Video:ऋषभ पंत नहीं बन सकते शिखर धवन के विकल्प, जानिए क्यों?

आइए 10 प्वाइंट में समझते हैं कि ऋषभ पंत को वर्ल्ड कैप मैचों में भारतीय टीम का हिस्सा क्यों नहीं होना चाहिए?

नई दिल्ली: विकेटकीपर और आक्रामक बल्लेबाज ऋषभ पंत शिखर धवन के चोटिल होने की वजह से भारतीय टीम के बैकअप के तौर पर इंग्लैंड रवाना हो गए हैं. वर्ल्ड कप के लिए टीम चुने जाने से पहले भी पंत को अंतिम 15 के लिए बड़ा दावेदार माना जा रहा था लेकिन उनकी जगह दिनेश कार्तिक को वरीयता दी गई.

हालांकि अब बताया जा रहा है कि वो चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे. सूत्रों ने कहा, ‘राहुल अब रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरुआत कर सकते हैं और पंत नंबर चार पर बल्लेबाजी कर सकते हैं. लेकिन यह सब सोचना अभी जल्दबाजी होगी. हम सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं.’

ऋषभ पंत न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले मुकाबले में शामिल हो पाएंगे, इसको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन रविवार को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ होने वाले मैच में बाएं हाथ के इस बल्लेबाज का खेलना लगभग तय माजा जा रहा है.

सवाल यह उठता है कि क्या रिषभ पंत वर्ल्ड कप मैच खेलने के लिए परफेक्ट खिलाड़ी होंगे.

आइए 10 प्वाइंट में समझते हैं कि रिषभ पंत को वर्ल्ड कैप मैचों में भारतीय टीम का हिस्सा क्यों नहीं होना चाहिए?

1. ऋषभ पंत के अभी तक के प्रदर्शन को देखें तो वो ठहर कर बल्लेबाज़ी करने से ज़्यादा ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी करने में यकीन रखते हैं.

2. सलामी बल्लेबाज़ के तौर पर खिलाड़ी को न केवल रन रेट को बरकरार रखना होता है बल्कि विकेट को बचाए रखने की भी चुनौती होती है.

3. हालांकि कहा जा रहा है कि शिखर धवन की जगह केएल राहुल रोहित शर्मा के साथ पारी का आगाज़ करेंगे ऐसे में उन्हें चौथे नंबर पर बल्लेबाज़ी के लिए भेजा जा सकता है.

4. चौथे नंबर पर बल्लेबाज़ी के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के पास हार्दिक पांड्या और विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी पहले से मौज़ूद हैं जो फटाफट और ठहर कर दोनों तरह की बल्लेबाज़ी कर सकते हैं.

5. ऋषभ पंत के पास अभी अनुभव की बेहद कमी है. अंतर्राष्ट्रीय मैच की बात करें तो रिषभ के पास अब तक 9 टेस्ट मैच, 5 एकदिवसीय मैच और 15 टी-20 मैच खेलने का अनुभव है.

6. महेंद्र सिंह धोनी के रुप में भारत के पास एक बेहतरीन विकेट कीपर पहले से ही मौजूद है. वहीं, दिनेश कार्तिक को टीम में धोनी के विकल्प के तौर पर रखा गया है. ऐसे में तीसरा विकेटकीपर ऋषभ पंत को नहीं रखा जा सकता.

7. ऋषभ पंत विकेटकीपर हैं ऐसे में उन्हे विश्वकप जैसे नॉक आउट मुक़ाबले में किसी अन्य जगह फिल्डींग कराना ठीक नहीं होगा, क्योंकि एक कैच या मिसफिल्डींग पूरे मैच के रुख़ को बदल सकती है.

8. अगर चार नंबर पर बल्लेबाज़ी की बात हो तो भारत के पास अंबाती रायडू के तौर पर एक बेहतर विकल्प पहले से ही है. इनके पास विश्वकप से पहले के मौचों में चार नंबर पर लागातार बल्लेबाज़ी करने का अनुभव है.

9. भारत को मध्यक्रम में एक ऐसे बल्लेबाज़ की ज़रूरत है जो विकेट बचाते हुए रन रेट को भी बेहतर बनाए रख सके. ऋषभ पंत इस मामले में बिल्कुल भी भरोसेमंद नहीं है. आपको याद होगा साउथम्पटन टेस्ट की पहली पारी में ऋषभ पंत 29 गेंद खेलकर शुन्य पर आउट हुए थे. वहीं दूसरी पारी में जब वो क्रीज पर खेलने उतरे तो उस वक़्त मैच ड्रा करने के लिए मात्र 117 रनों की ज़रूरत थी लेकिन रिषभ 12 रनों में 18 रन बनाकर आउट हो गए.

10. .यानी कि ऋषभ पंत एक भरोसेमंद खिलाड़ी नहीं हैं. वो दो मिनट में मैगी नूडल्स की तरह स्टार बनने की सोच रखने वाले खिलाड़ी हैं, जबकि विश्वकप जैसे मैचों में दिमाग़ से भी खेलना होता है. कहा जा सकता है कि विश्वकप में खेलने के लिए ऋषभ पंत पूरी तरह से अपरिपक्व हैं.

बता दें कि भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन अंगूठे में फ्रैक्चर के कारण इंग्लैंड में जारी विश्व कप से बाहर हो गए हैं. हालांकि धवन चोट से उबर रहे हैं और अभी भारत की 15 सदस्यीय टीम का हिस्सा रहेंगे.

धवन ने रविवार को आस्ट्रेलिया के साथ हुए मुकाबले में शानदार 117 रन बनाए थे और मैन ऑफ द मैच चुने गए थे. भारत ने वह मैच 36 रनों से जीता था.

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