राजकोट में जीत चाहिए तो विराट को इन तीन गलतियों से लेना होगा सबक

विराट कोहली को अच्छी तरह जानते हैं कि अगर टीम इंडिया को राजकोट में जीत हासिल कर सीरीज को 1-1 करना है तो उसके लिए उन्हें ही मोर्चा खोलना होगा.

साल 2020 में टीम इंडिया का कल सबसे बड़ा इम्तिहान है. इस इम्तिहान में पास होने का मतलब है साख बचाना और फेल होने का मतलब है साख गंवाना. पहले वनडे में 10 विकेट से मिली करारी हार के बाद भारतीय टीम कल राजकोट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा वनडे मैच खेलेगी. इस मैच में विराट कोहली को बेवजह प्रयोगों की बजाय अपनी पूरी ताकत झोंकनी होगी. खास तौर पर उन तीन गलतियों से बचना होगा जिसके चलते टीम इंडिया को बड़ी टीमों के खिलाफ हार का सामना करना पड़ रहा है.

ये तस्वीरें विराट कोहली को तब तक नहीं सोने देंगी जब तक वो कंगारुओं को धूल नहीं चटा देते. ऐसा करना असंभव नहीं है लेकिन आसान भी नहीं है. ये बात विराट कोहली को अच्छी तरह समझ आ रही है. वो जानते हैं कि अगर टीम इंडिया को राजकोट में जीत हासिल कर सीरीज को 1-1 करना है तो उसके लिए उन्हें ही मोर्चा खोलना होगा. ये मोर्चा दोतरफा होगा बतौर बल्लेबाज और बतौर कप्तान. जिसके लिए जरूरी है कि वो अपनी तीन गलतियों को सुधार लें.

विराट की पहली गलती

पहले बात बतौर बल्लेबाज की. विराट कोहली को हर हाल में अपनी नंबर तीन की जगह पर वापस आना होगा. पिछले मैच में उन्होंने केएल राहुल को प्लेइंग 11 में खिलाने के लिए खुद नंबर चार पर उतरने का फैसला किया. इसी वजह से टीम के बल्लेबाजी क्रम का संतुलन बिगड़ गया. अच्छी शुरूआत के बाद भी भारतीय टीम मुंबई में ढाई सौ रनों के करीब ही सिमट गई. बेहतर होगा कि विराट कोहली नंबर तीन पर वापस आएं. उन्हें ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर एडम जैंपा से भी सावधान रहना होगा. जो घरेलू पिचों पर उन्हें चार बार आउट कर चुके हैं. बतौर कप्तान विराट कोहली को ये फैसला करना है कि केएल राहुल को अगर प्लेइंग 11 में रखना भी है तो वो नंबर चार पर खेलें.

विराट की दूसरी गलती

विराट कोहली को टीम के संतुलन पर बहुत ध्यान देना होगा. पहले वनडे में उन्होंने नवदीप सैनी को प्लेइंग 11 में ना शामिल कर शार्दुल ठाकुर को मौका दिया. इसके पीछे की वजह थी श्रीलंका के खिलाफ टी-20 सीरीज में शार्दुल ठाकुर का प्रदर्शन लेकिन उनके प्रदर्शन पर गौर करने वाले विराट कोहली ने नवदीप सैनी के प्रदर्शन को नजर अंदाज कर दिया. नवदीप सैनी श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में मैन ऑफ द सीरीज थे. दरअसल, श्रीलंका के खिलाफ हालिया टी-20 सीरीज में शार्दुल ठाकुर ने आखिरी टी-20 मैच में सिर्फ 8 गेंद पर 22 रन बना दिए थे. इसके अलावा उन्होंने 2 विकेट भी लिए थे लेकिन नवदीप सैनी की बात अलग है. वो डेढ़ सौ किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं. खास तौर पर जब बुमराह अपनी लय पाने के लिए संघर्ष कर रहे हों तब नवदीप सैनी का टीम में होना जरूरी है.

अकेले मोहम्मद शामी पर बोझ डालना ठीक नहीं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे मैच में 10 विकेट की बड़ी हार के पीछे गेंदबाजों का यही ‘ऑफ-डे’ वजह बना. शार्दुल ठाकुर निचले क्रम में रन बना सकते हैं लेकिन उनके रनों की बदौलत टीम इंडिया इक्का दुक्का मैच जीत सकती है. बड़ी टीम नहीं बन सकती. बड़ी टीम बनने के लिए गेंदबाजी में जो आक्रामकता चाहिए वो नवदीप सैनी ही ला सकते हैं.

विराट की तीसरी गलती

2019 विश्व कप बीते अभी ज्यादा दिन नहीं हुए. ये चर्चा गर्म थी कि विराट कोहली के पास दो ऐसे करिश्माई स्पिनर्स आ गए हैं जो उन्हें विश्व चैंपियन बनाएंगे. ये दोनों गेंदबाज थे- कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल. विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ इन दोनों गेंदबाजों का ना चलना विराट को अखर गया. उन्होंने जमी जमाई ये जोड़ी तोड़ दी. पूरे विश्व कप में एक भी मैच ऐसा नहीं था जब कुलचा के नाम से मशहूर हुई ये जोड़ी मैदान में दिखाई दी हो. इंग्लैंड के खिलाफ उस मैच में युजवेंद्र चहल ने 10 ओवर में 88 रन दिए थे. उन्हें कोई विकेट नहीं मिला था. कुलदीप यादव भी इस मैच में 10 ओवर में 72 रन देकर 1 विकेट ही ले पाए थे. इसका नतीजा ये हुआ था कि इंग्लैंड ने वो मैच 31 रनों से जीत लिया था.

2017 से लेकर 2019 विश्व कप तक इन दोनों गेंदबाजों ने मिलकर 168 विकेट लिए थे. अब विराट कोहली को इन दोनों गेंदबाजों की जोड़ी को दोबारा मैदान में उतारना होगा. क्योंकि ये दोनों गेंदबाज विरोधी टीमों की रन गति रोकने की बजाए बल्लेबाजों को पवेलियन भेजने में ज्यादा भरोसा रखते हैं.

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