकता हूं? एक बार जब मैं इसमें शामिल हो जाता हूं, तो मैं अपनी भावनाओं को बहुत बेहतर तरीके से नियंत्रित करता हूं.’

पूर्व कप्तान ने कहा कि अगर एक टेस्ट मैच है, तो आपके पास दो पारियां हैं, आपको योजना बनाने के लिए थोड़ी लंबी अवधि मिलती है. टी-20 में सब कुछ बहुत जल्दी होता है, इसलिए मांगें अलग हैं.

‘पूरी टीम की हो सकती है गलती’
धोनी ने कहा, “वह एक खिलाड़ी हो सकता है जिसने गलती की या वह पूरी टीम हो सकती है. यह भी हो सकता है कि प्रारूप चाहे कोई भी हो हमने अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल नहीं किया हो.”

बता दें कि धोनी ने पिछले वर्ल्ड कप में 8 मैच में 273 रन बनाए थे. इस दौरान उन्होंने दो अर्धशतक लगाए थे. टीम इंडिया वर्ल्ड कप के सेमीफाइल तक पहुंची थी. हालांकि, सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने इंडिया को हरा दिया था. इस मैच में धोनी ने 50 रनों की पारी खेली थी.

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