IND vs WI : जानें पहले वनडे में टीम इंडिया की हार के 5 कारण

भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की सीरीज में कैरिबियाई टीम ने चेन्नई के चिदंबरम स्टेडियम में पहले मुकाबले में 8 विकेट से जीत हासिल कर सीरीज में बढ़त बना ली है.
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भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की सीरीज में कैरिबियाई टीम ने चेन्नई के चिदंबरम स्टेडियम में पहले मुकाबले में 8 विकेट से जीत हासिल कर सीरीज में बढ़त बना ली है. वेस्टइंडीज की जीत के हीरो रहे शे होप और हेटमायर थे. इन दोनों ही कैरिबियाई बल्लेबाजों ने शतक जड़ते हुए भारतीय गेंदबाजी की कमर तोड़ दी. हेटमायर ने 106 गेंदों में 7 छक्कों और 11 चौकों की मदद से 139 रन बनाए. वहीं सलामी बल्लेबाज शे होप ने नाबाद 151 गेंदों में 102 रन बनाए.

पहले वन-डे (ODI) में यूं तो भारत की हार के कई कारण रहे जैसे कि भारत की धीमी शरुआत, सभी बड़े खिलाड़ियों का जल्दी पवेलियन लौट जाना. मगर इससे अलग कुछ ऐसे कारण भी थे जिन्हें समझना बहुत जरूरी है.

होप और हेटमेयर की साझेदारी
हेटमेयर ने 106 गेंदों पर 139 रनों की शानदार पारी खेली और कैरिबियाई टीम को जीत दिलाने में बड़ा रोल अदा किया, वहीं दूसरे छोर पर ओपनिंग पर आए शे होप जिम्मेदारी से खडे़ होकर हेटमेयर का साथ देते रहे. हेटमेयर के आउट होने के बाद होप ने कमान संभालते हुए टीम जीत दिलाई और नाबाद पवेलियन लौटे. हेटमेयर और होप के सामने भारतीय गेंदबाजी पूरी तरह फीकी नजर आई.

हेटमेयर के 7 चौके और 11 छक्के
हेटमेयर की बल्लेबाजी ने विंडीज का जरूरी रन रेट कभी भी 6 के पार नहीं गया. इसका कारण था हेटमेयर और उनका खेल. उन्होंने 85 बॉल में अपने वनडे करियर का शतक पूरा कर लिया. शतक के बाद से हेटमेयर ने बल्लेबाजी की रफ्तार बढ़ा ली और 11 चौकों और 7 छक्कों के साथ 139 रनों की पारी खेली.

होप की नाबाद पारी ने खत्म की भारत की होप
ओपनिंग से खेल रहे बल्लेबाज शे होप टिक कर खेल रहे थे. हेटमेयर के साथ वे 50 के स्ट्राइक रेट से ही रन बना रहे थे, लेकिन हेटमेयर के आउट होने के बाद शे होप ने अपने हाथ खोलने शुरू कर दिए और उन्होंने भी पूरन के साथ मिलकर 62 रन की नाबाद साझेदारी कर अपनी टीम को जीत दिला दी. होप 102 रन की पारी में उन्होंने 7 चौके और 1 छक्का जमाया.

कॉटरेल की गेंदबाजी ने बनाया दबाव
लेफ्टआर्म फास्ट बोलर शेल्डक कॉटरेल ने शुरुआत में दो अहम विकेट मिल गए. इन्होंने पहले केएल राहुल को 6 रनों पर आउट किया. इसके कैप्टन विराट का अहम विकेट लिया. कोहली सिर्फ 4 रन बनाकर ही पवेलियन लौटे. इन दो विकट ने ही टीम इंडिया को दबाव में दाल दिया था.

भारत के बड़े बल्लेबाज नहीं निभा सके रोल
विंडीज ने टॉस जीत कर टीम इंडिया को बल्लेबाजी करने के लिए बुलाया, भारतीय टीम की शुरुआत बहुत ही धीमी रही. सबसे पहले कुल 21 रन पर टीम इंडिया ने लोकेश राहुल (6) का विकेट गंवा दिया. राहुल को कॉटरेल ने हेटमायेर के हाथों कैच कराया. इसके बाद करीज पर कप्तान विराट कोहली आए लेकिन वे चार रन पर कॉटरेल की गेंद को ठीक से पढ़ नहीं सके और बोल्ड हो गए. कोहली का विकेट 25 रनों पर गिरा. अय्यर ने इसके बाद आकर रोहित के साथ पारी को संवारने की जिम्मेदारी ली. दोनों संभलकर खेल रहे थे कि 80 रन पर रोहित अपना संयम खो बैठे और अल्जारी की गेंद पर कप्तान केरन पोलार्ड के हाथों लपक लिए गए.

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