‘अगर नहीं होता ये खिलाड़ी तो पहले टेस्‍ट में ही ढेर हो जाती टीम इंडिया’

"मैं सिर्फ टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चाहता था. सिचुएशन के हिसाब से खेलते हुए शतक अपने आप बन जाता."

अजिंक्य रहाणे ने पिछले दो साल से शतक नहीं लगाया है. इस बात के लिए उनसे सवाल पूछे जाते रहे हैं. गुरुवार को उन्‍होंने अपने अंदाज में जवाब दिया. अगर अजिंक्य रहाणे गुरुवार को 81 रनों की वो पारी ना खेलते तो टीम इंडिया विंडीज के खिलाफ पहले टेस्‍ट की पहली पारी में ढेर हो गई होती.

रहाणे (81) के करियर के 18वें अर्धशतक की बदौलत भारत ने सर विवियन रिचर्डस स्टेडियम में पहली पारी में छह विकेट पर 203 रन बनाए. स्टंप्स के समय ऋषभ पंत 41 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 20 और रवींद्र जडेजा तीन रन बनाकर नाबाद लौटे. दोनों के बीच अब तक सातवें विकेट के लिए 14 रनों की साझेदारी हो चुकी है.

मैच के बाद प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में अजिंक्‍य रहाणे ने कहा कि उन्‍हें शतक न लगा पाने का मलाल नहीं है. उन्‍होंने अपना आखिरी शतक 2017 में श्रीलंका के खिलाफ बनाया था. उन्‍होंने कहा, “जब तक मैं क्रीज पर होता हूं तब तक सिर्फ टीम के बारे में सोचता हूं, मैं स्वार्थी नहीं हूं. तो हां, मुझे शतक से चूकने का कोई दुख नहीं है क्योंकि मुझे लगता है कि इस विकेट पर 81 रनों की पारी भी काफी थी और हम अब इस टेस्ट में ठीकठाक पोजिशन पर हैं.”

शतक तो अपने आप बन जाता : अजिंक्य रहाणे

रहाणे ने आगे कहा, “जब तक मैं टीम के लिए योगदान कर कर रहा हूं यह ज्यादा मायने रखता है. हां, मैं अपने शतक के बारे में सोच रहा था लेकिन जिस परिस्थिति- 25 रन पर तीन विकेट- जरा मुश्किल थी. और जैसा मैंने कहा, मैं सिर्फ टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चाहता था. मैं अपने शतक के बारे में ज्यादा चिंतित नहीं था क्योंकि परिस्थिति के अनुसार खेलते हुए अपने आप बन जाता.”

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने लंच तक 68 रन के अंदर अपने तीन विकेट गंवा दिए थे. लंच के बाद चायकाल तक उसका स्कोर चार विकेट पर 134 रन था. चायकाल के बाद अजिंक्य रहाणे और हनुमा विहारी की उपयोगी पारी ने भारत को 200 रनों तक पहुंचने में मदद की.

रहाणे ने 163 गेंदों पर 10 चौकों की मदद से 81 रन की पारी खेली. उन्होंने इस दौरान अपने करियर का 18वां अर्धशतक पूरा किया. रहाणे शुरुआत में 30 गेंदों पर केवल एक रन बनाकर खेल रहे थे लेकिन लगातार विकेट गिरने के बाद उन्होंने भारत को कुछ स्थिरता प्रदान की.

रहाणे ने पहले तो लोकेश राहुल के साथ चौथे विकेट के लिए 68 और फिर हनुमा विहारी के साथ पांचवें विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी कर भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया. रहाणे के अलावा राहुल ने 97 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 44, विहारी ने 56 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 32 रन बनाए.

मयंक अग्रवाल ने पांच, चेतेश्वर पुजारा ने दो और कप्तान विराट कोहली ने दो रनों का योगदान दिया. वेस्टइंडीज की ओर से केमार रोच ने तीन, शेनन गेब्रियल ने दो और रोस्टन चेज ने अब तक एक विकेट लिया है.

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