आम्रपाली मामला: MS धोनी के खिलाफ फ्लैट खरीदारों ने की कार्रवाई की मांग

कैट ने भ्रामक विज्ञापन को लेकर दिग्गज क्रिकेटर धोनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
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नई दिल्ली. वर्ल्ड कप में धीमे खेल और खेल में इंटेंसिटी की कमी को लेकर पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) की जमकर आलोचना हुई थी. वर्ल्ड कप के बाद अब नए विवाद ने धोनी का पीछा पकड़ा है. वह रियल एस्टेट कंपनी आम्रपाली ग्रुप (Amrapali Group) के साथ संबंधों को लेकर विवादों में हैं. कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और आम्रपाली के फ्लैट खरीदारों की संस्था नेफोवा ने केंद्र सरकार के मंत्री से पत्र लिखकर एमएस धोनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

कैट के सदस्यों ने केंद्रीय उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान से मदद की गुहार लगाई है. उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. धोनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग इसलिए हो रही है क्योंकि वह आम्रपाली ग्रुप के लिए विज्ञापनों में नजर आते थे, जिसे कैट ने भ्रामक करार दिया है. कैट का कहना है कि धोनी ने विज्ञापनों के जरिए लोगों को आम्रपाली ग्रुप के फ्लैट खरीदने के लिए प्रभावित किया. बिल्डर को दोषी पाया गया है, इसलिए विज्ञापन में नजर आने वाले धोनी की भी जिम्मेदारी बनती है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ कई अनियमितताओं के लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं.

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल और राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया का कहना है कि धोनी के विज्ञापन लोगों को अपनी मेहनत की कमाई फ्लैट की खरीदारी में लगाने के लिए बढ़ावा देते हैं, जो अभी भी जारी है. कैट सदस्यों का ये भी कहना है कि बड़े सितारे सरीखे लोग विज्ञापन करने के लिए बड़ी राशि लेते हैं, लेकिन वह जिस सामान या सेवाओं को बेच रहे हैं उसकी गुणवत्ता की जांच नहीं करते हैं. इनकी भी जवाबदेही तय करनी चाहिए, क्योंकि सितारों को देखकर लोग प्रभावित होते हैं.

अदालत का मानना है कि आम्रपाली समूह के शीर्ष प्रबंधन ने आवास परियोजनाओं को पूरा करने के बजाय अपनी व्यक्तिगत संपत्ति बनाने के लिए खरीदारों के पैसे को कहीं और निवेश किया. आम्रपाली के ऊपर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के करीब 42, 000 खरीदारों की साथ ठगी का आरोप है.

धोनी के बाद अब क्रिकेट जगत से जुड़ी एक और हस्ती का नाम आम्रपाली विवाद से जुड़ता नजर आ रहा है. सर्वोच्च न्यायालय का कहना है कि आम्रपाली ग्रुप के सीएमडी अनिल कुमार शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष शशांक मनोहर के खाते में जो 36 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे, वो फंड के गलत इस्तेमाल की श्रेणी में आता है क्योंकि वह उन लोगों का पैसा था, जिन्होंने आम्रपाली ग्रुप को घर खरीदने के लिए दिया था. मनोहर का नाम उन लोगों की सूची में आता है, जिनको शर्मा ने 8.71 करोड़ रुपये में से भुगतान किया है. शीर्ष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से आम्रपाली ग्रुप मामले में हवाले से पैसे की जांच करने को कहा है.

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