विराट के प्लान से कैसे चारों खाने चित हुआ दक्षिण अफ्रीका?

मैच के चौथे दिन टीम इंडिया के पास 71 रन की बढ़त थी. दूसरी पारी में विराट कोहली ने अपने बल्लेबाजों को तेजी से रन जोड़ने के लिए कहा. ये विराट के ही फैसले का असर था कि संभलकर बल्लेबाजी करने वाले चेतेश्वर पुजारा भी तेज बल्लेबाजी करते दिखे.

विशाखापत्तनम टेस्ट में एक वक्त मैच का नतीजा निकलना मुश्किल लग रहा था, लेकिन विराट कोहली को जीत के अलावा कुछ और मंजूर नहीं था. विराट ने कुछ ऐसे फैसले लिए जिससे टीम इंडिया की जीत मुमकिन हो गई.

विशाखापत्तनम टेस्ट में 203 रनों की इस शानदार जीत की ताबीर नहीं लिखी जाती अगर विराट कोहली ना होते. जिस मैच की पहली पारी में टीम इंडिया ने 502 रन और दक्षिण अफ्रीका ने 431 रन बना लिए हों, उस मैच में हार जीत का फैसला सिर्फ कप्तान के बड़े फैसले से ही हो सकता था और वही किया विराट कोहली ने.

मैच के चौथे दिन टीम इंडिया के पास 71 रन की बढ़त थी. दूसरी पारी में विराट कोहली ने अपने बल्लेबाजों को तेजी से रन जोड़ने के लिए कहा. ये विराट के ही फैसले का असर था कि संभलकर बल्लेबाजी करने वाले चेतेश्वर पुजारा भी तेज बल्लेबाजी करते दिखे. जडेजा को भी पहले बल्लेबाजी करने के लिए उतरे और 32 गेंद पर 40 रन बनाए.

विराट और रहाणे ने भी चौके छक्के लगाए. टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने 4.8 के रनरेट से सिर्फ 67 ओवर में ही 323 रन बना डाले. इतनी तेजी से रन बनाने का एक ही मकसद था. अपने गेंदबाजों को 10 विकेट हासिल करने के लिए कम से कम 100 ओवर देना. विराट का ये फैसला बेहद कारगर साबित हुआ. चौथे दिन टीम इंडिया 9 ओवर गेंदबाजी की और दक्षिण अफ्रीका का एक विकेट हासिल किया. मैच के पांचवें दिन टीम इंडिया को जीत के लिए 9 विकेट चाहिए थे.

मोहम्मद शमी पहली पारी में सफल नहीं रहे थे लेकिन दूसरी पारी में विराट ने शमी पर ज्यादा भरोसा करते हुए उनसे ज्यादा गेंदबाजी कराई और शमी ने भी विराट के भरोसो को सही ठहराया. विराट ने गेंदबाजों को सिर्फ विकेट पर गेंदबाजी करने की सलाह दी और गेंदबाजों ने गेंद स्टंप टू स्टंप रखा. नतीजा दक्षिण अफ्रीका के पांच बल्लेबाज बोल्ड हुए. जबकि तीन बल्लेबाज एलबीडब्ल्यू हुए और पहली पारी में 400 का आंकड़ा पार करने वाली टीम दूसरी पारी में 191 रन पर सिमट गई.

टीम इंडिया के गेंदबाजों ने सिर्फ 2 सेशन में 9 विकेट हासिल किए. ये आसान नहीं था, लेकिन कप्तान विराट ने इसे मुश्किल बनने नहीं दिया. उन्होंने मैच के दौरान दो बार सटीक डीआरएस लिया जिसका फायदा भी टीम इंडिया को मिला. विराट की कप्तानी में ये टीम इंडिया की लगातार तीसरी जीत है. विराट की कप्तानी में टीम इंडिया ने 49 में से 29 मैच में जीत हासिल की है. आंकड़े बताने के लिए काफी हैं कि विराट कोहली को जीत से कम कुछ नहीं चाहिए.

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