गौतम गंभीर ने बताया कौन है सीमित ओवर क्रिकेट का सबसे बड़ा कप्तान ?

गंभीर ने गांगुली से लेकर राहुल द्रविड़ और धोनी की कप्तानी में भी क्रिकेट खेला. गांगुली को टीम इंडिया का सफल कप्तान कहा जाता है. क्योंकि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम का विदेशों में प्रदर्शन बेहतर हुआ था. लेकिन जब बात धोनी की आती है तो फिर सामने आती हैं टीम इंडिया की वो उपलब्धियां, जो धोनी ने भारत के नाम लिखी.
Gautam Gambhir, गौतम गंभीर ने बताया कौन है सीमित ओवर क्रिकेट का सबसे बड़ा कप्तान ?

पूर्व भारतीय खिलाड़ी गौतम गंभीर को अक्सर पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए देखा गया है. चाहे वो विश्व कप 2011 के फाइनल में धोनी का लगाया गया विनिंग छक्का हो. जिसको लेकर गंभीर ने कहा था कि सिर्फ एक छक्के को इतना श्रेय देना सही नहीं है. या फिर मौजूदा टीम इंडिया में धोनी की मौजूदगी हो. गंभीर कई मौकों पर धोनी की आलोचना कर चुके हैं. लेकिन अब गौतम गंभीर ने ही महेंद्र सिंह धोनी को भारत का सीमित ओवर क्रिकेट का सबसे बड़ा कप्तान करार दिया है.

धोनी ने जीता हर ICC इवेंट

गौतम गंभीर ने सौरव गांगुली की कप्तानी से लेकर राहुल द्रविड़ और धोनी की कप्तानी में भी क्रिकेट खेला. सौरव गांगुली को टीम इंडिया का सफल कप्तान कहा जाता है. क्योंकि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम का विदेशों में प्रदर्शन बेहतर हुआ था. लेकिन जब बात धोनी की आती है तो फिर सामने आती हैं टीम इंडिया की वो उपलब्धियां, जो धोनी ने भारत के नाम लिखी.

देखिए NewsTop9 टीवी 9 भारतवर्ष पर रोज सुबह शाम 7 बजे

गौतम गंभीर ने गांगुली और धोनी की कप्तानी पर बात करते हुआ कहा, “सीमित ओवर क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी सौरव गांगुली से बेहतर कप्तान थे. खासतौर पर अगर आप सिर्फ खिताब के बारे में बात करें तो. टी-20 विश्व कप, ICC चैंपियंस ट्रॉफी, 50 ओवर क्रिकेट विश्व कप – ICC टूर्नामेंट में कुछ भी ऐसा नहीं है जो धोनी ने नहीं जीता हो. एक कप्तान के तौर पर धोनी से बेहतर किसी का रिकॉर्ड नहीं है. तो इसमें मुझे ये कहने में कोई शक नहीं है कि व्हाइट बॉल क्रिकेट में धोनी गांगुली से बेहतर कप्तान थे.”

गांगुली ने दी थी धोनी को मैच विनर्स की टीम

बेशक गौतम गंभीर ने धोनी को रिकॉर्ड्स के मामले में गांगुली से बेहतर माना है. लेकिन इसके साथ ही उन्होंने गांगुली के योगदान की भी तारीफ की. उन्होंने कहा जब गांगुली ने कप्तानी संभाली तो उनके पास वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, जहीर खान, आशीष नेहरा और मोहम्मद कैफ जैसे कम अनुभवी खिलाड़ी थे. इन्हें तैयार करने की जरूरत थी. लेकिन जब महेंद्र सिंह धोनी ने कप्तानी संभाली तो ये सभी विश्व स्तर के शानदार खिलाड़ी हो चुके थे. किसी भी टीम को हराने का माद्दा रखते थे.

एमएस धोनी को ऐसे अनुभवी खिलाड़ी मिले जिन्होंने सौरव गांगुली की कप्तानी में शुरुआत की. अगर आप 2002 की चैंपियंस ट्रॉफी की बात करें तो टीम इंडिया श्रीलंका के साथ संयुक्त विजेता बना था. उस मैच में भारत का पलड़ा भारी था. अगर मैच होता तो भारत ही चैंपियंस ट्रोफी का विजेता होता. वहां कप्तान सौरव गांगुली थे. तो इस पड़ाव पर गांगुली और धोनी बराबर होते. साथ ही अगर 2003 विश्व कप का फाइनल मैच हम जीते होते तो फिर बात अलग होती. इसलिए उन एक-एक मैच की वजह से पलड़ा धोनी की ओर थोड़ा ज्यादा झुकता है.

Related Posts