टेस्ट में बेस्ट इंडिया, टी-20 में शिखर पर पहुंचने के लिए चुनौती बनीं ये 5 वजह

क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में टीम इंडिया टॉप-3 से बाहर है और नंबर पांच पर है. आखिर टी-20 फॉर्मेट में टीम इंडिया फीकी क्यों पड़ रही है. इसकी 5 बड़ी वजह हैं.

विश्व क्रिकेट में अपनी बादशाहत कायम कर चुकी टीम इंडिया के सामने न्यूजीलैंड दौरे पर सिर्फ कीवी टीम को उसके घर में हराने की चुनौती नहीं है. बल्कि फटाफट क्रिकेट में टॉप-3 से बाहर होने की कमी को दूर कर रैंकिंग सुधारने की भी चुनौती होगी. आखिर कौन-सी वजह हैं जिनपर कप्तान कोहली को ध्यान देना होगा.

टेस्ट में बेस्ट टीम इंडिया. वनडे रैंकिंग में भी नंबर दो पर काबिज है भारतीय टीम. विश्व क्रिकेट में भारत का दबदबा है. लेकिन क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में टीम इंडिया टॉप-3 से बाहर है और नंबर पांच पर है. ये बात भारतीय कप्तान से लेकर भारतीय फैंस सबको चुभती है. आखिर टी-20 फॉर्मेट में टीम इंडिया फीकी क्यों पड़ रही है. इसकी कई बड़ी वजह हैं.

टॉप टीम की खिलाफ नहीं हुए ज्यादा मैच

आईसीसी रैंकिंग में पिछड़ने की एक बड़ी वजह ये हैं कि भारतीय टीम ने पिछले एक साल में टी-20 की टॉप-3 टीम के खिलाफ ज्यादा मुकाबले नहीं खेले. जिसकी वजह से उसकी रैंकिंग में ज्यादा सुधार नहीं हुआ. इस वक्त आईसीसी टी-20 रैंकिंग में नंबर एक पर पाकिस्तान है.

भारतीय टीम पाकिस्तान के खिलाफ बाइलेट्रल सीरीज नहीं खेलती. नंबर 2 पर ऑस्ट्रेलिया है. और भारत ने पिछले 12 महीनों में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 टी-20 मैच ही खेले जिसमें टीम इंडिया दोनों मैच हार गई.

इसके अलावा नंबर तीन पर काबिज इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया ने पिछले 1 साल में कोई मुकाबला नहीं खेला. जिसकी वजह से भी टीम इंडिया की रैंकिंग में सुधार नहीं हो पा रहा है.

ओपनिंग में अस्थिरता

भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा और शिखर धवन अगर चल जाएं तो किसी भी विरोधी पर ये जोड़ी भारी पड़ सकती है. लेकिन शिखर धवन की इंजरी ने उन्हें काफी परेशान किया है. जिसका असर उनके प्रदर्शन पर पड़ता है.

rohit sharma and shikhar dhawan

धवन ने पिछले 1 साल में 15 टी-20 मैच में 25.42 की औसत से कुल 356 रन बनाए. वहीं रोहित ने इस दौरान कुल 14 टी-20 मैच में 28.28 की औसत से 396 रन बनाए. अब एक बार फिर धवन इंजर्ड हैं और उनकी जगह टीम में संजू सैमसन को मौका दिया गया है. धवन की गैरमौजूदगी में ओपनिंग की जिम्मेदारी कभी केएल राहुल निभाते हैं.

मिडिल ऑर्डर में मुश्किल

भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी उलझन ये नहीं है कि विरोधी पर कैसे शिकंजा कसा जाए. बल्कि उलझन ये है कि नंबर 4 पर और नंबर 5 पर कौन बल्लेबाजी करेगा. इसी सवाल में टीम इंडिया पिछले तीन साल से उलझी हुई है.

हाल ही में विराट ने कई प्रयोग किए. वो खुद नंबर तीन की बजाए कभी नंबर चार पर आए तो कभी नंबर 5 पर. ऐसे में श्रेयस अय्यर. मनीष पांडे और केएल राहुल का इस्तेमाल किया गया. जिसमें कई मौकों पर ये प्रयोग सफल हुआ तो ज्यादातर मुकाबलों में फेल.

पंत का फ्लॉप शो

महेंद्र सिंह धोनी की गैरमौजूदगी में विकेटकीपर बल्लेबाज की भूमिका में ऋषभ पंत हैं. लेकिन वो न तो विकेटकीपिंग कर पा रहे हैं और ना ही बल्लेबाजी में उनके हाथ खुल रहे हैं. पंत ने पिछले 6 महीने में कुल 13 मैच खेले जिसमें उन्होंने 22.12 की औसत से महज 177 रन जोड़े और उनकी कीपिंग के किस्से से तो हर कोई वाकिफ हैं.

Rishabh Pant india

वो डीआरएस की कॉल लेने में कप्तान की मदद तक नहीं कर पाते. जबकि धोनी को इसमें महारत हासिल हैं. यहां तक कि डीआरएस को भारतीय फैंस धोनी रिव्यू सिस्टम तक कहते नजर आते हैं.

हार्दिक की कमी टीम को खली

हार्दिक पांड्या इस फॉर्मेट में टीम के लिए मुफीद खिलाड़ी थे. वो 140 से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी करने के साथ साथ ताबड़तोड़ बल्लेबाजी भी कर सकते थे. लेकिन उनकी फिटनेस टीम के लिए परेशानी बनी हुई है. वो अब भी टीम से बाहर हैं.

Hardik Pandya, Hardik Pandya Breaks, Hardik Pandya vs SA, Hardik Pandya world cup, Hardik Pandya fitness, Hardik Pandya news

विराट कोहली ने पिछले कुछ महीनों में शार्दुल ठाकुर, शिवम दुबे जैसे खिलाड़ियों को आजमाया है. लेकिन किसी की बल्लेबाजी में कंसिसटेंसी नहीं दिखी है. पांच साल से टी-20 फॉर्मेट में टीम का हिस्सा बनते रहे मनीष पांडे भी अभी तक अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए हैं.

इन कमियों के अलावा भारतीय गेंदबाजी में भी परेशानी है. डेथ ओवर्स में बुमराह की गैर मौजूदगी में कप्तान कोहली को कोई सही विकल्प नहीं मिल पाया. ऐसे में इस परेशानी को भी सुधारना टीम इंडिया के लिए जरुरी है.

ये भी पढ़ें-

‘जितने तुम्हारे सिर पर बाल नहीं, उतना मेरे पास माल’, शोएब अख्तर का सहवाग पर तंज

न्यूजीलैंड के इन खिलाड़ियों से टीम INDIA को रहना होगा सावधान

Related Posts