IND vs BAN: राजकोट में रोहित शर्मा ने अकेले ही बांग्लादेश को हरा दिया

हिटमैन का तमगा हासिल कर चुके रोहित शर्मा जिस स्पीड से रन बना रहे है. जिस शांत स्वभाव से कप्तानी कर रहे हैं. उससे आने वाले समय में ये बहस एक बार फिर पैदा होगी कि क्या लिमिटेड ओवर क्रिकेट में वो विराट कोहली से बेहतर कप्तान हैं.

बेखौफ अंदाज… तूफानी अंजाम… बेधड़क बल्लेबाज… कोई और नहीं लिमिटेड ओवर क्रिकेट के सबसे खतरनाक जाबांज रोहित शर्मा ही हैं. हिटमैन रोहित शर्मा सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में बांग्लादेश के गेंदबाजों के लिए कहर बनकर सामने आए. विराट की गैरमौजूदगी में टी-20 सीरीज में टीम की कमान संभाल रहे रोहित शर्मा जानते थे कि पहला टी-20 गवांने के बाद राजकोट टी-20 जीतना टीम के लिए पहली प्राथमिकता है. उन्होंने ठीक उसी अंदाज में अपनी पारी को अंजाम तक पहुंचाया. साथ ही ये मुकाबला रोहित के लिए एक दूसरी वजह से भी खास था.

100वें टी-20 में रोहित की रॉकिंग परफॉर्मेंस

बांग्लादेश के खिलाफ 3 मैच की टी-20 सीरीज का दूसरा मैच रोहित शर्मा के लिए बेहद अहम और खास था. रोहित शर्मा पहले भारतीय खिलाड़ी बने जिन्होंने 100 अंतर्राष्ट्रीय टी-20 मैच खेले हैं. अपने 100वें अंतर्राष्ट्रीय टी-20 मैच में रोहित ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 43 गेंद पर 85 रन की पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 6 छक्के उनके बल्ले से निकले. इसके साथ ही रोहित ने टी-20 क्रिकेट में 18 अर्धशतक पूरे कर लिए हैं.

खास बात ये है रोहित ने अपना अर्धशतक छक्का लगाकर पूरा किया. इससे पहले रोहित ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ रांची टेस्ट में भी शतक और दोहरा शतक छक्का लगाकर पूरा किया था. रोहित ने अपनी उसी शानदार फॉर्म को जारी रखा और एक रोमांचक परफॉर्मेंस दी. रोहित के इस अंदाज का हर कोई मुरीद है. सिर्फ राजकोट में बैठे दर्शकों को ही नहीं बल्कि अपने टीवी सेट से चिपके क्रिकेट प्रशंसको को भी रोहित ने ब्लॉकबस्टर शो दिखाया.

रोहित शर्मा जिस बेखौफ अंदाज से बल्लेबाजी करते हैं उससे गेंदबाज पर इतना दवाब होता है कि वो अपनी लाइन और लेंथ से ही भटक जाता है. यही वजह है कि बांग्लादेश के गेंदबाज जो दिल्ली टी-20 में भारत के खिलाफ अपनी गेंदबाजी पर गुमान कर रहे थे, उन्हें राजकोट टी-20 में रोहित शर्मा ने जमकर पीटा. कोई भी गेंदबाज रोहित के कहर से खुद को बचा नहीं पाया. रोहित ने राजकोट टी-20 में 197.67 के शानदार स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की.

रोहित शर्मा हैं परिपक्व कप्तान

बतौर बल्लेबाज रोहित शर्मा का सीमित ओवर में कोई मुकाबला नहीं है. ये बात साबित हो चुकी है, लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 सीरीज में रोहित पर कप्तानी की भी जिम्मेदारी है. जिसे वो बखूबी निभा रहे हैं. दिल्ली टी-20 में बांग्लादेश से मिली 7 विकेट से हार के बाद टीम इंडिया ने सबक सीखा. रोहित ने एक परिपक्व कप्तान का नमूना पेश करते हुए साथी खिलाड़ियों को गलती सुधारने का मौका दिया. जिसका परिणाम ये हुआ की मैन इन ब्ल्यू ने राजकोट टी-20 में बांग्लादेश को 8 विकेट से करारी शिकस्त देकर सीरीज को 1-1 से बराबरी पर पहुंचा दिया.

रोहित जानते हैं कि उन्हें अपने किस हथियार का इस्तेमाल कब और कैसे करना है. वो ये भी समझते हैं कि कैसे किस खिलाड़ी को मजबूत किया जा सकता है और उसमें ऊर्जा भरकर विरोधी पर प्रहार किया जाएगा. जिसका उदाहरण लगातार गलतियां कर रहे रिषभ पंत हैं. राजकोट टी-20 में भी पंत से कई गलतियां हुई, लेकिन उसके बावजूद पंत ने पहले लिटिन दास को रनआउट किया और फिर सौम्या सरकार को स्टम्प्स कर पवेलियन भेजा.

मैदान पर रोहित एक कप्तान के तौर पर स्थिति को सामान्य बनाए रखने की कोशिश करते दिखते हैं. वो ना तो कभी बहुत ज्यादा उत्साहित दिखते हैं और ना ही बहुत ज्यादा आक्रामक. इस हुनर से रोहित को ना सिर्फ मन मुताबिक परिणाम मिलते हैं बल्कि साथी खिलाड़ियों को अपने कप्तान के प्रति विश्वास भी मिलता है.

हिटमैन का तमगा हासिल कर चुके रोहित शर्मा जिस स्पीड से रन बना रहे है. जिस शांत स्वभाव से कप्तानी कर रहे हैं. उससे आने वाले समय में ये बहस एक बार फिर पैदा होगी कि क्या लिमिटेड ओवर क्रिकेट में वो विराट कोहली से बेहतर कप्तान हैं.

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