2007 में द्रविड़ ने तेंदुलकर और गांगुली को कहा था- टी-20 विश्व कप खेलना ठीक नहीं रहेगा

अभी तक ऐसा माना जाता था कि इन तीनों खिलाड़ियों ने इस फॉर्मेट को युवाओं के लिए मुफीद बताते हुए खुद ही टी-20 वर्ल्ड कप से अपना नाम वापस ले लिया था. लेकिन अब पता चला कि ये ‘थ्योरी’ गलत थी.

2007 टी-20 विश्व कप की टीम में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली के न खेलने का राज 13 साल बाद खुला है. टीम के मैनेजर रहे लाल चंद राजपूत ने बताया कि इस फैसले के लिए राहुल द्रविड़ ने तेंदुलकर और गांगुली को समझाया था. आपको याद दिला दें कि 2007 में ही धोनी को टी-20 विश्व कप के लिए टीम इंडिया की कमान सौंपी गई थी और उनकी कप्तानी में ही टीम इंडिया ने खिताब जीता था.

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भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को एक बेहद रोमाचंक मैच में हराया था. इस एतिहासिक जीत के 13 साल बाद पता चला कि भारतीय क्रिकेट की त्रिमूर्ति मैदान में क्यों नहीं थी. अभी तक ऐसा माना जाता था कि इन तीनों खिलाड़ियों ने इस फॉर्मेट को युवाओं के लिए मुफीद बताते हुए खुद ही टी-20 वर्ल्ड कप से अपना नाम वापस ले लिया था. लेकिन अब पता चला कि ये ‘थ्योरी’ गलत थी.

सचिन तो खेलना चाहते थे: लालचंद राजपूत

उस वक्ट टीम के मैनेजर रहे लालचंद राजपूत ने कहा कि बल्कि सचिन तेंदुलकर तो टी-20 विश्व कप खेलना चाहते थे. लेकिन राहुल ने उन्हें रोका. इससे पहले इंग्लैंड के दौरे पर राहुल द्रविड़ ही टीम के कप्तान थे. कई खिलाड़ी इंग्लैंड से सीधे टी-20 विश्व कप खेलने के लिए जोहान्सबर्ग आए थे. ऐसे में राहुल द्रविड़ ने कहा कि यंगर्स्टर्स को मौका देना चाहिए.

लाल चंद राजपूत ने ये भी कहा कि बल्कि टीम इंडिया के चैंपियन बनने के बाद सचिन तेंदुलकर को काफी समय तक इस बात का पछतावा था कि वो टी-20 विश्व कप में क्यों नहीं खेले. उन्होंने राजपूत से कई बार कहा भी कि वो कभी वर्ल्ड कप नहीं जीते हैं.

पाकिस्तान के खिलाफ मिली थी रोमांचक जीत

उस मैच को याद करते हुए लाल चंद राजपूत ने कहा कि सच ये है कि धोनी बहुत शांत थे. वो मैच में दो कदम आगे की रणनीति बनाकर चल रहे थे. वो एक ‘थिंकिंग’ कप्तान हैं. लालचंद राजपूत ने कहा कि धोनी दरअसल सौरव गांगुली और द्रविड़ का ‘मिक्सचर’ हैं.

गांगुली बहुत आक्रामक और सकारात्मक रहते थे. आपको याद दिला दें कि 24 सितंबर 2007 को जोहन्सबर्ग में खेले गए फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 157 रन चाहिए थे. जवाब में पाकिस्तान की पूरी टीम 152 रन ही बना पाई थी. भारत ने पांच रन से मैच जीतकर इतिहास रचा था.