धोनी ने फिर वही किया, जो हम और आप सोच भी नहीं सकते थे…

उन्होंने हर काम को धोनी स्टाइल बना दिया. जाते-जाते रिटायरमेंट का भी अपना स्टाइल तय किया. इंस्टाग्राम पर ‘1929 बजे के बाद से रिटायर समझा जाए' जैसा तरीका शायद ही किसी ने सोचा होगा. लेकिन यही धोनी हैं. जो आपने और हमने सोचा न हो, वैसा करने वाले...
MS Dhoni retired, धोनी ने फिर वही किया, जो हम और आप सोच भी नहीं सकते थे…

ऑस्ट्रेलिया दौरे की प्रेस कॉन्फ्रेंस थी. महेंद्र सिंह धोनी के रिटायरमेंट को लेकर चर्चाएं चल रही थीं. प्रेस कॉन्फ्रेंस में घुमा-फिराकर किए गए एक सवाल पर उन्होंने जो कहा था, वह कुछ ऐसा था कि आपके सूत्र जो कहते हों, उनको सुनिएगा, फिर जो आपको मेरा बेस्ट पॉसिबल फैसला लगे, उसे पलट दीजिएगा. धोनी उस मजाक में यह बताना चाह रहे थे कि उनका फैसला वो होगा और ऐसा होगा जो आम लोग दूर-दूर तक सोच भी नहीं सकते. मतलब यह कि जितना चाहें, सोच लीजिए… महेंद्र सिंह धोनी वही करेगा, जो आप सोच भी नहीं पाएंगे.

धोनी ने वही किया. उन्होंने रिटायरमेंट की घोषणा की. घोषणा भी ऐसी कि 1929 बजे के बाद मुझे रिटायर मानिए. क्या कोई ऐसे रिटायरमेंट अनाउंस करता है? कोई एक ही कर सकता है, जिसका नाम महेंद्र सिंह धोनी हो. वह पहले भी इसी तरह के फैसले करते रहे हैं. अब बहस चलती रहेगी कि पहले घोषणा करनी चाहिए, ग्राउंड पर आखिरी मैच होना चाहिए वगैरह वगैरह… लेकिन ये सारी बातें बाकी सबके लिए सच हो सकती हैं, महेंद्र सिंह धोनी के लिए नहीं, क्योंकि उनका अपना स्टाइल है और उन्होंने पूरे करियर में उसी स्टाइल से फैसले किए हैं.

हर फॉर्मेट में चौंकाने वाला रहा रिटायरमेंट का फैसला

30 दिसंबर 2014 का दिन याद है? ऑस्ट्रेलिया दौरा था. एमसीजी यानी मेलबर्न में महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी टीम के साथियों को एक जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वह टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो रहे हैं. कुछ मिनटों बाद धोनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आए. हमेशा की तरह मीडिया को यह जानकारी नहीं दी. किसी को इसका पता नहीं था. बाद में बीसीसीआई का मेल आया, जिसमें यह जानकारी थी. जिनको धोनी के रिटायरमेंट का पता था, वे ऐसे लोग थे, जिन्होंने इस बारे में एक शब्द नहीं कहा.

यही धोनी का स्टाइल है. उन्होंने हमेशा अपने फैसलों को सार्वजनिक मंच से दूर रखा. सार्वजनिक क्या, उनके करीबी से करीबी लोग नहीं जान पाए कि उनका माही क्या करने वाला है. तीन साल पहले की घटना याद कर लीजिए. 4 जनवरी 2017. दिन में झारखंड और गुजरात के बीच मैच के दौरान चीफ सेलेक्टर एमएसके प्रसाद के साथ बातचीत करते एमएस धोनी नजर आए थे. रात में एक मेल के जरिए बीसीसीआई की तरफ से सूचना दी जाती है कि महेंद्र सिंह धोनी ने वनडे और टी 20 की कप्तानी से हटने का फैसला किया है. इस बार भी किसी को जानकारी नहीं. जिनको जानकारी थी, उन्होंने किसी के साथ यह जानकारी साझा नहीं की.

MS Dhoni retired, धोनी ने फिर वही किया, जो हम और आप सोच भी नहीं सकते थे…

खेल पत्रकारों, खासतौर पर बंगाल से जुड़े पत्रकारों के लिए धोनी के आने से पहले एक एक रवायत थी. मैच की सुबह अखबारों में प्लेइंग इलेवन छपा करती थी. मैच से एक या दो दिन पहले मीटिंग में प्लेइंग इलेवन तय हो जाती है. पत्रकार अपने सूत्रों से पता कर लेते थे कि टीम कैसी होगी. धोनी ने इसे बदल दिया. तय हो गया कि अगर नाम बाहर गया, तो सख्त एक्शन लिया जाएगा. अपनी बातों को बाहर न आने देना धोनी ने हमेशा से तय किया है. करियर के शुरुआत में भी और अंत में भी.

खेल के बाहर भी बदली सोच

दरअसल, धोनी ने भारतीय क्रिकेट में बहुत कुछ बदला. उन्होंने छोटे शहरों से आने वाले क्रिकेटर्स को लेकर सोच बदली. उन्होंने दिखाया कि जिस देश में क्रिकेट कप्तान की अहमियत प्रधानमंत्री के बाद शायद सबसे ज्यादा है, वो अपनी व्यक्तिगत जिंदगी को व्यक्तिगत कैसे रख सकता है. धोनी ने टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए स्टाइलिश कीपर होने की शर्त को बदला. धोनी ने शॉट्स खेलने में अपने स्टाइल को जगह दिलाई. उन्होंने दिखाया कि तकनीक से ज्यादा बड़ी बात टेंपरामेंट है. धोनी ने टी 20 की कप्तानी को तब मंजूर किया, जब सभी बड़े खिलाड़ी इस फॉर्मेट से दूर रहना चाहते थे. 2007 के उस वर्ल्ड कप को जीतकर उन्होंने ट्रेडीशनल सोच को बदल दिया.

कप्तानी भी धोनी ने अपने तरीके से की. सौरव गांगुली को भी टीम चुनने में इतना हक नहीं मिला होगा, जितना धोनी को मिला. जो धोनी ने मांगा, वो उन्हें मिला. जो उनके रास्ते में आया, उसे रास्ते से हटना पड़ा. टीम इंडिया दरअसल टीम धोनी बन गई. कप्तान के तौर पर उन्होंने अजीबो-गरीब फैसले लिए. क्रिकेटिंग लॉजिक के खिलाफ. लेकिन उन्हें अधिकतर बार कामयाबी मिली.

उन्होंने हर काम को धोनी स्टाइल बना दिया. जाते-जाते रिटायरमेंट का भी अपना स्टाइल तय किया. इंस्टाग्राम पर ‘1929 बजे के बाद से रिटायर समझा जाए’ जैसा तरीका शायद ही किसी ने सोचा होगा. लेकिन यही धोनी हैं. जो आपने और हमने सोचा न हो, वैसा करने वाले…

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