‘2011 विश्वकप फाइनल में 97 रन पर क्यों आउट हुआ था,’ गौतम गंभीर ने खोला राज

सलामी बल्लेबाज गंभीर ने 2011 विश्वकप फाइनल में 97 रनों की शानदार पारी खेली थी. शानदार फॉर्म में होने के बाद भी वह शतक से चूक गए थे.

नई दिल्ली: इंग्लैंड में क्रिकेट का महात्योहार विश्व कप चल रहा है. ऐसे में तमाम भारतीयों के जेहन में साल 2011 की वो तस्वीरें जरूर आ रही होंगी, जब भारतीय क्रिकेट टीम ने विश्व कप उठाया था. भारत ने श्रीलंका को फाइनल मैच में मात देकर ये कीर्तिमान रचा, जिसकी पटकथा लिखी थी गौतम गंभीर ने.

सलामी बल्लेबाज गंभीर ने 2011 विश्वकप फाइनल में 97 रनों की शानदार पारी खेली थी. मैच में 9 चौके जड़ने और 100 से ज्यादा गेंदों का सामना करने के बाद क्रीज पर जम चुके गंभीर इस ऐतिहासिक मुकाबले में शतक लगाने से चूक गए थे. 2011 फाइनल में शतक के इतना करीब आकर आउट होने की बात पर पहली बार उन्होंने चर्चा की टीवी9 भारतवर्ष के खास कार्यक्रम ‘विश्व विजयी हो भारत हमारा’ में.

गंभीर ने 97 रन पर आउट होने की घटना का जिक्र करते हुए बताया, “जब मैं उस मैच के दौरान बैटिंग कर रहा था तब मेरे दिमाग में कोई भी नेगेटिव चीज नहीं थी. हमारे दिमाग में सिर्फ एक चीज थी कि हमें श्रीलंका को हराना है. लेकिन 97 के स्कोर पर जब मैं खेल रहा था. तब ओवर खत्म होने के बाद धोनी ने मुझसे कहा कि आप 97 पर हो तीन रन और बना लो आपका शतक हो जाएगा.”

भारतीय सलामी बल्लेबाज ने आगे कहा, “जब एमएस (धोनी) ने मुझसे ये कहा तब मेरा फोकस शिफ्ट हो गया. इसके चलते में गलत शॉट खेल बैठा और आउट हो गया.” उन्होंने बताया कि बड़े लक्ष्य को सोच कर खेलना चाहिए और ऐसे में आप छोटे लक्ष्य के बारे में सोचने लगते हैं तो गलत शॉट खेल देते हैं.

मालूम हो कि गंभीर उस मैच में 97 रन बनाकर थिसारा परेरा के शिकार हो गए थे. हालांकि भारत ने उनके आउट होने के बाद महेंद्र सिंह धोनी की धमाकेदार 91 रनों की पारी के चलते विश्वकप फतह किया. इस मैच में धोनी को उनकी पारी के लिए मेन ऑफ द मैच मिला था. मेन ऑफ द टूर्नामेंट युवराज सिंह थे.

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