पाकिस्तान क्रिकेट में छाया हुआ है जूता कांड, सही या गलत है पूर्व कप्तान सरफराज अहमद का जूता उठाना

मैनचेस्टर टेस्ट मैच में पाकिस्तान टीम के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद मैदान पर खिलाड़ियों को पानी पिलाते और उनके लिए जूते लाते हुए दिखाई दिए. इसी मुद्दे पर विश्व क्रिकेट में पाकिस्तान की बेइज्जती हो रही है.
sarfaraz ahmed shoes, पाकिस्तान क्रिकेट में छाया हुआ है जूता कांड, सही या गलत है पूर्व कप्तान सरफराज अहमद का जूता उठाना

इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच मैनचेस्टर टेस्ट जारी है. शान मसूद की शतकीय पारी के दम पर पाकिस्तान टीम बेहतर स्थिति में दिखाई दे रही है. लेकिन इस मैच में एक तस्वीर ऐसी आई जिसकी वजह से पाकिस्तान की दुनिया भर में बदनामी हो रही है. मैनचेस्टर टेस्ट मैच में पाकिस्तान टीम के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद मैदान पर खिलाड़ियों को पानी पिलाते और उनके लिए जूते लाते हुए दिखाई दिए. इसी मुद्दे पर विश्व क्रिकेट में पाकिस्तान की बेइज्जती हो रही है. साथ ही पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने नाराजगी जाहिर की है.

‘वसीम अकरम ने मेरे लिए कभी जूते नहीं उठाए’

इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट मैच में सरफराज अहमद प्लेइंग इलेवन से बाहर हैं. वो टीम के 12वें खिलाड़ी हैं. इस मैच में सरफराज खिलाड़ियों को पानी पिलाते हुए नजर आए. लेकिन जब वो मैदान पर शान मसूद के लिए जूते लेकर पहुंचे तो बहस का विषय बन गए. पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने कहा कि – “मुझे वो तस्वीरें बिल्कुल अच्छी नहीं लगी. अगर आप कराची से बाहर के एक खिलाड़ी को उदाहरण के तौर पर पेश करना चाहते हो, तो ये गलत है. आप ऐसा व्यवहार एक ऐसे खिलाड़ी के साथ नहीं कर सकते जिसने चार साल पाकिस्तान की कप्तानी की हो और पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी भी जिताई हो.”

उन्होंने आगे कहा, “आपने उसे जूते उठाने के लिए मजबूर किया. अगर उन्होंने खुद ऐसा किया, तो उन्हें रोकना चाहिए था. वसीम अकरम ने मेरे लिए कभी जूते नहीं उठाए. ये दिखाता है कि सरफराज काफी विनम्र और कमजोर इंसान हैं. उन्होंने जिस तरह से जूते उठाए जरूर वैसे ही कप्तानी भी करते होंगे. इसलिए मिकी ऑर्थर उन पर हावी रहते थे. मैं ये नहीं कह रहा जूते उठाने में कोई दिक्कत है, लेकिन पूर्व कप्तान को ऐसा नहीं करना चाहिए.”

मिस्बाह ने दी सफाई

एक ओर शोएब अख्तर इस मुद्दे पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. तो दूसरी ओर हेड कोच और चीफ सेलेक्टर मिस्बाह इस मामले पर सफाई देते हुए नजर आए. मिस्बाह ने कहा कि- “ये बहुत आम बात है और मुझे नहीं लगता कि सरफराज के लिए ये कोई मुद्दा होगा. मैंने खुद भी कप्तान के तौर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में ड्रिंक्स उठाई थी. उस मैच में मैं बारहवां खिलाड़ी था. सरफराज एक शानदार खिलाड़ी और बेहतरीन इंसान हैं. वो जानते हैं कि ये टीम गेम है. जब दूसरे खिलाड़ी मैदान पर खेल रहे हों, तो बाहर बैठे खिलाड़ियों को उनकी मदद करनी चाहिए. ये कोई बेइज्जती की बात नहीं. बल्कि ये दिखाता है कि सरफराज कितने बड़े है कि उन्हें ये करने में कोई आपत्ति नहीं हुई.”

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