मैनचेस्टर में ही खेला गया था 1983 का सेमीफाइनल, जानिए कैसा रहा है इस मैदान पर भारत का रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट टीम के लिए मैनचेस्टर का मैदान लकी रहा है. यहां पर उसने 6 वर्ल्ड कप मुकाबले खेले हैं, जिनमें से 5 भारत जीतने में सफल रहा है.
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नई दिल्ली. ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप का पहला सेमीफाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच 9 जुलाई को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफोर्ड मैदान पर खेला जाएगा. 1983 वर्ल्ड कप में भी भारत ने इसी मैदान पर सेमीफाइनल मुकाबला खेला था. तब मुकाबला इंग्लैंड से था और भारत ने 6 विकेट से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई थी.

मैदान का इतिहास

इस मैदान पर पहला टेस्ट 1884 और पहला ODI 1972 में खेला गया था, जोकि ODI क्रिकेट इतिहास का दूसरा मैच भी था. दोनों ही मैच ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच ही खेले गए थे. 1972 में हुए ODI के बाद से इस मैदान पर 52 ODI मुकाबले खेले जा चुके हैं. मैदान पर 18 शतक भी लग चुके हैं, जिसमें इंग्लैंड के खिलाफ विवियन रिचर्ड्स के 189 रन सर्वाधिक हैं. इस मैदान पर इंग्लैंड के बॉब विलिस सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं. 1999 वर्ल्ड कप में ग्लेन मैकग्रा ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ 14 रन देकर 5 विकेट झटककर इस मैदान पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था.

2019 वर्ल्ड कप में ओल्ड ट्रैफोर्ड का रिकॉर्ड

इस वर्ल्ड कप में ओल्ड ट्रैफोर्ड पर 5 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमे भारत-पाकिस्तान का हाई वोल्टेज मुकाबला भी शामिल है. सभी मैचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने मुकाबला जीता है. इस वर्ल्ड कप में मैनचेस्टर में पहली पारी का औसत स्कोर 310 रहा है. ये हाई स्कोरिंग मैदान साबित हुआ है. यहीं पर इंग्लैंड ने अफगानिस्तान के खिलाफ इस वर्ल्ड कप का सर्वाधिक स्कोर (397) खड़ा किया है. आखिरी लीग मुकाबला यहीं खेला गया था, जिसमें पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 325 रन बनाए और मुकाबला 10 रन से जीता.

तेज गेंदबाज रहे हैं हावी 

इस वर्ल्ड कप में तेज गेंदबाजों का बोलबाला रहा है, जबकि स्पिनर्स के नाम इस टूर्नामेंट में सिर्फ 129 विकेट रहे हैं. मैनचेस्टर में भी ऐसा ही देखने को मिला है, यहां पर भी तेज गेंदबाज ही हावी रहे हैं. 2017 चैंपियंस ट्राफी के बाद 7 मैचों में तेज गेंदबाजों ने 82 विकेट लिए हैं, जबकि स्पिन गेंदबाजों के नाम सिर्फ 21 विकेट रहे हैं. तेज गेंदबाजों ने हर 28वी गेंद पर विकेट झटका है, जबकि स्पिन गेंदबाजों को हर एक विकेट के लिए 69 गेंदों का इंतजार करना पड़ा है.

भारत-न्यूजीलैंड हेड टू हेड 

मैनचेस्टर में वेस्ट इंडीज के खिलाफ इस वर्ल्ड कप में भारत और न्यूजीलैंड ने अपने-अपने मुकाबले खेले हैं और जीते हैं. भारत ने यहां पाकिस्तान के खिलाफ भी मुकाबला खेला और जीता है. भारत-न्यूजीलैंड के बीच चैंपियंस ट्राफी के बाद हुए 8 मुकाबलों में 6 भारतीय टीम के नाम रहे हैं. सभी हेड टू हेड मुकाबलों की बात की जाए तो भी भारत का रिकॉर्ड बेहतर है. दोनों टीमों के बीच कुल 106 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमे भारत ने 51.89% मैच जीते हैं. वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड का भारत के खिलाफ रिकॉर्ड ज्यादा अच्छा है. 7 मुकाबलों में 4 न्यूजीलैंड के नाम रहे हैं.

मैनचेस्टर में भारत का रिकॉर्ड 

यहां पर भारत ने कुल 10 मुकाबले खेले हैं, जिनमे से 5 उसने जीते हैं और 5 में उसे हार का सामना करना पड़ा है. भारत का यहां पर खेला गया पहला मुकाबला न्यूजीलैंड के ही खिलाफ वर्ल्ड कप में था. 1975 में खेले गए उस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 4 विकेट से हराया था. 1983 वर्ल्ड कप में भारत ने वेस्ट इंडीज को इस मैदान पर मात दी थी. इसके बाद 83 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मुकाबले में भी भारत ने इंग्लैंड को मात दी थी. फिर 1999 वर्ल्ड कप में भारत ने पाकिस्तान को यहां हराया था. इस वर्ल्ड कप में भारत ने मैनचेस्टर में पाकिस्तान और वेस्ट इंडीज को मात दी है. यानी भारत ने यहां पर वर्ल्ड कप के लगातार 5 मुकाबले जीते हैं.

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