विश्व कप में 3 रन पर बवाल, धोनी पर ‘गंभीर’ सवाल

गौतम गंभीर की बातों से साफ है कि उनको धोनी से कई शिकायतें हैं, लेकिन ये भी सच है कि गंभीर ने सबसे ज्यादा क्रिकेट धोनी की कप्तानी में ही खेली.

साल 2011 वर्ल्ड कप के हीरो गौतम गंभीर के मुताबिक धोनी ने उनका ध्यान भटका दिया था, जिसकी वजह से वो शतक से चूक गए. गंभीर ने कहा कि ‘मुझसे कई बार यह सवाल पूछा गया कि जब मैं 97 रन पर था तो क्या हुआ. मैं सभी युवाओं और सभी लोगों से कहता हूं कि 97 रन पर पहुंचने से पहले मैंने अपने व्यक्तिगत स्कोर के बारे में नहीं सोचा था. बल्कि श्रीलंका की ओर से मिले लक्ष्य पर ध्यान था.

गंभीर ने आगे कहा कि मुझे याद है कि जब ओवर पूरा हुआ था तो मैं और धोनी क्रीज पर थे. धोनी ने मुझसे कहा कि 3 रन बाकी है, ये 3 रन बना लो और तुम्हारा शतक पूरा हो जाएगा. अचानक से जब आपका दिमाग निजी प्रदर्शन, निजी स्कोर पर चला जाता है तो आपका जोश बढ़ जाता है. इस पल से पहले मेरा लक्ष्य श्रीलंका के स्कोर को पाना था. अगर वही लक्ष्य मेरे दिमाग में रहता तो हो सकता था कि मैं आसानी से शतक बना लेता. जैसे ही मैंने सोचा कि मैं शतक से 3 रन दूर हूं तो शतक बनाने की इच्छा का जोश आ गया. जब मैं ड्रेसिंग रूम जा रहा था तो मैंने खुद से कहा कि ये 3 रन मुझे जिंदगीभर परेशान करेंगे और ये सच है.

श्रीलंका के खिलाफ 2011 वर्ल्ड कप फाइनल में गौतम गंभीर 97 रन पर आउट हो गए थे. वहीं धोनी ने नाबाद 91 रन की पारी खेली थी और छक्का लगाकर टीम इंडिया को वर्ल्ड चैम्पियन बनया था. वर्ल्ड कप फाइनल में अपनी पारी के लिए धोनी और गंभीर को हमेशा याद किया जाता है. उस वक्त शायद ही किसी के मन में ये ख्याल आया हो कि गंभीर के मन में क्या चल रहा था.

वैसे गंभीर पहले भी धोनी की कप्तानी पर सवाल उठा चुके हैं. गंभीर के मुताबिक धोनी ने साल 2012 में अपने ही बनाए नियम को नजरअंदाज कर दिया था. गंभीर के मुताबिक धोनी ने 2012 की सीबी सीरीज में रॉटेशन पॉलिसी बनाई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि सचिन, सहवाग और गंभीर एक साथ एक मैच में नहीं खेल सकते. क्योंकि 2015 वर्ल्ड कप की तैयारी करनी थी. हांलाकि वो फिर बाद में पलट गए थे.

गौतम गंभीर की बातों से साफ है कि उनको धोनी से कई शिकायतें हैं, लेकिन ये भी सच है कि गंभीर ने सबसे ज्यादा क्रिकेट धोनी की कप्तानी में ही खेली. करियर के 147 में से 105 वनडे में गंभीर के कप्तान धोनी ही थे. धोनी की कप्तानी में ही गंभीर ने 58 में से 34 टेस्ट मैच खेले. वहीं अपने करियर से सभी 37 टी-20 मैच भी गंभीर ने धोनी की कप्तानी में ही खेले.

एक साथ इतना क्रिकेट खेलने के बाद भी गंभीर के मन में अपने कप्तान धोनी के लिए कड़वाहट क्यों है इसकी वजह तो वो बता चुके हैं, लेकिन अब तक महेंद्र सिंह धोनी की ओर से गंभीर के आरोपों का कोई जवाब नहीं आया है. बहरहाल गंभीर ने करीब 8 साल बाद जब ये मलाल बताया तो एक नया विवाद क्रिकेट जगत में शुरू हो गया. खैर, अब इस विवाद का कोई खात्मा नहीं होता दिखता क्योंकि अव्वल तो धोनी इस बात का जवाब देंगे नहीं और अगर देंगे तो वो ये कहकर अपना पक्ष रख सकते हैं कि किसी खिलाड़ी को शतक के लिए प्रेरित करना कहीं से भी मतलबी होना नहीं है.

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