आखिर क्यों इस मामले में कोहली से हमेशा बेहतर साबित हुए हैं एमएस धोनी?

ms dhoni virat kohli dhoni cricket, आखिर क्यों इस मामले में कोहली से हमेशा बेहतर साबित हुए हैं एमएस धोनी?

नई दिल्ली: पिछले कुछ समय से आलोचकों की मार झेल रहे एमएस धोनी के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरा काफी अच्छा साबित हुआ था. जो पहले उन्हें टीम से बाहर निकालने की वकालत कर रहे थे अब उन्होंने ही माही को वर्ल्ड कप का पालनहार मान लिया है. उन्हें फिर से लगने लगा है कि माही दुबारा वर्ल्ड कप जिता सकते हैं. आपको बता दें कि धोनी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वनडे सीरीज़ के तीनों मैचों में न सिर्फ हाफ सेंचुरी लगाई बल्कि मैन ऑफ द सीरीज़ भी चुने गए.

आखिर क्यों कोहली से ‘विराट’ हैं धोनी?

लक्ष्य का पीछा करने के मामले में कोहली किंग हैं और उनके रिकॅार्ड्स भी धोनी से कहीं आगे हैं लेकिन जब भी ग्रेटेस्ट की बात होगी हमेशा धोनी का नाम ही आएगा. लक्ष्य का पीछा करते हुए अगर ऐवरेज की बात करें तो धोनी एकमात्र प्लेयर हैं जिनका ऐवरेज 100 के पार हैं. रन चेज करते समय धोनी 48 बार नॅाटआउट वापस आए हैं जिनमें से 46 बार वे टीम की जीत पक्की करके आए थे. सिर्फ दो बार ही ऐसे मौके आए जब धोनी टीम को जीत नहीं दिला पाए थे.

जिन दो मैचों की बात यहां की जा रही है उनमें से एक मैच टाई पर खत्म हुआ था. यह मैच 2012 में ऐडिलेड में श्रीलंका के खिलाफ खेला गया था जिसमें 237 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 49 ओवर में 228 रन बना लिए थे और अंतिम ओवर में भारत को जीत के लिए 9 रन चाहिए थे. मलिंगा के उस ओवर में चार गेंदों पर 5 रन बने और पांचवीं गेंद पर विकेट गिर गया. अंतिम गेंद पर धोनी स्ट्राइक पर आए और जीत के लिए चार रन चाहिए थे. धोनी ने गेंद को एक्स्ट्रा कवर की तरफ मारा लेकिन श्रीलंकाई फील्डर ने बाउंड्री बचा ली. इस दौरान धोनी ने तीन रन दौड़ लिए और मैच टाई हो गया.

धोनी के नाबाद रहते हुए जिस मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा वह पाकिस्तान के खिलाफ 2013 में कोलकाता में खेला गया था. 251 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 165 रन पर ही ऑलआउट हो गई थी और धोनी 89 बॉल पर 54 रन बनाकर नॉटआउट रहे थे.

क्या कहते हैं आंकड़े

सफल रन चेज में अगर बेस्ट ऐवरेज की बात करें तो धोनी का नाम सबसे ऊपर है. धोनी ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 73 पारियों में 103.07 के औसत से 2783 रन बनाए हैं जिसमें 2 शतक भी शामिल है. विराट कोहली की बात करें तो लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली ने 78 पारियों में 97.98 के औसत से 4899 रन बनाए हैं जिनमें 21 शतक शामिल है.

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