न्यूजीलैंड में बदला नहीं जीत चाहिए, विराट का फोकस टी-20 विश्व कप पर

भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में नंबर वन है, वनडे में नंबर दो पर है, लेकिन टी-20 क्रिकेट में टीम की बादशाहत अभी तक नहीं बनी है.

कल से टीम इंडिया टी-20 चैलेंज में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मुकाबले में ऑकलैंड में उतरेगी. न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जानी वाली पांच टी-20 मैचों की सीरीज, टीम इंडिया के लिए काफी अहम होगी. अहम इसलिए क्योंकि इसी साल होने वाले टी-20 विश्व कप से पहले टीम इंडिया के पास अपनी तैयारियों और ताकत को आजमाने का ये आखिरी मौका होगा. इसके बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों को टी-20 क्रिकेट, आईपीएल में ही खेलने का मौका मिलेगा, क्योंकि, जुलाई में भारत का श्रीलंका दौरा और विश्व कप से पहले इंग्लैंड के भारत दौरे का कार्यक्रम अभी तय नहीं है.

टी-20 विश्व कप से पहले टीम इंडिया को दो टीमों की सीरीज में सबसे ज्यादा पांच टी-20 मैच खेलने का ये बड़ा मौका मिला है. टी-20 विश्व कप में अभी वक्त तो 8 महीने का बाकी है लेकिन अच्छी टीमों के खिलाफ टी-20 में अपनी काबिलियत और रणनीति को आजमाने का ऐसा मौका फिर शायद ही मिले.

पिछले साल की हार का बदला लेना है

पिछले साल न्यूजीलैंड के दौरे में टीम इंडिया को टी-20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था. तीन टी-20 मैचों की सीरीज में न्यूजीलैंड ने भारत को 2-1 से हराया था. इस दौरे में पिछली हार का हिसाब बराबर करने का मौका है. ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के खिलाफ वन डे सीरीज जीतकर टीम इंडिया के हौसले बुलंद हैं, लेकिन वन डे और टी-20 क्रिकेट में फर्क है, इसमें गलती दोहराने का मौका नहीं होगा. न्यूजीलैंड की टीम, टी-20 क्रिकेट में दुनिया की बेहतरीन टीमों में गिनी जाती है.

टेस्ट और वन डे वाली बादशाहत टी-20 में नहीं

भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में नंबर वन है, वनडे में नंबर दो पर है, लेकिन टी-20 क्रिकेट में टीम की बादशाहत अभी तक नहीं बनी है. टी-20 में टीम इंडिया फिलहाल नंबर 5 पर है और न्यूजीलैंड नंबर 6 पर. टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के दिमाग में कहीं न कहीं ये बातें चल रही होंगी कि वो खुद नंबर वन बल्लेबाज हैं, उनकी टीम टेस्ट और वन डे में अपनी बादशाहत बनाए हुए है, लेकिन जब बात टी-20 की आती है, तो टीम की तस्वीर टॉप में नहीं दिखती.

न्यूजीलैंड के चैलेंज को जीतने के लिए विराट के साथ टीम के अनुभवी और फॉर्म में चलने वाले रोहित, केएल राहुल को बड़ी जिम्मेदारी उठानी होगी. विराट ने काफी पहले ही ये संकेत दे दिए थे कि अब जो टी-20 की टीम खेलेगी, वही विश्व कप में भी खेलेगी, इसका मतलब ये हुआ कि मौजूदा टीम में अब बदलाव की गुंजाइश नहीं है, लेकिन युवा और नए खिलाड़ियों को अब अपना दम-खम दिखाना होगा. अगर अब वो चूके, तो ये टीम के लिए भारी पड़ेगा.

अपनी पिच पर न्यूजीलैंड खतरनाक

न्यूजीलैंड की टीम अपनी जमीं पर खतरनाक टीम रही है. स्विंग और सीम की मददगार पिच पर उनके गेंदबाज कहर बरपा सकते हैं. वैसे तो ट्रेंट बोल्ट और लॉकी फर्ग्युसन जैसे गेंदबाज इस बार टीम में नहीं हैं, फिर भी टिम साउदी के साथ युवा तेज गेंदबाज टीम इंडिया के बल्लेबाजों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं.

न्यूजीलैंड में भारत अभी तक खेले गए 5 टी-20 मैचों में सिर्फ 1 में जीता है, जबकि 4 मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है. जहां तक दोनों टीमों के बीच अब तक हुए टी-20 मुकाबलों की बात करें तो इसमें भी न्यूजीलैंड, भारत पर हावी रहा है. अब तक खेले 11 मुकाबलों में न्यूजीलैंड 8 बार जीता है, जबकि भारत को 3 बार ही जीत मिली है. ऑकलैंड की पिच, बल्लेबाजो के लिए मददगार मानी जाती है. इस ग्राउंड पर अब तक 20 टी-20 मैच हुए जिसमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम 9 बार जीती है, 8 बार बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम को जीत मिली है.

न्यूजीलैंड के पिछले दौरे में विराट टीम के साथ नहीं थे, न्यूजीलैंड में विराट पहली बार टी-20 मैच खेलेंगे. टीम के कई खिलाड़ी न्यूजीलैंड में पहली बार खेलेंगे, जिसमें जसप्रीत बुमराह, नवदीप सैनी और शार्दूल ठाकुर जैसे गेंदबाज भी हैं. अगर बुमराह और सैनी के साथ पिछले दौरे में न्यूजीलैंड में खेल चुके मोहम्मद शमी, हालिया प्रदर्शन को दोहराने में कामयाब रहे तो भारतीय टीम न्यूजीलैंड से बदला ले सकती है. बशर्ते उसे पूरी ताकत झोंकनी होगी.

ये भी पढ़ें: टेस्ट में बेस्ट इंडिया, टी-20 में शिखर पर पहुंचने के लिए चुनौती बनीं ये 5 वजह