Ind Vs Pak: पुलवामा-अभिनंदन पर मजाक के बीच आसान नहीं होगा इमोशन पर कंट्रोल करना

पुलवामा आतंकी हमले के बाद से भारत-पाकिस्तान के बीच रविवार को खेले जाने वाले मैच को रद्द करने की मांग उठ रही थी. बहरहाल तनावपूर्ण माहौल को पार करते हुए भारत और पाकिस्तान जंग को तैयार हैं लेकिन मुकाबला क्रिकेट के मैदान पर है.

नई दिल्ली: महज चार महीने पहले एक दूसरे के खिलाफ जंग लड़ने की कगार पर खड़े दो मुल्क, भारत और पाकिस्तान के बीच आज जंग होनी है. ये जंग होगी ओल्ड ट्रेफॉर्ड के मैदान पर. दोनों ही देशों की टीमें क्रिकेट विश्वकप में एक दूसरे के सामने होंगी. इस मैच का चंद दिनों पहले जमकर विरोध हो रहा था.

मैच के विरोध की शुरुआत हुई थी कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों पर आतंकी हमले के बाद. इस हमले में सीआरपीएफ के 42 सैनिक शहीद हुए थे. घाटी में अब तक के सबसे भीषण आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली थी पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने.

पुलवामा हमले के जवाब में भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर जैश के आतंकी ठिकानो पर बम बरसाए. भारत की तरफ से दावा किया गया कि एयर स्ट्राइक में कई आतंकी मारे गए थे. भारतीय वायु सेना की एयर स्ट्राइ के बाद पाकिस्तान ने भी अगले दिन भारत के साथ डॉग-फाइट में एक भारतीय मिग-27 विमान मार गिराया.

माहौल में तनाव कम हुआ लेकिन मांग नहीं थमी

इस विमान में सवार विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान को भी पाकिस्तान ने अपने कब्जे में ले लिया. इसको लेकर भारत में गुस्सा बढ़ गया और सोशल मीडिया पर लोग जंग की मांग करने लगे. पाकिस्तान ने जिनेवा संधि के तहत विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़ दिया. जिसके बाद माहौल में तनाव तो कम हुआ लेकिन खत्म नहीं. वहीं इस मैच को रद्द करने की मांग भी नहीं थमी.

राजनेता, पूर्व क्रिकेटर और बॉलीवुड स्टार समेत कई हस्तियों ने सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के साथ सभी संधियां समाप्त कर देने की मांग रखी. जिसमें क्रिकेट पर भी रोक की बात कही गई. हालांकि कई लोगों ने ये तर्क भी दिया कि राजनीति और खेल को नहीं जोड़ना चाहिए. लेकिन साउथ एशिया में ऐसा संभव नहीं है. खासकर मामला क्रिकेट का हो तो हरगिज भी नहीं.

भारत पाकिस्तान, Ind Vs Pak: पुलवामा-अभिनंदन पर मजाक के बीच आसान नहीं होगा इमोशन पर कंट्रोल करना

साल 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की नीति के चलते भारत ने उसके साथ क्रिकेट खेलने से इनकार कर दिया था. भारत में यह माना जात है कि क्रिकेट न खेलना और पाकिस्तान को हर संभव मौके पर कोसने से भारतीय राजनीति में मदद मिलती है.

पाकिस्तान के साथ क्रिकेट न खेलने को उन भारतीय नागरिकों और सैनिकों के लिए एक श्रद्धांजलि के रूप में भी देखा जाता है, जो आतंकवादी हमलों में मारे गए हैं. पुलवामा में आतंकी हमले फिर एयर स्ट्राइक और उसक बाद विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी ने मैच न खेलने की मांग को और मजबूती दे दी थी. हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जाने वाले मैच सबसे ज्यादा देखे जाते हैं. ऐसा ही विश्वकप में रविवार को होने वाले मैच के साथ भी है.

10 सेकेंड के स्लॉट की कीमत 30-35 लाख रुपए

इसी लिए भारत के मैचों में आमतौर पर 12 लाख में बिकने वाले 10 सेकेंड के एड स्लॉट की कीमत स्टार स्पोर्ट्स पर इस मैच के लिए 30-35 लाख तक चली गई. भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले इस मैच की टिकट भी रिलीज के महज 48 घंटों के भीतर ही सोल्ड आउट हो गई थीं. साथ ही करीब लाखों लोग इसे ब्रॉडकास्टिंग के जरिए देखेंगे.

बहरहाल भारत और पाकिस्तान के मैच दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमी देशों में पसंद किए जाते हैं. मामला विश्वकप का हो तो रुचि दोगुनी हो जाती है. विश्वकप में अब तक भारत और पाकिस्तान 6 बार भिड़ चुके हैं और हर बार जीत भारत की ही हुई है. पुलवामा हमले के बाद भारतीय दर्शक भी इसे जंग के तौर पर ले रहे हैं और हर हाल में जीत की उम्मीद लगाए हुए हैं.

हालांकि भारतीय कप्तान विराट कोहली का कहना है कि टीम इसे सिर्फ एक अन्य मैच के रूप में ही देख रही है. इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि वह प्रशंसकों की भावनाओं को नियंत्रित नहीं कर सकते. विराट ने कहा, “मैं प्रशंसकों को एक विशेष तरीके से सोचने के लिए नहीं कह सकता.”

माहौल को देख बहुत मुश्किल है खिलाड़ी की तरह सोचना

उन्होंने कहा, “हम खिलाड़ी किसी भी अवसर पर भावुक या अति-उत्साहित नहीं हो सकते. जाहिर है, खिलाड़ी की मानसिकता प्रशंसकों से अलग होती है और आप इन दोनों को नहीं मिला सकते हैं. प्रशंसक के दृष्टिकोण से और खेल के आसपास के माहौल को देखते हुए, मैं यह नहीं कहूंगा कि एक खिलाड़ी की तरह सोचना आसान है, लेकिन खिलाड़ियों के लिए यह बिल्कुल पेशेवर होना बहुत महत्वपूर्ण है.”

हालांकि भारतीय क्रिकेट टीम ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेना के जैसे दिखने वाली टोपी (Camouflage Caps) पहन कर मैदान में उतरे थे. तब ICC ने भारतीय टीम के इस प्रयास पर प्रतिबंध लगाने की मांग से इनकार कर दिया था. ICC के मुताबिक टीम ने इसकी इजाजत मांगी थी. ताकि शहीदों के लिए फंड इकट्ठा किया जा सके.

ICC ने इंडिया को तब नहीं रोका लेकिन विश्वकप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मैच में विकेट कीपर एमएस धोनी के ग्लव्स पर लगे बलिदान बैच को देख कर जरूर सवाल खड़ा किया. इसके बाद एक बार फिर माहौल तनावपूर्ण हुआ.

भारत पाकिस्तान, Ind Vs Pak: पुलवामा-अभिनंदन पर मजाक के बीच आसान नहीं होगा इमोशन पर कंट्रोल करना

धोनी के ग्लव्स से उठे बवाल को आंधी देने का काम किया पाकिस्तानी मोबाइल नेटवर्क द्वारा बनाए गए एक एड वीडियो ने. जिसमें विंग कमांडर अभिनंदन की तर्ज पर वीडियो बनाया. जिसकी भारत में जमकर आलोचना की गई. ये उदाहरण बताते हैं कि कैसे क्रिकेट का इन देशों में राजनीतिक तौर पर इस्तेमाल होता रहा है. इन देशों में ये लोगों की भावना से जुड़ा हुआ मसला है.

लेकिन ये इन दो देशों के बीच तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल को कम करने का भी एक मौका देता है. पाकिस्तान के कोच मिक्की ऑर्थर ने कहा, “क्रिकेट एक जोड़ने वाला खेल है. जो दो देशों के बीच माहौल को सामान्य बनाने में अहम योगदान निभा सकता है.”

उन्होंने कहा, “ये एक शानदार मौका है दोनों देशों के लिए अपना हुनर दिखाने के लिए. यह मैच काफी अच्छी स्पिरिट के साथ खेला जाएगा. मैं अपने खिलाड़ियों से ड्रेसिंग रूम में कह रहा था कि यह मैच तुम्हें हीरो बना सकता है. मैच का एक पल आपके करियर को परिभाषित करने के लिए काफी होगा.”

बहरहाल जिस मैच की चर्चा फिक्चर के तय होने के बाद से ही होने लगी थी. वो आज खेला जाना है. तनाव भरे माहौल के बीच कई लोग ऐसे भी हैं जो इस मैच में दो देशों के मतभेत कम होने की उम्मीद भी तलाश रहे हैं. क्रिकेट विशेषक्ष हर्षा भोगले भी उन्ही में से एक हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा, “मैं भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जाने वाले मैच के लिए दिखाई जा रही अंधराष्ट्रियता से निराश हूं. उम्मीद है कि इस मैच के बाद यह खत्म हो जाएगा.”