Exclusive: जब मनु भाकर को समझाना पड़ा कि वो फिल्मी नहीं असली शूटिंग करती हैं

मनु भाकर (Manu Bhaker) ने 16 साल की उम्र में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप (ISSF World Cup) में दो बार की वर्ल्ड चैंपियन को हराकर गोल्ड जीता था.

Manu Bhaker interview, Exclusive: जब मनु भाकर को समझाना पड़ा कि वो फिल्मी नहीं असली शूटिंग करती हैं

हरियाणा के झज्जर से निकली मनु भाकर (Manu Bhaker) आज देश की शान हैं. विश्व कप (World Cup) से लेकर यूथ ओलंपिक में मनु ने गोल्ड मेडल जीतकर सभी भारतवासियों को गौरवांवित किया. उनसे हमने शूटिंग से लेकर उनकी ओलंपिक तैयारियों के बारे में खास बातचीत की.

1. पिछले दो महीने के लॉकडाउन में आपका क्या रूटीन रहा?

मैंने कोई एक रूटीन नहीं रखा. मैं अपना शेड्यूल चेंज करती रही. परीक्षा की तैयारी भी की. मैं सुबह 6:30 बजे उठती हूं. फिर पढ़ाई करती हूं. उसके बाद ट्रेनिंग करती हूं. और इसके बाद आज कल बाइक चलाना सीख रही हूं.

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2. टोक्यो ओलंपिक अब एक साल के लिए स्थगित हो गया है, जिसमें मेडल जीतना चाहती हैं. इसे किस तरह से देखती हैं?

मैं चाहती हूं कि ओलंपिक हों, लेकिन लोगों का स्वास्थ और सुरक्षा ज्यादा महत्वपूर्ण है. मुझे इससे कोई परेशानी नहीं कि ओलंपिक स्थगित हो गया है. मेरी तैयारियों में इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा. हां, अगर कोच की ओर से ट्रेनिंग में कोई चेंज होगा तो वो करना होगा.

3. क्या आपको लगता है कि अब भारत में लोगों का रुझान क्रिकेट के अलावा बाकी खेलों की तरफ भी बढ़ रहा है?

बिल्कुल, पहले के मुकाबले अब बहुत बदलाव आया है. एक बार मैं खुद ओपन टूर्नामेंट से लौट रही थी. उस वक्त रास्ते में एक अंकल ने मुझसे पूछा कि मैं क्या करती हूं. तो मैंने कहा कि मैं शूटिंग करती हूं. तो उन्होंने पूछा कि क्या मैं फिल्मों में काम करती हूं. फिर मैंने उन्हें समझाया कि मैं बंदूक चलाती हूं. शूटर हूं. लेकिन अब चीजें बदल रही हैं.

4. 14 साल की उम्र में शूटिंग शूरू की और राष्ट्रीय खेल से लेकर वर्ल्ड कप, एशियन शूटिंग चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स और यूथ ओलंपिक तक में अपने गोल्ड मेडल अपने नाम किए. इतनी कम उम्र में इतनी सारी उपलब्धियां…आखिर जीत का मंत्र क्या है?

मैंने कोई स्पेशल तैयारी नहीं की. मुझे शूटिंग बहुत पसंद है. मैंने दिल से खेला. मैंने सोचा नहीं था कि मैं ये करूंगी या ऐसा कुछ करूंगी. मुझे लगता है कि ये किस्मत में था. मैंने काफी मेहनत की. दिल से खेला और रिजल्ट आपके सामने हैं. मैं मैच से पहले कोशिश करती हूं कि किसी से बात ना करूं. किसी के बारे में ना पढ़ूं और रिजल्ट के बारे में भी ज्यादा ना सोचूं.

5. 10 मीटर एयर पीस्टल में आप हिस्सा लेती हैं, फिर आपने 25 मीटर एयर पिस्टल राष्ट्रीय निशानेबाजी में 2 गोल्ड जीते, तो क्या अब 10 मीटर और 25 मीटर के दोनों इवेंट के लिए तैयारी कर रही हैं?

मेरे लिए दोनों इवेंट अहम हैं और मैं दोनों के लिए तैयारी करती हूं. लेकिन अभी यहां पर 25 मीटर एयर पिस्टल के लिए रेंज नहीं हैं. इसलिए अभी 25 मीटर एयर पिस्टल की तैयारियों को होल्ड कर दिया है. मैं कोशिश करूंगी की मैं दोनों इवेंट में हिस्सा लूं.

Manu Bhaker interview, Exclusive: जब मनु भाकर को समझाना पड़ा कि वो फिल्मी नहीं असली शूटिंग करती हैं

6. 2017 में राष्ट्रीय निशानेबाजी में 9 गोल्ड अपने नाम कर लिए थे, जब इतने मेडल एक साथ आपके गले में होते हैं तो क्या महसूस करती हैं?

मैं अपने प्रदर्शन से काफी खुश थी. मुझे काफी अच्छा लग रहा था. मैंने नेशनल में अच्छा किया और इंटरनेशनल में भी अच्छा किया था. इसके बाद में इंटरनेशनल इवेंट में देश को रिप्रजेंट करने को लेकर काफी उत्साहित थी.

7. 16 साल की उम्र में आपने आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में दो बार की वर्ल्ड चैंपियन को हराया, गोल्ड जीता था. इस तरह के बड़े खिलाड़ियों के खिलाफ किसी तरह की नर्वसनेस होती है?

उस वक्त मुझे मेरे विरोधी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. ना ही किसी ने मुझे इस बारे में कुछ बताया था. मैं फ्री माइंड से खेली. मेरा किसी और बात पर ध्यान नहीं गया. मैंने सिर्फ अपने खेल पर ही फोकस किया.

8. मनु आपने शूटिंग के अलावा भी कई खेलों में अच्छा प्रदर्शन किया जिसमें मार्शल आर्ट, बॉक्सिंग, स्केटिंग शामिल है. और इन दिनों भी आपने एक वीडियो शेयर किया था जिसमें आप आर्चरी की प्रैक्टिस कर रही थी. तो अब आगे हम आपको कोई नया स्पोर्ट खेलते हुए देखेंगे?

मैं इस बारे में कुछ कह नहीं सकती. ऐसा कुछ तय नहीं किया है. शूटिंग से मैं काफी जुड़ी हुई हूं. मुझे नहीं लगता कि मैं शूटिंग छोड़ दूंगी. मुझे शूटिंग ही करनी है. बाकि खेल तो मैं कभी-कभी ऐसे ही खेल लेती हूं.

9. ओलंपिक में मेडल जीतना हर खिलाड़ी का सबसे बड़ा सपना होता है. आपने तो यूथ ओलंपिक में भी गोल्ड जीता है. तो क्या खास तैयारी ओलंपिक के लिए आपने शुरू की है.

मेरी कोशिश यही है कि जैसे में प्रेक्टिस कर रही हूं मुझे वैसे ही करते रहना है. आत्मविश्वास और मेहनत इसके लिए बहुत जरूरी है. साथ ही हर स्थिति के लिए मानसिक तौर पर तैयार रहना चाहिए.

10. शूटिंग में कहा जाता है कि आपका कॉनसनट्रेशन सबसे जरूरी होता है. आज के दौर में जहां सोशल मीडिया और इतने सारे ऑनलाइन गेमिंग ऐप आ चुके हैं. तो आप कैसे आपना ध्यान केंद्रित करती हैं?

मैं सोशल मीडिया को काफी इंजॉय करती हूं. ट्वीटर और इंस्टाग्राम पर एक्टिव होती हूं लेकिन इससे माइंड डाइवर्ट नहीं होता.

Manu Bhaker interview, Exclusive: जब मनु भाकर को समझाना पड़ा कि वो फिल्मी नहीं असली शूटिंग करती हैं

11. मनु क्या आप मानती हैं कि जब ओलंपिक में इंडीविजुएल इवेंट में मेडल आने शुरु हुए उसका रास्ता 2004 में जब राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता तब खुला और फिर अभिनव बिंद्रा ने गोल्ड जीता तो मेडल का रंग बदलना शुरू हुआ?

मुझे लगता है कि रास्ता कहीं से खुलने की जरूरत नहीं होती है. सब कोशिश करते हैं. सभी असफलता भी झेलते हैं. फर्क इतना है कि किसी के जीवन में कम असफलता होती है और किसी के जीवन में ज्यादा. ये सिर्फ आपकी कोशिश पर निर्भर करता है. वो कहते हैं ना कि आपने कोशिश की तभी आप आधी जंग जीत जाते हैं. तो मुझे नहीं लगता कि किसी ने कोई रास्ता खोला. लेकिन सर ने जिस तरह से मेहनत की और मेडल जीता वो हमारे लिए प्रेरणा है.

12. शूटिंग के अलावा आपको क्या करना पसंद है, आपका फेवरेट पास्ट टाइम क्या है?

मुझे टीवी देखना काफी पसंद है. मुझे फिल्म देखना काफी अच्छा लगता है. श्रीदेवी की मुझे मॉम फिल्म काफी अच्छी लगती है.

13. आपके पसंदीदा अभिनेता और अभिनेत्री कौन हैं?

मेरे पसंदीदा एक्टर रणवीर सिंह हैं और मुझे श्रीदेवी और दीपिका पादुकोण काफी पसंद है.

14. मनु, 2008 में भारत ने ओलंपिक में गोल्ड जीता. 2012 में 2 मेडल आए एक ब्रांज और एक सिल्वर. 2016 में हम चूक गए. क्या टोक्यो में आपसे एक मेडल की गारंटी मानी जाए और उस मेडल का रंग क्या होगा?

मैं मेडल के रंग के लिए सिर्फ इतना ही कह सकती हूं कि मैं काफी मेहनत कर रही हूं. पूरी कोशिश करूंगी लेकिन कोई ‘कमिटमेंट’ नहीं कर सकती. क्योंकि बहुत सारी असफलताएं मैंने भी देखी हैं. लेकिन बहुत मेहनत कर रही हूं.

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