इमरान खान को अवाम के गुस्से का डर, मुंह छिपा कर टीम को दे रहे हैं सलाह

डिपार्टमेंट क्रिकेट बंद करने का इमरान खान का फैसला हजारों क्रिकेटर्स के लिए बदहाली लेकर आया है. क्रिकेट खिलाड़ी ऑटो चलाने पर मजबूर हो गए हैं. दूसरी तरफ इमरान के करीबी लोगों ने उनकी शह पाकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर कब्जा कर लिया है.
imran khan adviced Babar Azam, इमरान खान को अवाम के गुस्से का डर, मुंह छिपा कर टीम को दे रहे हैं सलाह

ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा दौरे में पाकिस्तान अभी तक एक अदद जीत के लिए तरस रहा है. पाकिस्तान अपनी हार का गम कम करने के लिए बाबर आजम का नाम जप रहा है. अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी टीम की हो रही दुगर्ति पर सामने न आकर छुप कर दूसरों के जरिए जुबान खोली है. पाकिस्तान के एक पत्रकार ने ये दावा किया है कि इमरान खान ने वसीम अकरम को संदेशा भेजकर कहा कि बाबर आजम को विराट कोहली की तरह नंबर चार पर खेलना चाहिए. सवाल ये है कि इमरान को क्या इतनी हिम्मत नहीं है कि वो सामने आकर अपनी टीम को सलाह दे सकते हैं.

इमरान खान को पाकिस्तान की अवाम अच्छी तरह जानती है. इसलिए नहीं कि वो इस वक्त पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हैं बल्कि इसलिए क्योंकि एक क्रिकेटर के तौर पर वो अपने मुल्क के बहुत बड़े स्टार रहे हैं. उन्हीं की कप्तानी में पाकिस्तान की टीम ने 1992 में विश्व कप जीता था. जो उसके क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी कामयाबी है. लेकिन इन दिनों इमरान खान मुंह छुपाए घूम रहे हैं. वो न तो अपनी टीम के खिलाड़ियों का सामना करने की हालत में हैं और न ही क्रिकेट फैंस का.

इस बात का अंदाजा ऐसे लगाया जा सकता है कि ब्रिसबेन में पाकिस्तान की हार के बाद उन्होंने टीम के पास अपना संदेश वसीम अकरम के जरिए पहुंचाया है. इमरान चोरी-छिपे, पाकिस्तान की टीम को अपना क्रिकेट ज्ञान दे रहे हैं. पाकिस्तान के पत्रकार शाज सादिक ने ट्विट कर दावा किया है कि इमरान खान ने वसीम अकरम के जरिए बाबर आजम को कैसे और किस नंबर पर खेलना चाहिए वो बताया है.

शाज सादिक ने लिखा, ‘ऑस्ट्रेलिया में बाबर आजम की शानदार बल्लेबाजी के लिए इमरान खान ने वसीम अकरम के जरिए शुभकामना संदेश भेजा है. इमरान ने बाबर आजम की तकनीक की तारीफ करते हुए उन्हें शानदार बल्लेबाज बताया. इमरान खान ने कहा कि बाबर आजम को नंबर चार पर बल्लेबाजी करनी चाहिए.’

अब सवाल ये उठता है कि अपने जमाने का बड़ा क्रिकेटर, इमरान खान, अपनी टीम की बेहाली पर छिप-छिप कर बोलने को क्यों मजबूर हुआ. दरअसल जैसा हमने आपको बताया कि क्रिकेट प्रेमी मुल्क पाकिस्तान की अवाम, इमरान के हर मोर्चे पर नाकाम होने से काफी गुस्से में है. बर्बाद मुल्क के पीएम इमरान खान के राज में पाकिस्तान में हर खेल बर्बाद हो चुका है और पाकिस्तान के क्रिकेट का हाल दुनिया के सामने है.

डिपार्टमेंट क्रिकेट बंद करने का इमरान खान का फैसला हजारों क्रिकेटर्स के लिए बदहाली लेकर आया है. क्रिकेट खिलाड़ी ऑटो चलाने पर मजबूर हो गए हैं. दूसरी तरफ इमरान के करीबी लोगों ने उनकी शह पाकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर कब्जा कर लिया है. जहां वो मनमानी कर रहे हैं. लूट चल रही है. खिलाड़ियों को और ग्राउंड स्टाफ को सैलरी तक नहीं मिल रही है और बड़े खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की सैर कर रहे हैं.

पीसीबी टीम सेलेक्शन में भी मनमानी कर रहा है. साथ ही साथ मिस्बाह उल हक को चीफ कोच, चीफ सेलेक्टर और बैटिंग कंसलटेंट यानी तीन जिम्मेदारियां एक साथ देने के फैसले से भी लोग काफी नाराज हैं. पाकिस्तानी अवाम का मानना है कि जब से इमरान खान की हुकूमत आई है, मुल्क में क्रिकेट बर्बाद हो गया, पाकिस्तान की टीम खेलना भूल गई. इमरान के राज में न क्रिकेट ठीक रहा और न क्रिकेट को चलाने वाले ठीक हैं. इस सूरते-हाल में इमरान खान सामने आकर क्रिकेट पर कुछ कहने की बजाए वसीम अकरम के कंधे का सहारा ले रहे हैं.

अब हम आपको ये भी बताते हैं कि हार से परेशान पाकिस्तान अपना गम कम करने के लिए बाबर आजम का नाम क्यों जप रहा है. इमरान खान ने सिर्फ बाबर आजम का नाम क्यों लिया. ब्रिसबेन टेस्ट में पाकिस्तान की टीम ने चौथे दिन ही सरेंडर कर दिया था. इस टेस्ट मैच में बाबर आजम ने ही पाकिस्तान की लाज बचाने की कोशिश की थी.

आजम ने दूसरी पारी में शतक लगाया था. पहली पारी में सिर्फ 1 रन बनाकर आउट होने वाले आजम ने दूसरी पारी में 104 रन बनाए थे. दूसरी पारी में आजम नंबर पांच पर बल्लेबाजी करने आए थे. अब इमरान को लगता है कि जिस खिलाड़ी को वो विराट कोहली बनाना चाहते हैं, वो उसी की तरह नंबर चार पर बल्लेबाजी करे. लेकिन क्या इमरान के चोरी-छिपे क्रिकेट ज्ञान देने से उनकी टीम बदल जाएगी और क्या मुंह छिपाने से इमरान के खिलाफ पाकिस्तानी जनता का आक्रोश कम हो जाएगा, इन सवालों का जवाब अभी बाकी है.

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