एथलीट दुतीचंद को है ट्रेनिंग के लिए पैसों की दरकार, सोशल मीडिया में लिखा- बिकाऊ है मेरी लग्जरी कार

एक इंटरव्यू में भारतीय एथलीट दुतीचंद (Dutee Chand) ने कहा कि कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) की वजह से कोई भी स्पॉन्सर मेरी ट्रेनिंग पर पैसे खर्च करने को तैयार नहीं है.
Dutee Chand is selling her BMW Car, एथलीट दुतीचंद को है ट्रेनिंग के लिए पैसों की दरकार, सोशल मीडिया में लिखा- बिकाऊ है मेरी लग्जरी कार

भारतीय एथलीट दुतीचंद (Dutee Chand) की बीएमडब्ल्यू कार (BMW Car) बिकाऊ है. जी हां चौंकिए मत. दुतीचंद ने खुद ही सोशल मीडिया में ये लिखा है कि कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) की वजह से पैदा हुई परिस्थितियों के मद्देनजर वो अपनी ट्रेनिंग जारी रखने के लिए अपनी कार बेचना चाहती हैं.

दुतीचंद ने सोशल मीडिया में अपनी कार की फोटो भी पोस्ट कर दी थी. हालांकि बाद में उन्होंने वो पोस्ट डिलीट कर दी. ओडिया में लिखी उस पोस्ट में दुतीचंद ने लिखा था कि अगर कोई वो कार खरीदना चाहता है तो उनसे मैसेंजर पर संपर्क करे.

वो पोस्ट जो बाद में दुतीचंद ने डिलीट कर दी

दुतीचंद के पास BMW की एक कार थी. जो उन्होंने करीब तीस लाख में खरीदी थी. लेकिन अब ट्रेनिंग के खर्च के लिए उन्होंने उसे बेचने का फैसला किया है. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि- “ कोरोना महामारी की वजह से कोई भी स्पॉन्सर मेरी ट्रेनिंग पर पैसे खर्च करने को तैयार नहीं है.

अपनी ट्रेनिंग और ‘डाइट’ के खर्चे के लिए मुझे पैसों की जरूरत है इसलिए मैंने ये फैसला किया. मैं टोक्यो ओलंपिक की तैयारी कर रही हूं. जो अब कोरोना की वजह एक साल के लिए टल गया है. यहां तक कि राज्य सरकार भी वित्तीय संकट की बात कह रही है”.

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आपको बता दें कि एशियन गेम्स की कामयाबी के बाद उड़ीसा के मुख्यमंत्री ने दुतीचंद को तीन करोड़ रुपये का इनाम दिया था. इन्हीं पैसों से उन्होंने अपना घर बनवाया और कार खरीदी थी. फेसबुक पर लिखी गई दुतीचंद की पोस्ट को लेकर जैसे ही लोगों ने कॉमेन्ट करना शुरू किया उन्होंने उस पोस्ट को डिलीट कर दिया.

बाद में उन्होंने ये भी कहाकि उस कार के अलावा भी उनके पास दो और कारें हैं और इन सभी को घर पर रखने की जगह भी नहीं है इसलिए उन्होंने एक कार को बेचने का फैसला किया था.

करीब पांच लाख है महीने की ट्रेनिंग का खर्च

दुतीचंद की ट्रेनिंग पर हर महीने करीब पांच लाख रुपये का खर्च है. जिसमें कोच को दी जाने वाली तनख्वाह, फिजियोथेरेपिस्ट, डाइटिशियन और कुछ खर्च शामिल हैं. दुतीचंद को टोक्यो ओलंपिक के लिए सरकार से भी पचास लाख की रकम मिली थी. लेकिन वो रकम भी खर्च हो चुकी है.

अब उन्हें जर्मनी में ट्रेनिंग के लिए पैसों की दरकार है. दुतीचंद ने हाल ही में नेशनल रिकॉर्ड बनाया था. 24 साल की दुतीचंद भारत की तीसरी महिला एथलीट हैं जिन्होंने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है. उन्होंने जकार्ता एशियन गेम्स की 100 मीटर की रेस में सिल्वर मेडल जीता था. 1998 के बाद ये भारत के लिए पहला मेडल था.

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