IND vs NZ: सेमीफाइनल मैच में हो सकती है बारिश, देखिए Weather Report

एक्यूवेदर डॉट कॉम के मुताबिक, मैनचेस्टर में अगले दो दिन बारिश की आशंका है.

लंदन: भारत बनाम न्यूजीलैंड का सेमीफाइनल मुकाबला मैनचेस्टर में खेला जाना है. इस मैच में बारिश की पूरी संभावना बताई जा रही है. पॉइंट्स टेबल के हिसाब से टीम इंडिया 15 पॉइंट्स के साथ पहले नंबर पर है, जबकि न्यूजीलैंड के 11 पॉइंट्स हैं और वह चौथे नंबर पर है. अगर दोनों दिन मैच नहीं खेला गया तो ज्यादा पॉइंट्स होने की वजह से टीम इंडिया फाइनल में पहुंच जाएगी.

एक्यूवेदर डॉट कॉम के मुताबिक, मैनचेस्टर में अगले दो दिन बारिश की आशंका है. वहां 9 और 10 जुलाई को दिनभर बादल छाए रह सकते हैं. साथ ही, रुक-रुककर हल्की बारिश भी हो सकती है. इंग्लैंड-वेल्स में खेले जा रहे वर्ल्ड कप में स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे (भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे) टॉस होता है. मंगलवार को वहां के स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे बारिश होने 40% आशंका है. इसी तरह से बुधवार को भी सुबह 10 बजे बारिश के 47% आसार हैं। यानी, टॉस में देरी हो सकती है.

सवाल ये है कि अगर मैच में बारिश ने खलल डाल दिया तो फिर क्या होगा?. सवाल अहम भी है भारतीय क्रिकेट फैंस इसको लेकर तमाम समीकरण भी बना रहे हैं. हम आपको बताते हैं कि अगर बारिश हो गई तो फिर क्या होगा?.

अब तक ग्रुप स्टेज में 45 मैच खेल जा चुके हैं और अब सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाने हैं. बारिश के कारण चार मैच रद्द किए जा चुके हैं. इसके साथ ही कई मैच बारिश से प्रभावित रहे जिसमें डकवर्थ लुईस नियम के तहत मैच का नतीजा आया था.

सेमीफाइनल मैच में अगर बारिश हो जाए तो एक रिजर्व डे होता है जिस दिन मैच खेला जा सकता है. अगर रिजर्व डे वाले दिन भी बारिश जारी रहती है तो लीग मैच में जिस टीम के पॉइंट्स अधिक होंगे वह टीम फाइनल में पहुंचेगी. फाइनल मैच में अगर बारिश हो जाए तो एक रिज़र्व दिन होता है जिस दिन मैच खेला जा सकता है. अगर रिजर्व वाले दिन भी बारिश आएगी तो फाइनल में पहुंची दोनों टीम ट्रॉफी शेयर करेगी. फाइनल मैच अगर टाई होता है तो सुपर ओवर से निर्णय लिया जाएगा.

वर्ल्ड कप के इतिहास में यह पहली बार है जब एक टूर्नामेंट में 4 मैच बारिश के कारण रद्द हो गए हों. इससे पहले 1992 और 2003 वर्ल्ड कप में बारिश की वजह से दो मैच रद्द हो गए थे. लगातार बारिश से मैच में खलल को लेकर आईसीसी के सीईओ डेविड रिचर्डसन ने कहा था, “वर्ल्ड कप में हरेक मैच के लिए एक रिजर्व दिन रखना टूर्नामेंट को बहुत लंबा कर देगा और व्यावहारिक तौर पर इसे इम्प्लीमेंट करना बहुत पेचीदा होगा.

इस बात की भी कोई गारंटी नहीं है कि रिजर्व वाले दिन बारिश न हो. वर्ल्ड कप में एक मैच करवाने में करीब 1200 से अधिक लोग साइट पर होते हैं. ऐसे में रिजर्व-डे रखने के लिए कर्मचारियों की संख्या में भी बढ़ोतरी करनी होगी. यह जानते हुए कि वर्ल्ड कप में 45 ग्रुप मैच खेले जाने हैं, नॉक-आउट मैचों (सेमीफाइनल और फाइनल) के लिए पहले ही एक दिन रिजर्व रखा गया है.