विजय शंकर का गुस्सा बांग्लादेश पर उतरा, दिनेश कार्तिक ने बताया निदहास ट्रॉफी की तूफानी पारी का सच

दिनेश कार्तिक ने अपने करियर में कई बेहतरीन पारियां खेली हैं, लेकिन जैसी पारी उन्होंने निदहास ट्रॉफी में खेली, वो उनके करियर की सबसे शानदार पारी थी.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 12:09 am, Fri, 16 October 20

 

दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) पिछले 16 सालों से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं. अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कार्तिक को प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव का खामियाजा भुगतना पड़ा है और वह अक्सर टीम से अंदर-बाहर होते रहे हैं. उन्होंने कुछ अहम पारियां भी इस दौरान खेली हैं, लेकिन 2018 में निदहास ट्रॉफी (Nidhas Trophy) के फाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ खेली गई मैच जिताऊ तूफानी पारी सबसे यादगार बन गई. कार्तिक ने अब खुलासा किया है कि इस पारी के दौरान वो बेहद गुस्से में थे और उन्होंने ये गुस्सा बांग्लादेश पर उतारा.

18 मार्च 2018 को कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में टी20 टूर्नामेंट का फाइनल खेला जा रहा था. भारत और बांग्लादेश की टीमें आमने सामने थीं. भारत को जीत के लिए 20 ओवरों में 168 रनों की जरूरत थी, लेकिन 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर भारत ने 133 रन पर पांचवां विकेट गंवाया. फिर क्रीज पर आए दिनेश कार्तिक.

रूबेल हुसैन पर फूटा कार्तिक का गुस्सा

आखिरी 2 ओवरों में भारत को 34 रनों की जरूरत थी और फिर कार्तिक ने अपने टीम इंडिया करियर की सबसे शानदार पारी खेली. मैच में बांग्लादेश के सबसे सफल गेंदबाज रुबेल हुसैन 19वें ओवर में गेंदबाजी के लिए आए और कार्तिक ने तूफान मचा दिया. कार्तिक ने इस ओवर में 2 छक्कों और 2 चौकों समेत 24 रन बटोर लिए. इसके बाद भारत को जीत के लिए आखिरी गेंद पर पांच रन बनाने थे और कार्तिक ने एक्स्ट्रा कवर्स के ऊपर से जोरदार छक्का लगाकर भारत को फाइनल में रोमांचक जीत दिला दी.

लेकिन मैदान में उतरने से पहले कार्तिक बेहद गुस्से में थे. कारण थे विजय शंकर. दरअसल टीम के नए सदस्य विजय शंकर को कार्तिक से पहले बैटिंग के लिए उतार दिया गया था, जिससे वह बेहद खफा थे.

बैटिंग ऑर्डर में बदलाव से खफा थे गेल

कार्तिक ने ‘द फिनिश लाइन’ कार्यक्रम में सौरव घोषाल के साथ चर्चा के दौरान कहा, “पहले मैं नंबर 5 पर बल्लेबाजी करने के लिए तैयार था, लेकिन रोहित ने कहा कि मैं नंबर 6 पर बैटिंग के लिए जाऊंगा, इसलिए मैं इसके साथ भी खुश था.”

कार्तिक ने आगे बताया, “मैं इसे लेकर पूरी तरह से आश्वस्त था कि मैं 6 नंबर पर बल्लेबाजी करने जाउंगा और बची हुई गेंदों और रनों के बीच के फासले को देख सकता था. जब चौथा विकेट आउट हो गया तो मैं बल्लेबाजी के लिए मैदान में उतरने के लिए तैयार था, लेकिन तभी रोहित ने कहा कि विजय शंकर को बल्लेबाजी के लिए जाना चाहिए. इससे उस वक्त मैं बेहद गुस्से में था और निराश था.”

हालांकि कार्तिक ने कहा कि वह कप्तान के सामने अपना गुस्सा जाहिर नहीं कर सकते थे. उन्होंने कहा, “जाहिर है कि आप कप्तान से सवाल नहीं कर सकते. मैं इसे लेकर निश्चित था कि रोहित के दिमाग में जरूर कुछ चल रहा था. आखिरकार मैं नंबर-7 पर बल्लेबाजी के लिए उतरा.”

35 साल के कार्तिक ने उस समय अपने दिमााग में चल रही बातों को भी याद किया. उन्होंने कहा, “जीवन में कई बार ऐसे मौके आते हैं जब आप आगे आकर कुछ खास करते हैं. मेरे लिए यह वही मौका था, जहां मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं था. मेरे पास एक मौका था, जब मैं पूरी तरह से खुलकर खेल सकता था.”

हमेशा इसके लिए करता था प्रैक्टिस

कार्तिक ने कहा, “मैंने हमेशा ऐसी स्थिति में प्रैक्टिस की थी, जहां एक ओवर में 12 या दो ओवर में 20 रन चाहिए थे, लेकिन मुझे नहीं लगता है कि मैंने कभी ऐसी स्थिति का सामना किया था, जहां हमें दो ओवर में 34 रन की जरूरत थी. जब मैं ग्राउंड पर उतरा तो मैं जानता था कि मैं शॉट खेल सकता हूं और उस दिन इसे अच्छे से मैदान पर दिखा सकता हूं.”

विजय शंकर के लिए यह मैच बेहद खराब था और कार्तिक से पहले उतरने के बावजूद वह 19 गेंदों में 17 रन बनाकर आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर आउट हो गए थे. वहीं कार्तिक ने ड्रेसिंग रूम के अपने गुस्से को बांग्लादेश के गेंदबाजों पर पूरी तरह से उतार दिया. कार्तिक ने सिर्फ 8 गेंदों पर 3 छक्कों और 2 चौकों की मदद से 29 रन (नॉट आउट) बना डाले.

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