India vs West Indies: तिरुवनंतपुरम में ‘विराट’ जीत के 3 ‘प्लान’

टी-20 सीरीज के रोमांचक आगाज के बाद अब सीरीज पर अपनी मुहर लगाना टीम इंडिया का टारगेट है. कप्तान कोहली की शानदार फॉर्म जीत की गांरटी है, तो ये जिम्मेदारी टीम के बाकी खिलाड़ियों पर भी है कि वो अपने प्रदर्शन से विरोधी पर हल्ला बोले.

भारतीय क्रिकेट टीम

टीम इंडिया ने हैदराबाद में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी जीत हासिल की. अब भारत और वेस्टइंडीज के बीच तिरुवनंतपुरम में दूसरा टी-20 मुकाबला खेला जाएगा. ये मुकाबला विराट की टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए बेहद अहम है. साथ ही टीम इंडिया के पास टी-20 सीरीज सील करने का शानदार मौका भी है. विराट कोहली ने इस मौके पर जीत का हैट्रिक लगाने की तैयारी कर ली है. तिरुवनंतपुरम में सीरीज पर कब्जा करना टीम इंडिया का पहला लक्ष्य है. ये जीत तय है और इसकी वजह भी है.

विराट का ‘R फैक्टर’

R फैक्टर यानी कि रोहित और राहुल. तिरुवनंतपुर में एक बार फिर रोहित और राहुल पर टीम की जीत टिकी होगी. राहुल पिछले कुछ वक्त से शानदार फॉर्म में हैं. उन्होंने इस साल 7 मैच में 138 की स्ट्राइक रेट से 254 रन बनाए. विराट के बाद राहुल की बल्लेबाजी औसत टीम में सबसे बेहतर है. ऐसे में राहुल सिर्फ एक मैच के लिए ही नहीं बल्कि टी-20 वर्ल्ड कप के लिए अपनी जगह पक्की कर चुके हैं. दूसरी ओर रोहित शर्मा टी-20 में थोड़ा संघर्ष कर रहे हैं. पिछली 5 में से 4 पारियो में रोहित ने दहाई का आंकड़ा पार नहीं किया. तिरुवनंतपुरम में उनसे बड़ी पारी की उम्मीद है.

विराट का रिकॉर्ड फैक्टर

लगभग 13 महीनों से कप्तान विराट के लिए टी-20 सीरीज उतनी कामयाबी भरी नहीं रही है. विराट की कप्तानी में टीम इंडिया ने पिछली 4 में से सिर्फ 1 टी-20 सीरीज पर कब्जा किया है. 2 सीरीज ड्रॉ रहीं. इसी साल ऑस्ट्रेलिया, भारत में टी-20 सीरीज जीता. यही वजह है कि तिरुवनंतपुरम में विराट मैच जीतकर पहले टी-20 सीरीज पर कब्जा करना चाहेंगे. यानी कि यहां टी-20 वर्ल्ड कप के लिए प्रयोग की गुंजाइश कम है.

ये भी बता दें कि टीम इंडिया के पास वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार 8वां मैच जीतने का मौका होगा. वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम इंडिया ने अबतक लगातार 7 मैच जीते हैं. टीम इंडिया, कैरिबायाई टीम के खिलाफ पिछली 2 सीरीज भी अपने नाम कर चुकी है. यानी की तिरुवनंतपुरम में जीते तो सीरीज जीतने की हैट्रिक लग सकती है.

विराट कोहली ने जिस तरह से लक्ष्य का पीछा किया वो बताता है कि वो कितना कैल्क्यूलेट करके खेलते हैं. अब आपको बतातें है कि विराट क्यों दुनिया के सबसे बेहतरीन रन चेजर माने जाते हैं. अंतर्राष्ट्रीय टी-20 में लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली की बल्लेबाजी औसत 86.76 की है. पहले बल्लेबाजी करने पर विराट ने 33.4 की औसत से रन बनाए हैं. लेकिन जिन मैच में लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत मिली है उसमें तो विराट कोहली के आसपास भी कोई नहीं हैं.

जिन मैचों में टीम इंडिया को लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत मिली उसमें विराट कोहली ने 120.9 की औसत से 1209 रन बनाए. विराट के 23 में से 13 अर्धशतक ऐसी पारियों में ही आए हैं. सिर्फ इतना ही नहीं विराट कोहली ने टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा मैन ऑफ द मैच जीतने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. विराट के नाम 12 मैन ऑफ द मैच हैं और इतने ही मैन ऑफ द मैच अफगानिस्तान के मोहम्मद नबी के नाम है.

विराट का एंग्री यंग मैन फैक्टर

हैदराबाद में वेस्टइंडीज के गेंदबाज विलियम्स ने विराट को गुस्सा दिलाकर अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार ली. हैदराबाद में विराट ने 50 गेंद पर 94 रन बनाकर मैच जिताया था, अब तिरुवनंतपुरम में भी विराट का वही आक्रामक अंदाज देखने को मिल सकता है. क्योंकि विराट इतनी जल्दी विरोधी को माफ करने वालों में से नहीं हैं.

टी-20 सीरीज के रोमांचक आगाज के बाद अब सीरीज पर अपनी मुहर लगाना टीम इंडिया का टारगेट है. कप्तान कोहली की शानदार फॉर्म जीत की गांरटी है, तो ये जिम्मेदारी टीम के बाकी खिलाड़ियों पर भी है कि वो अपने प्रदर्शन से विरोधी पर हल्ला बोले.

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